{"_id":"5aaea0314f1c1bac758b60c4","slug":"71521393713-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला स्तरीय टीम ने पूर्व चेयरमैन के खिलाफ लगे आरोप की जांच की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला स्तरीय टीम ने पूर्व चेयरमैन के खिलाफ लगे आरोप की जांच की
Updated Sun, 18 Mar 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैदपुर (गाजीपुर)। नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ विभिन्न अनियमितताओं की जांच के लिए रविवार को जिला स्तरीय टीम कार्यालय में जांच के लिए पहुंची। इस दौरान टीम ने अभिलेखों की जांच करने के साथ पूर्व सभासदों से पूछताछ भी की। इस दौरान कई मूल प्रतियां गायब होने पर लिपिक को जमकर फटकार लगाई।
पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर पर तत्कालीन सभासदों द्वारा लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच करने मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव टीम के साथ पहुंचे और अभिलेखों का निरीक्षण किया। इस दौरान तत्कालीन चेयरमैन के समय में नगर पंचायत की तरफ से क्षेत्र के डहरा गांव में कूड़ा डंपिंग के लिए क्रय की गई 70 लाख की ढाई बीघा जमीन से संबंधित फाइल की मूल प्रति नहीं मिली। इस पर संबंधित लिपिक ने सीआरओ को बताया कि मूल फाइल एडीएम कार्यालय में प्रेषित है। जबकि उक्त फाइल वहां भी मौजूद नहीं है, जिस पर सीआरओ ने लिपिक को फटकार लगाते हुए कहा कि जब बेहद जरूरी हो तो स्वयं मूल प्रति लेकर पहुंचे अन्यथा ईओ से प्रमाणित कराकर कहीं भेजने का काम किया जाए। जांच के दौरान सीआरओ ने पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर के कार्यकाल के दौरान जलकल परिसर स्थित ढहाए गए मैरेज हाल, लगभग एक करोड़ में राजमार्ग के किनारे कराए गए नाली पटरी निर्माण कार्य और कूड़ा डंपिंग की जमीन खरीद से जुड़ी फाइलों की जांच की। इस दौरान नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे उक्त मामलों में आरोप लगाने वाले तत्कालीन सभासद रामकुंवर कमलापुरी और राजेश सोनकर से भी सीआरओ ने पूछताछ की। सीआरओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर के कार्यकाल के दौरान क्रय की गई कूड़ा डंपिंग जमीन की खरीद प्रक्रिया दोषपूर्ण पाई गई है। जांच की जा रही है, जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी और शासन को प्रेषित की जाएगी। कूड़ा डंपिंग जमीन की खरीद से संबंधित फाइल की मूल प्रति गायब होने की भी जांच चल रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर ने सभासदों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया।
विज्ञापन
पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर पर तत्कालीन सभासदों द्वारा लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच करने मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव टीम के साथ पहुंचे और अभिलेखों का निरीक्षण किया। इस दौरान तत्कालीन चेयरमैन के समय में नगर पंचायत की तरफ से क्षेत्र के डहरा गांव में कूड़ा डंपिंग के लिए क्रय की गई 70 लाख की ढाई बीघा जमीन से संबंधित फाइल की मूल प्रति नहीं मिली। इस पर संबंधित लिपिक ने सीआरओ को बताया कि मूल फाइल एडीएम कार्यालय में प्रेषित है। जबकि उक्त फाइल वहां भी मौजूद नहीं है, जिस पर सीआरओ ने लिपिक को फटकार लगाते हुए कहा कि जब बेहद जरूरी हो तो स्वयं मूल प्रति लेकर पहुंचे अन्यथा ईओ से प्रमाणित कराकर कहीं भेजने का काम किया जाए। जांच के दौरान सीआरओ ने पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर के कार्यकाल के दौरान जलकल परिसर स्थित ढहाए गए मैरेज हाल, लगभग एक करोड़ में राजमार्ग के किनारे कराए गए नाली पटरी निर्माण कार्य और कूड़ा डंपिंग की जमीन खरीद से जुड़ी फाइलों की जांच की। इस दौरान नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे उक्त मामलों में आरोप लगाने वाले तत्कालीन सभासद रामकुंवर कमलापुरी और राजेश सोनकर से भी सीआरओ ने पूछताछ की। सीआरओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर के कार्यकाल के दौरान क्रय की गई कूड़ा डंपिंग जमीन की खरीद प्रक्रिया दोषपूर्ण पाई गई है। जांच की जा रही है, जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी और शासन को प्रेषित की जाएगी। कूड़ा डंपिंग जमीन की खरीद से संबंधित फाइल की मूल प्रति गायब होने की भी जांच चल रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर ने सभासदों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया।
विज्ञापन