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नगर में जर्जर पाइप लाइनों से हो रही जलापूर्ति
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गाजीपुर। सबसे पुरानी नगर पालिका गाजीपुर में जलापूर्ति व्यवस्था पुरानी जर्जर पाइप लाइनों के सहारे चल रही है। लोहे की पाइप जगह- जगह टूटने से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। आलम यह है कि 100 साल पहले लगी जर्जर पाइप लाइनों से दूषित जलापूर्ति हो रही है। इसकी वजह से नागरिक संक्रमण से ग्रसित हो रहे हैं। ज्यादातर लोग जर्जर पाइप से हो रही जलापूर्ति का पानी न पीकर हैंडपंप का पानी पीना बेहतर समझ रहे हैं।
नगर पालिका की स्थापना वर्ष 1838 में हुई थी। इसमें 25 वार्डों में लगभग दो लाख की आबादी रहती है। इसमें दुकानों के अलावा सैकड़ों आवासीय भवन हैं। वार्ड के लोगों को जलापूर्ति के लिए शहरी पेयजल योजना के तहत वर्ष 1915 में लोहे की पाइप बिछाई गई। यह पाइप जंग लगने तथा जर्जर होने से जगह-जगह लीकेज हो गई है। इससे दूषित पेयजल की आपूर्ति होने से लोग आंदोलन करने को उतारू हैं। बावजूद इसके लोहे की पाइपों से ही जलापूर्ति की जा रही है। अब यह पाइप लाइन अधिकतर जगहों पर टूट गई है। टूटी पाइपों के सहारे नाली का गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति न होने से लोगों को हैंडपंपों का भी सहारा लेना पड़ रहा है। देखा जाए तो अब गर्मी ने दस्तक दे दी है, लेकिन वार्ड में लगे कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। नागरिकों ने इसकी कई बार शिकायत भी की, लेकिन मरम्मत नहीं किया गया। कई मुहल्लों में नागरिकों ने समय-समय पर जिलाधिकारी समेत अन्य अफसरों को पत्रक भी सौंपा। इसका असर यह रहा कि नगर पालिका ने वर्ष 2012 से अमृत जल योजना के तहत कुछ वार्डों तथा नई कालोनियों में प्लास्टिक की पाइपों को बिछाने का कार्य आरंभ कर दिया है। नगरवासियों की मानें तो पाइप लीक होने के कारण नागरिकों को प्रदूषित जलापूर्ति की जा रही है, जिससे लोग संक्रामक रोग से ग्रसित हो जा रहे हैं। नगर पालिका में नई पाइप लाइन बिछाने की योजना अभी तक स्वीकृत नहीं हुई है। आपूर्ति के समय पाइप लाइनों से पानी बाहर रिसने लगता है और बंद होने पर लीकेज के रास्ते कचरा और नाली का गंदा पानी पाइप लाइन में चला जाता है। कभी- कभी तो कीड़े भी टोंटी के रास्ते निकलते हैं। नगर के टाउन हाल, लकड़ी के टाल, मिश्र बाजार, तुलसीया पुल, गोराबाजार आदि मुहल्लों में यह समस्या आमतौर पर है। लोग अविलंब नई पाइप लाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं।
कासिमाबाद। कासिमाबाद-गाजीपुर मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास मेन सप्लाई का पानी लीक होने की वजह से सड़क पर पानी फैला रहता है। दूसरी तरफ पानी बर्बाद होने की वजह से कई गांवों के सैकड़ों घरों में पानी नहीं पहुंच पाता। इससे आम जनता नाराज है। पाइप लाइन स्थानीय चौक से घूम कर मिर्जापुर, मेख तथा शेखनपुर गांव तक जाती है।
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दुल्लहपुर। क्षेत्र के जलालाबाद के शहीद चौक और अंबेडकर चौक के पास करीब एक सप्ताह से पेयजल की पाइप फट जाने से रोजाना बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होकर सड़कों पर बह रहा है। घरों में पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा है। बार-बार जानकारी दिए जाने के बाद भी अधिकारी इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे नाराज होकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आंबेडकर पार्क पर प्रदर्शन किया तथा इसे तत्काल ठीक कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि जलालाबाद गांव की आबादी करीब 25 हजार है। इस गांव में पेयजल सुविधा के लिए तीन दशक पूर्व पानी टंकी का निर्माण कराया गया। इससे आपूर्ति की जाती है। इधर एक साल से आए दिन कहीं न कहीं पाइप लीकेज होती रहती है। इससे बड़े पैमाने पर पानी बर्बाद होता है। एक सप्ताह से जलालाबाद के शहीद चौक और आंबेडकर चौक के पास पाइप लीकेज है, जिससे कई गैलन पानी बर्बाद हो रहा है। लीकेज होने से जलापूर्ति का पानी दूषित हो रहा है तथा कई घरों में पानी नही पहुंच रहा है। लगातार पानी गिरने से जलालाबाद- मरदह मार्ग भी जलमग्न हो गई है। इस पर कीचड़ हो गया है जिससे राहगीरों तथा वाहन स्वामियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हुआ। इस मौके पर बच्चा वर्मा, मधुसूदन मद्धेशिया, रामप्रवेश राम, राहुल साहनी, गोलू गुप्ता, सोनू जलालाबादी, अवधेश, राम प्रसाद राम, अंगद राम, दीपक कुमार ,हरिश्चंद्र कुमार, राजू कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
(फोटो)
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नगर पालिका की स्थापना वर्ष 1838 में हुई थी। इसमें 25 वार्डों में लगभग दो लाख की आबादी रहती है। इसमें दुकानों के अलावा सैकड़ों आवासीय भवन हैं। वार्ड के लोगों को जलापूर्ति के लिए शहरी पेयजल योजना के तहत वर्ष 1915 में लोहे की पाइप बिछाई गई। यह पाइप जंग लगने तथा जर्जर होने से जगह-जगह लीकेज हो गई है। इससे दूषित पेयजल की आपूर्ति होने से लोग आंदोलन करने को उतारू हैं। बावजूद इसके लोहे की पाइपों से ही जलापूर्ति की जा रही है। अब यह पाइप लाइन अधिकतर जगहों पर टूट गई है। टूटी पाइपों के सहारे नाली का गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति न होने से लोगों को हैंडपंपों का भी सहारा लेना पड़ रहा है। देखा जाए तो अब गर्मी ने दस्तक दे दी है, लेकिन वार्ड में लगे कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। नागरिकों ने इसकी कई बार शिकायत भी की, लेकिन मरम्मत नहीं किया गया। कई मुहल्लों में नागरिकों ने समय-समय पर जिलाधिकारी समेत अन्य अफसरों को पत्रक भी सौंपा। इसका असर यह रहा कि नगर पालिका ने वर्ष 2012 से अमृत जल योजना के तहत कुछ वार्डों तथा नई कालोनियों में प्लास्टिक की पाइपों को बिछाने का कार्य आरंभ कर दिया है। नगरवासियों की मानें तो पाइप लीक होने के कारण नागरिकों को प्रदूषित जलापूर्ति की जा रही है, जिससे लोग संक्रामक रोग से ग्रसित हो जा रहे हैं। नगर पालिका में नई पाइप लाइन बिछाने की योजना अभी तक स्वीकृत नहीं हुई है। आपूर्ति के समय पाइप लाइनों से पानी बाहर रिसने लगता है और बंद होने पर लीकेज के रास्ते कचरा और नाली का गंदा पानी पाइप लाइन में चला जाता है। कभी- कभी तो कीड़े भी टोंटी के रास्ते निकलते हैं। नगर के टाउन हाल, लकड़ी के टाल, मिश्र बाजार, तुलसीया पुल, गोराबाजार आदि मुहल्लों में यह समस्या आमतौर पर है। लोग अविलंब नई पाइप लाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं।
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कासिमाबाद। कासिमाबाद-गाजीपुर मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास मेन सप्लाई का पानी लीक होने की वजह से सड़क पर पानी फैला रहता है। दूसरी तरफ पानी बर्बाद होने की वजह से कई गांवों के सैकड़ों घरों में पानी नहीं पहुंच पाता। इससे आम जनता नाराज है। पाइप लाइन स्थानीय चौक से घूम कर मिर्जापुर, मेख तथा शेखनपुर गांव तक जाती है।
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दुल्लहपुर। क्षेत्र के जलालाबाद के शहीद चौक और अंबेडकर चौक के पास करीब एक सप्ताह से पेयजल की पाइप फट जाने से रोजाना बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होकर सड़कों पर बह रहा है। घरों में पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा है। बार-बार जानकारी दिए जाने के बाद भी अधिकारी इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे नाराज होकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आंबेडकर पार्क पर प्रदर्शन किया तथा इसे तत्काल ठीक कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि जलालाबाद गांव की आबादी करीब 25 हजार है। इस गांव में पेयजल सुविधा के लिए तीन दशक पूर्व पानी टंकी का निर्माण कराया गया। इससे आपूर्ति की जाती है। इधर एक साल से आए दिन कहीं न कहीं पाइप लीकेज होती रहती है। इससे बड़े पैमाने पर पानी बर्बाद होता है। एक सप्ताह से जलालाबाद के शहीद चौक और आंबेडकर चौक के पास पाइप लीकेज है, जिससे कई गैलन पानी बर्बाद हो रहा है। लीकेज होने से जलापूर्ति का पानी दूषित हो रहा है तथा कई घरों में पानी नही पहुंच रहा है। लगातार पानी गिरने से जलालाबाद- मरदह मार्ग भी जलमग्न हो गई है। इस पर कीचड़ हो गया है जिससे राहगीरों तथा वाहन स्वामियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हुआ। इस मौके पर बच्चा वर्मा, मधुसूदन मद्धेशिया, रामप्रवेश राम, राहुल साहनी, गोलू गुप्ता, सोनू जलालाबादी, अवधेश, राम प्रसाद राम, अंगद राम, दीपक कुमार ,हरिश्चंद्र कुमार, राजू कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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