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राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजना अधर में लटकी
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गाजीपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत दर्जन भर गांवों को नियमित एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार की गई 399.58 लाख की पेयजल योजना छह वर्ष से अधर में लटकी हुई है। इसे वर्ष 2013 में शासन ने स्वीकृति दी थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका। देखा जाए तो पिछले कई वर्षों में यह परियोजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। वर्ष 2019 में योजना पर कार्य तेजी से आरंभ हुआ और किसी तरह एक परियोजना को पूर्ण किया गया है। जबकि 13 परियोजनाएं अब भी अधर में लटकी हुई हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजना के तहत जिले के चौबेपुर, दुल्हपुर, ताजपुर कुर्रा, मनिया, रक्सहां, फुल्ली, बरूईन, कालूपुर, कल्याणपुर, छपरी, युसूफपुर, रानीपुर, चकफरीब तथा कठार गांव में पानी की टंकी का निर्माण, पाइप लाइन बिछाने, नलकूप की बोरिंग करने तथा स्टाफ रूम बनाने के साथ ही अन्य कार्य किए जाने थे। इसे लिए शासन स्तर से वर्ष 2013-14 और 15-16 में कुल 399.58 लाख रुपये स्वीकृत किया गया, लेकिन पहली किस्त के रूप में केवल चौबेपुर गांव के लिए 233.87 लाख रुपये ही अवमुक्त किए गए। धन मिलने के बाद जल निगम ने इस गांव में पेयजल योजना के सारे कार्य पूर्ण करा दिए। यहां पाइप लाइन बिछाने के साथ ही, पानी टंकी का निर्माण करा दिया गया है। नलकूप की बोरिंग के साथ ही स्टाफ रूम भी तैयार हो गया है, लेकिन अभी भी गांव में जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसी प्रकरण बाकी बचे गांवों में राष्ट्रीय ग्रामीण परियोजना कब मूर्त रूप लेगी, यह कहना मुश्किल है। हालांकि गांव के लोगों ने जब इस परियोजना के बारे में सुना और जाना था तो उनके मन में इस बात की खुशी थी कि अब शुद्ध पेयजल उन्हें पीने को मिलेगा लेकिन पिछले कई सालों से वह इस परियोजना के पूर्ण होने का इंतजार कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं पर कार्य कराए जा रहे हैं। वर्तमान में बजट के अभाव में रुका है, लेकिन कार्य निश्चित रूप से पूरा होगा।
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राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजना के तहत जिले के चौबेपुर, दुल्हपुर, ताजपुर कुर्रा, मनिया, रक्सहां, फुल्ली, बरूईन, कालूपुर, कल्याणपुर, छपरी, युसूफपुर, रानीपुर, चकफरीब तथा कठार गांव में पानी की टंकी का निर्माण, पाइप लाइन बिछाने, नलकूप की बोरिंग करने तथा स्टाफ रूम बनाने के साथ ही अन्य कार्य किए जाने थे। इसे लिए शासन स्तर से वर्ष 2013-14 और 15-16 में कुल 399.58 लाख रुपये स्वीकृत किया गया, लेकिन पहली किस्त के रूप में केवल चौबेपुर गांव के लिए 233.87 लाख रुपये ही अवमुक्त किए गए। धन मिलने के बाद जल निगम ने इस गांव में पेयजल योजना के सारे कार्य पूर्ण करा दिए। यहां पाइप लाइन बिछाने के साथ ही, पानी टंकी का निर्माण करा दिया गया है। नलकूप की बोरिंग के साथ ही स्टाफ रूम भी तैयार हो गया है, लेकिन अभी भी गांव में जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसी प्रकरण बाकी बचे गांवों में राष्ट्रीय ग्रामीण परियोजना कब मूर्त रूप लेगी, यह कहना मुश्किल है। हालांकि गांव के लोगों ने जब इस परियोजना के बारे में सुना और जाना था तो उनके मन में इस बात की खुशी थी कि अब शुद्ध पेयजल उन्हें पीने को मिलेगा लेकिन पिछले कई सालों से वह इस परियोजना के पूर्ण होने का इंतजार कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं पर कार्य कराए जा रहे हैं। वर्तमान में बजट के अभाव में रुका है, लेकिन कार्य निश्चित रूप से पूरा होगा।
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