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निर्धारित सर्किल रेट एक समान न होने से किसान नाराज
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:13 PM IST
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सुहवल(गाजीपुर)। नई रेल लाइन बिछाने को लेकर किए गए भूमि अधिग्रहण के बाद शासन-प्रशासन की तरफ से निर्धारित सर्किल रेट के एक समान न होने से ग्रामीणों में नाराजगी हैं। रमवल गांव में अगल-बगल के कई गांव के लोगों ने पूर्व ग्राम प्रधान शफीक खां के नेतृत्व में बैठक कर आगे की रणनीति तय की। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान श्री खां ने चेताया कि जब तक संबंधित अधिकारी बिना भेदभाव के सर्किल रेट का निर्धारण कर लिखित तौर पर किसानों को कोई कागजात नहीं सौंपेंगे तब तक हम किसी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।
उन्होंने संबंधित किसानों का आह्वान किया कि हम रेल परियोजना के खिलाफ नहीं हैं। बशर्ते निर्धारित सर्किल रेट की जानकारी लिखित रूप से सार्वजनिक की जाए। कहा कि इसके दायरे में आने वाले रिहाइशी मकानों, कृषि योग्य भूमि, स्कूल-कॉलेज, पेड़ आदि जो आ रहे हैं उसका भी अलग से उचित दर निर्धारित कर संबंधित को दिया जाए। प्रशासन एवं रेल विभाग जानबूझकर रेट को सार्वजनिक नहीं कर रहा है, जिससे उनकी मंशा पर पूरी तरह से संदेह में है। बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका आशियाना पूरी तरह से इस परियोजना के दायरे में आने से वह खुले आसमान के नीचे आ जाएंगे। इसलिए सबसे पहले रिहाइशी आवास वालों के लिए जमीन चिन्हीकरण कर उनके लिए एक-एक आवास भी बनवाया जाए ताकि वह परिवार समेत सुरक्षित रह सकें। इस मौके पर गिल्लू यादव, कैलाश बिंद, कुवंर बिंद, शेषनाथ कुशवाहा, अजीत सिंह, फिरोज खां, एजाज, इश्तियाक खां, रमाशंकर यादव, कमलेश्वर, शिवमूरत आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने संबंधित किसानों का आह्वान किया कि हम रेल परियोजना के खिलाफ नहीं हैं। बशर्ते निर्धारित सर्किल रेट की जानकारी लिखित रूप से सार्वजनिक की जाए। कहा कि इसके दायरे में आने वाले रिहाइशी मकानों, कृषि योग्य भूमि, स्कूल-कॉलेज, पेड़ आदि जो आ रहे हैं उसका भी अलग से उचित दर निर्धारित कर संबंधित को दिया जाए। प्रशासन एवं रेल विभाग जानबूझकर रेट को सार्वजनिक नहीं कर रहा है, जिससे उनकी मंशा पर पूरी तरह से संदेह में है। बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका आशियाना पूरी तरह से इस परियोजना के दायरे में आने से वह खुले आसमान के नीचे आ जाएंगे। इसलिए सबसे पहले रिहाइशी आवास वालों के लिए जमीन चिन्हीकरण कर उनके लिए एक-एक आवास भी बनवाया जाए ताकि वह परिवार समेत सुरक्षित रह सकें। इस मौके पर गिल्लू यादव, कैलाश बिंद, कुवंर बिंद, शेषनाथ कुशवाहा, अजीत सिंह, फिरोज खां, एजाज, इश्तियाक खां, रमाशंकर यादव, कमलेश्वर, शिवमूरत आदि उपस्थित थे।
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