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जाम में पसीना बहाते रहे राहगीर
Updated Sun, 04 Feb 2018 11:52 PM IST
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दिलदारनगर (गाजीपुर)।
बड़ी नहर पुलिया स्थित चौमुहानी की पहचान अब जाम स्थल के रूप में होने लगी है। रविवार को दिन में 11 से लेकर एक बजे तक राहगीर जाम में पसीना बहाते रहे। बड़ी नहर पुलिया के पास स्थित चौमुहानी से होकर दिलदारनगर रेलवे स्टेशन, जिला मुख्यालय, भदौरा सहित जमानिया आने-जाने वालों का आवागमन होता है। इससे इस चौमुहानी पर हर समय यातायात का दबाव बना रहता है।
अधिकांश समय ऐसा होता है कि चौमुहानी से आमने-सामने निकलने के दौरान चार पहिया वाहनों की रफ्तार धीमी होने और कभी-कभार आमने-सामने फंसते ही अन्य वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग जाता है और देखते ही देखते वाहनों की लाइन लग जाती है। कुछ ही देर में इस कदर जाम लग जाता है कि वाहनों की कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी भीड़ से निकलने में सोचना पड़ता है। चौराहा पर रविवार की सुबह करीब 11 बजे जाम का झाम शुरु हो गया। कुछ ही देर में लंबा जाम लग गया। चार पहिया सहित बाइक और पैदल आवागमन करने वाले जाम में फंस गए। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में कहासुनी होने लगी। दो घंटा बाद दिन में एक बजे जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। बड़ी नहर पुलिया के पास मानव रहित रेलवे क्रासिंग भी है। दिलदारनगर-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन इस क्रासिंग से तीन बार आती और जाती है। इस दौरान वाहनों की लाइन लगने से जाम लग जाता है। ट्रेन के गुजरने के बाद भी काफी देर तक आवागमन में अवरोध बना रहता है। कभी-कभार इस कदर जाम लग जाता है कि एक से लेकर डेढ़ घंटा तक लोगों को जाम में हांफना पड़ता है।
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बड़ी नहर पुलिया स्थित चौमुहानी की पहचान अब जाम स्थल के रूप में होने लगी है। रविवार को दिन में 11 से लेकर एक बजे तक राहगीर जाम में पसीना बहाते रहे। बड़ी नहर पुलिया के पास स्थित चौमुहानी से होकर दिलदारनगर रेलवे स्टेशन, जिला मुख्यालय, भदौरा सहित जमानिया आने-जाने वालों का आवागमन होता है। इससे इस चौमुहानी पर हर समय यातायात का दबाव बना रहता है।
अधिकांश समय ऐसा होता है कि चौमुहानी से आमने-सामने निकलने के दौरान चार पहिया वाहनों की रफ्तार धीमी होने और कभी-कभार आमने-सामने फंसते ही अन्य वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग जाता है और देखते ही देखते वाहनों की लाइन लग जाती है। कुछ ही देर में इस कदर जाम लग जाता है कि वाहनों की कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी भीड़ से निकलने में सोचना पड़ता है। चौराहा पर रविवार की सुबह करीब 11 बजे जाम का झाम शुरु हो गया। कुछ ही देर में लंबा जाम लग गया। चार पहिया सहित बाइक और पैदल आवागमन करने वाले जाम में फंस गए। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में कहासुनी होने लगी। दो घंटा बाद दिन में एक बजे जाम समाप्त होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। बड़ी नहर पुलिया के पास मानव रहित रेलवे क्रासिंग भी है। दिलदारनगर-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन इस क्रासिंग से तीन बार आती और जाती है। इस दौरान वाहनों की लाइन लगने से जाम लग जाता है। ट्रेन के गुजरने के बाद भी काफी देर तक आवागमन में अवरोध बना रहता है। कभी-कभार इस कदर जाम लग जाता है कि एक से लेकर डेढ़ घंटा तक लोगों को जाम में हांफना पड़ता है।
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