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ट्रक में फंस कर टूटा तार व खंभा, घंटों बिजली गुल
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गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के सकलेनाबाद के पास सोमवार की देर शाम ओवरलोड ट्रक में फंस कर बिजली का तार विद्युत खंभा गिर पड़ा। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक सहित फरार हो गया। तार-खंभा टूटने की वजह से लाल दरवाजा फीडर की बत्ती गुल हो गई। दर्जनों मुहल्ले पूरी रात जहां अंधेरे में डूबे रहे। वहीं तार और खंभा दुरुस्त करने की वजह से मंगलवार को दिन में भी करीब छह घंटे तक बत्ती गुल रही। इससे लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर सकलेनाबाद मुहल्ला में सोमवार की रात करीब ढाई बजे ओवरलोड ट्रक का ऊपरी हिस्सा एलटी तार में फंस गया। इससे खिंचाव से खंभा सहित तार टूट कर गिर पड़ा। तार ट्रक में फंस कर काफी दूर तक चला गया था। तार-खंभा टूटने की वजह से लालदरवाजा फीडर की बत्ती गुल हो गई। लंका, सकलेनाबाद, तिलकनगर कालोनी, लालदरवाजा, विशेश्वरगंज, मिश्रबाजार, आमघाट कालोनी सहित अन्य कई मुहल्ले अंधेरे में डूब गए। पंखा बंद होते ही गर्मी लगने पर लोग गहरी नींद से जग कर अब-तब बिजली आने का इतंजार करने लगे। इंतजार में सुबह का सूरज निकल गया, लेकिन बिजली का दर्शन नहीं हुआ। सुबह बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद दिन में करीब दो फिर से बिजली गायब हो गई। इससे एक बार फिर से लोगों की परेशानियां बढ़ गई। गर्मी में उलझन के बीच लोग पसीना पोंछते हुए बिजली आने का इंतजार करने लगे। घंटों बाद भी बत्ती न आने पर तमाम लोगों को ईन्वर्टर बैट्री चार्ज न होने से बंद हो गए। बिजली पर आधारित दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। छह घंटा बाद रात में आठ बजे बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर सकलेनाबाद मुहल्ला में सोमवार की रात करीब ढाई बजे ओवरलोड ट्रक का ऊपरी हिस्सा एलटी तार में फंस गया। इससे खिंचाव से खंभा सहित तार टूट कर गिर पड़ा। तार ट्रक में फंस कर काफी दूर तक चला गया था। तार-खंभा टूटने की वजह से लालदरवाजा फीडर की बत्ती गुल हो गई। लंका, सकलेनाबाद, तिलकनगर कालोनी, लालदरवाजा, विशेश्वरगंज, मिश्रबाजार, आमघाट कालोनी सहित अन्य कई मुहल्ले अंधेरे में डूब गए। पंखा बंद होते ही गर्मी लगने पर लोग गहरी नींद से जग कर अब-तब बिजली आने का इतंजार करने लगे। इंतजार में सुबह का सूरज निकल गया, लेकिन बिजली का दर्शन नहीं हुआ। सुबह बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद दिन में करीब दो फिर से बिजली गायब हो गई। इससे एक बार फिर से लोगों की परेशानियां बढ़ गई। गर्मी में उलझन के बीच लोग पसीना पोंछते हुए बिजली आने का इंतजार करने लगे। घंटों बाद भी बत्ती न आने पर तमाम लोगों को ईन्वर्टर बैट्री चार्ज न होने से बंद हो गए। बिजली पर आधारित दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। छह घंटा बाद रात में आठ बजे बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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