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Ghazipur News: काल बनकर खड़े 10 विभागों के 541 जर्जर भवन, अधिकारों ने आंखें मूंदीं

Tue, 25 Aug 2026 01:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:41 AM IST
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541 dilapidated buildings of 10 departments standing in ruins, rights turned a blind eye
सिगेंरा गांव स्थित पशु सेवा केंद्र का जर्जर भवन। संवाद
गाजीपुर। जनपद में 10 विभागों के 541 जर्जर भवन हैं। आए दिन हो रही बरसात में ये कब गिर जाएं, कुछ पता नहीं। जिला प्रशासन ने भी विभागों को एडवाइजरी जारी की है। लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मानों आंखें ही मूंद ली हों। न तो उन्होंने मरम्मत कराना उचित समझा, न ही मौके पर जाकर चेतावनी बोर्ड लगवाए। इस लापरवाही के कारण सरकारी जर्जर भवन काल बनकर खड़े हैं। इन भवनों के आसपास से गुजरने वाले लोग हमेशा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। इतना ही नहीं इन भवनों में काम करने वाले कर्मचारी भी खुद की सुरक्षा के प्रति चिंतित रहते हैं।
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जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई थी कि संबंधित जर्जर भवनों के पास सुरक्षा व चेतावनी से संबंधित इंतजाम किए जाए। निरीक्षण के साथ ही मरम्मत व जरूरत होने पर ध्वस्त कराया जाए। अगर जर्जर भवनों के गिरने से कोई जनहानि होती है तो विभागीय कार्रवाई के साथ ही निलंबन भी किया जाए। यह निर्देश शिक्षा से लेकर बाल विकास एवं पुष्टाहार, पशु पालन, कृषि, साधन सहकारी समिति, स्वास्थ्य आदि विभागों को दिए गए।
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केस एक
शहर में डीएम कार्यालय से करीब 500 मीटर दूर जिला आपूर्ति, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण, सहायक चकबंदी अधिकारी, खाद्य विपणन अधिकारी का भवन जर्जर हो चुका है। किसी भवन के छत के प्लास्टर उखड़ चुके हैं तो किसी की दीवारें दरक रही हैं।
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केस दो
भिखीचौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय, पशु सेवा केंद्र सिंगेरा, साधन सहकारी समिति जखनिया आदि के भवन खस्ताहाल हैं। बारिश में इनके दरकने का डर सता रहा है। इनके आसपास से लोग आवागमन भी करते हैं। ऐसे में इनके एकाएक दरकने से हादसा हो सकता है।
-- जिले में कई विभागों के भवन जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में उन रास्तों से गुजरने में हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। संबंधित विभागों को कम से कम चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए। - अशोक सिंह, सुहवल
तात्कालिक तौर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को जर्जर भवनों के मरम्मत का कार्य कराना चाहिए। इससे सबको सहूलियत मिलेगी। डर भी नहीं लगेगा।- अशोक यादव, मदरा
वर्तमान में लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में जर्जर भवनों के दरकने का डर हमेशा बना रहता है। ऐसे में सुरक्षा से संबंधित कदम उठाने चाहिए। - तिवारी यादव, युवराजपुर

--- इन विभागों के भवन जर्जर
-जर्जर स्कूल भवन - 483
-जर्जर साधन सहकारी समिति - 30
-जर्जर राजकीय पशु अस्पताल - 13
-आंगनबाड़ी केंद्र का भवन - 9
-जिला पूर्ति विभाग कार्यालय - 1
-जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय - 1
- सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय - 1
-खाद्य विपण अधिकारी कार्यालय -1
-क्षेत्रीय ग्राम्य विकास कार्यालय - 1
- पशु सेवा केंद्र सिंगेरा - 1
---------
जिला प्रशासन का निर्देश जारी होने के बाद जर्जर साधन सहकारी समितियों की मरम्मत को लेकर शासन को बजट के लिए पत्र लिखा गया है।- विपिन कुमार सिंह, एआर कोआपरेटिव जर्जर पशु अस्पतालों व पशु सेवा केंद्र को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है। बजट आने के बाद मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा। - डॉ. आरके गौतम, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी लोक निर्माण विभाग के माध्यम से रिपोर्ट ली जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद जिस श्रेणी में घोषित किया जाएगा, उस हिसाब से शासन से बजट की मांग की जाएगी। - अनंत प्रताप सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी

सिगेंरा गांव स्थित पशु सेवा केंद्र का जर्जर भवन। संवाद

सिगेंरा गांव स्थित पशु सेवा केंद्र का जर्जर भवन। संवाद

सिगेंरा गांव स्थित पशु सेवा केंद्र का जर्जर भवन। संवाद

सिगेंरा गांव स्थित पशु सेवा केंद्र का जर्जर भवन। संवाद

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