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किसानों ने रुकवाया मार्ग के चौड़ीकरण कार्य
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दिलदारनगर(गाजीपुर)। मुआवजा की मांग को लेकर दिलदारनगर-सरहुला-नगसर मार्ग का चौड़ीकर का कार्य शुरू होते ही दर्जनों किसानों ने विरोध-प्रदर्शन करते करते हुए गुरुवार की सुबह कार्य को रुकवा दिया। मौके पर पहुंचे जेई ने किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान इस जिद्द पर अड़े रहे कि जब मुआवजा नहीं मिलेगा, वह कार्य को नहीं होने देंगे।
दिलदारनगर-सरहुला-नगसर मार्ग का बहुअरा गांव में चौड़ीकर का कार्य गुरुवार को दिन में करीब 11 बजे जेसीबी से शुरु हुआ। इसकी जानकारी होते ही दिलदारनगर, रकसहा, बहुआरा, करमा, सरहुला, गगरन सहित नगसर गांवों के दर्जनों किसान वहां पहुंच गए और मुआवजा की मांग को लेकर कार्य को रुकवाते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरु कर दिया। किसानों ने कहा कि 28 वर्ष पहले दिलदारनगर से सरहुला होते नगसर सड़क मार्ग का निर्माण किसानों के खेतों को लेकर कराया गया था। इसके बदले में मुवावबजा देने की बात कही गई थी, लेकिन पूर्व में कई बार लिखित पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से लगायत जिले के जिलाधिकारी सहित कार्यदायी संस्था निर्माण खंड प्रथम लोक निर्माण विभाग को दिया गया। बावजूद इसके वर्षों बीत जाने के बाद भी अभी तक मुवावजा नहीं मिला और अब उसी सड़क का चौड़ीकरण किसानों के खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर जबरजस्ती किया जा रहा है। इस हम किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं करेंगे। किसान सरफराज खां ने कहा कि सरकार जबरजस्ती कर रही है, लेकिन हम किसानों ने तय कर लिया है कि अपने खेत को काटकर सड़क का चौड़ीकरण नहीं होने देंगे। पहले सरकार मुवावजा दे, उसके बाद कार्य करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। त्रिभुवन सिंह ने कहा कि किसानों के खेतों से सड़क बनाया गया और उस समय वादा किया गया था कि इसके बदले में मुवावजा दिया जाएगा, लेकिन वर्षों बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया और फिर से हमारे खेतों को काटकर चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। यह हम होने नहीं देगे। एक बार किसान धोखा खा चुके है, दोबारा नहीं खाएंगे। इसके लिए किसानों को चाहे अपन जान ही क्यों न देने पड़े। शाम को करीब साढे पांच बजे जेई एसपी सिंह पहुंचे और किसान से वार्ता करते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। जेई ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। उनका जैसा निर्देश होगा, उसी हिसाब से कार्य कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वाले किसानों में नसीम खां, कमला सिंह, इरातफ, नंदलाल सिंह, शेषनाथ यादव, जगदीश सहित दर्जनों किसान शामिल रहे।
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दिलदारनगर-सरहुला-नगसर मार्ग का बहुअरा गांव में चौड़ीकर का कार्य गुरुवार को दिन में करीब 11 बजे जेसीबी से शुरु हुआ। इसकी जानकारी होते ही दिलदारनगर, रकसहा, बहुआरा, करमा, सरहुला, गगरन सहित नगसर गांवों के दर्जनों किसान वहां पहुंच गए और मुआवजा की मांग को लेकर कार्य को रुकवाते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरु कर दिया। किसानों ने कहा कि 28 वर्ष पहले दिलदारनगर से सरहुला होते नगसर सड़क मार्ग का निर्माण किसानों के खेतों को लेकर कराया गया था। इसके बदले में मुवावबजा देने की बात कही गई थी, लेकिन पूर्व में कई बार लिखित पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से लगायत जिले के जिलाधिकारी सहित कार्यदायी संस्था निर्माण खंड प्रथम लोक निर्माण विभाग को दिया गया। बावजूद इसके वर्षों बीत जाने के बाद भी अभी तक मुवावजा नहीं मिला और अब उसी सड़क का चौड़ीकरण किसानों के खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद कर जबरजस्ती किया जा रहा है। इस हम किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं करेंगे। किसान सरफराज खां ने कहा कि सरकार जबरजस्ती कर रही है, लेकिन हम किसानों ने तय कर लिया है कि अपने खेत को काटकर सड़क का चौड़ीकरण नहीं होने देंगे। पहले सरकार मुवावजा दे, उसके बाद कार्य करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे। त्रिभुवन सिंह ने कहा कि किसानों के खेतों से सड़क बनाया गया और उस समय वादा किया गया था कि इसके बदले में मुवावजा दिया जाएगा, लेकिन वर्षों बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया और फिर से हमारे खेतों को काटकर चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। यह हम होने नहीं देगे। एक बार किसान धोखा खा चुके है, दोबारा नहीं खाएंगे। इसके लिए किसानों को चाहे अपन जान ही क्यों न देने पड़े। शाम को करीब साढे पांच बजे जेई एसपी सिंह पहुंचे और किसान से वार्ता करते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। जेई ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। उनका जैसा निर्देश होगा, उसी हिसाब से कार्य कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वाले किसानों में नसीम खां, कमला सिंह, इरातफ, नंदलाल सिंह, शेषनाथ यादव, जगदीश सहित दर्जनों किसान शामिल रहे।
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