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बारिश: होमियोपैथिक कालेज परिसर में भरा पानी
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:08 PM IST
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गाजीपुर। शहर के रौजा स्थित होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज परिसर पूरी तरह से झील में तब्दील हो चुका है। यहां चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। आलम यह है कि चिकित्सक अपने कक्ष में भी नहीं जा पा रहे हैं। मजबूरीवश बारामदे में बैठ कर मरीजों की जांच कर रहे हैं।
रौजा पर स्थित गड़ही टेढ़वा दलित बस्ती और होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज में पिछले कई वर्षों से बारिश का पानी जमा होता रहा है। आज तक इसका हल नहीं निकल सका। बीते बुधवार की रात हुई अतिजलवृष्टि से से पानी का इतना दबाव बढ़ गया कि गड़ही पूरी तरह से भर गई और इसके आस-पास के इलाके और कब्रिस्तान में भी पानी फैल गया है। बारिश के पानी से होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज भी जलमग्न हो गया है। पूरा परिसर पानी से लबालब भरा हुआ है। इसका नजारा देखने लायक है। जिस कक्ष में चिकित्सक बैठ कर मरीजों को देखते हैं, वह पानी से घिर चुका है। इससे चिकित्सक कक्षों में नहीं जा पा रहे हैं। वह मुख्य गेट के सामने स्थित बारामदे में बैठ कर मरीजों को देख रहे हैं। जलजमाव की वजह से छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों के साथ ही यहां आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बातचीत में कर्मचारियों का कहना था कि वह पिछले कई वर्षों से बारिश के मौसम में जल-जमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। बावजूद इसका ठोस समाधान नहीं कराया जा रहा है, जिससे हम लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
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रौजा पर स्थित गड़ही टेढ़वा दलित बस्ती और होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज में पिछले कई वर्षों से बारिश का पानी जमा होता रहा है। आज तक इसका हल नहीं निकल सका। बीते बुधवार की रात हुई अतिजलवृष्टि से से पानी का इतना दबाव बढ़ गया कि गड़ही पूरी तरह से भर गई और इसके आस-पास के इलाके और कब्रिस्तान में भी पानी फैल गया है। बारिश के पानी से होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज भी जलमग्न हो गया है। पूरा परिसर पानी से लबालब भरा हुआ है। इसका नजारा देखने लायक है। जिस कक्ष में चिकित्सक बैठ कर मरीजों को देखते हैं, वह पानी से घिर चुका है। इससे चिकित्सक कक्षों में नहीं जा पा रहे हैं। वह मुख्य गेट के सामने स्थित बारामदे में बैठ कर मरीजों को देख रहे हैं। जलजमाव की वजह से छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों के साथ ही यहां आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बातचीत में कर्मचारियों का कहना था कि वह पिछले कई वर्षों से बारिश के मौसम में जल-जमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। बावजूद इसका ठोस समाधान नहीं कराया जा रहा है, जिससे हम लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
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