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आसान नहीं होगा परीक्षा पूर्व कोर्स पूरा कर पाना
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:24 PM IST
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गाजीपुर। जिले में संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कोर्स अभी पूरा भी नहीं हुआ है जबकि अर्द्धवार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम (26 अक्तूबर से 3 नवंबर) घोषित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी होते ही अधूरे कोर्स वाले विद्यालयों के शिक्षकों की बेचैनी बढ गई है। कई विद्यालयों में प्रमुख विषय विज्ञान, गणित, हिंदी संस्कृत और सामाजिक विषय का कोर्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा के हिसाब से पूर्ण नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में छात्रों को बिना पढे़ कई प्रश्नों का हल लिखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
जिले में संचालित 1953 प्राथमिक और 802 उच्च प्राथमिक विद्यालय परिषदीय हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मान्यता प्राप्त एडेड और वित्तविहीन स्कूलों की संख्या भी है। इन विद्यालयों में लगभग तीन लाख छात्र अध्ययनरत हैं। इन सभी विद्यालयों के छात्रों की परीक्षा एक साथ होगी। जहां तक कोर्स को पूर्ण करने की बात है प्राथमिक स्तर पर कई विद्यालयों में सामाजिक विषय, हिंदी, विज्ञान और गणित विषय का कोर्स पिछड़ा हुआ है। जबकि अन्य विषयों का कोर्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा की दृष्टि से पूरा है। उधर उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कोर्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा की दृष्टि से पूरा होने में एक पखवारे से अधिक का समय लग सकता है। इस स्तर पर भी विज्ञान, गणित, हिंदी, संस्कृत और सामाजिक विषय का कोर्स पिछड़ा हुआ है। इस संबंध में कई शिक्षकों का कहना है कि अप्रैल माह से सत्र जरूर शुरू हुआ है लेकिन बीच में इतनी छुट्टियां पड़ीं कि उसके चलते कोर्स को पूर्ण करने का समय नहीं मिला। अगर एक पखवारे का समय मिलता तो यह अधूरा कोर्स अवश्य पूरा हो जाता। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि परीक्षा से पूर्व सभी विषयों का कोर्स पूरा कराने का निर्देश दिया गया हैै।
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जिले में संचालित 1953 प्राथमिक और 802 उच्च प्राथमिक विद्यालय परिषदीय हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मान्यता प्राप्त एडेड और वित्तविहीन स्कूलों की संख्या भी है। इन विद्यालयों में लगभग तीन लाख छात्र अध्ययनरत हैं। इन सभी विद्यालयों के छात्रों की परीक्षा एक साथ होगी। जहां तक कोर्स को पूर्ण करने की बात है प्राथमिक स्तर पर कई विद्यालयों में सामाजिक विषय, हिंदी, विज्ञान और गणित विषय का कोर्स पिछड़ा हुआ है। जबकि अन्य विषयों का कोर्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा की दृष्टि से पूरा है। उधर उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कोर्स अर्द्धवार्षिक परीक्षा की दृष्टि से पूरा होने में एक पखवारे से अधिक का समय लग सकता है। इस स्तर पर भी विज्ञान, गणित, हिंदी, संस्कृत और सामाजिक विषय का कोर्स पिछड़ा हुआ है। इस संबंध में कई शिक्षकों का कहना है कि अप्रैल माह से सत्र जरूर शुरू हुआ है लेकिन बीच में इतनी छुट्टियां पड़ीं कि उसके चलते कोर्स को पूर्ण करने का समय नहीं मिला। अगर एक पखवारे का समय मिलता तो यह अधूरा कोर्स अवश्य पूरा हो जाता। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि परीक्षा से पूर्व सभी विषयों का कोर्स पूरा कराने का निर्देश दिया गया हैै।
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