{"_id":"5bdf2af9bdec2269b3459d4f","slug":"131541352185-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क दुर्घटना में चिकित्सक की मौत, शोक में बंद रही दुकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क दुर्घटना में चिकित्सक की मौत, शोक में बंद रही दुकान
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्मदाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में तैनात चिकित्सक डा. निरंजन प्रसाद की रविवार की सुबह लखनऊ में सड़क हादसे में मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्राइवेट अस्पताल, निजी चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टोर संचालकों ने शोक में अपनी दुकानें और अस्पताल को बंद रखा।
मुहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले 12 वर्ष से तैनात डा. निरंजन प्रसाद गुरुवार को वाराणसी से अपने किसी परिचित की इनोवा कार लेकर परिवार सहित लखनऊ अपने नवनिर्मित आवास पर गए थे। रविवार की भोर में जैसे ही उनकी इनोवा कार गोमती नगर में हाई-वे पर आई, गोसाईगंज थाने के समीप स्थित स्टेडियम के सामने कंटेनर के चालक ने इनोवा को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में डा. निरंजन प्रसाद (42) और उनके चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी स्वेता प्रसाद (40) उनके बड़े पुत्र आर्यन (16) एवं छोटा पुत्र अरनो (12) घायल हो गए। घायलों को लोगों ने डा. राम मनोहर लोहिया हास्पिटल लखनऊ में भर्ती कराया है। छोटे पुत्र अरनो का दोनों पैर फ्रैक्चर हो गया है। जंघे की हड्डी टूट गई है। पत्नी और बड़े बेटे आर्यन को हल्की चोटें आई हैं। डा. निरंजन के मौत की खबर आते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। डा. निरंजन के मृदुभाषी एवं मिलनसार स्वभाव के चलते क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज हास्पिटल से लेकर आवास तक उन्हें घेरे रहते थे। शोक में दवा की दुकानें, प्राइवेट हास्पिटल एवं निजी चिकित्सकों के चेंबर बंद रहे। हालांकि मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लखनऊ के लिए रवाना हुए चिकित्सक
मुहम्मदाबाद। लखनऊ में सड़क दुर्घटना में डा. निरंजन प्रसाद की मौत की खबर मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद के अधीक्षक डा. उमेश कुमार हास्पिटल के अपने अन्य सहयोगी डाक्टरों एवं कर्मियों के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बताया गया है कि लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद शव को वाराणसी लाया जाएगा। डा. निरंजन प्रसाद मूल रूप से बक्सर (बिहार) जिले के हरपुर गांव के निवासी थे। उनके परिजन पटना में मकान बनाकर रहते हैं। 1988 बैच के एमबीबीएस डा. निरंजन प्रसाद वर्ष 2007 से मुहम्मदाबाद सीएचसी पर तैनात थे। अपने दोनों बेटो को भी वह डाक्टर बनाना चाहते थे। इसलिए बड़े बेटे आर्यन के हाईस्कूल पास कर लेने के बाद ही उसेे इंटरमीडिएट की पढाई के साथ ही फाउंडेशन कोर्स करने के लिए कोटा भेज दिये थे। डा. निरंजन प्रसाद 12 वर्ष तक मुहम्मदाबाद में सेवारत्त रहने एवं अपने अच्छे व्यवहार एवं स्वभाव के चलते मरीजो के साथ-साथ अपने सहकर्मियो में भी लोकप्रिय थे।
विज्ञापन
सीएचसी पर पसरा रहा सन्नाटा
मुहम्मदाबाद। डा. निरंजन प्रसाद के निधन का समाचार मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में सन्नाटा पसर गया। हर कोई दुर्घटना के बारे में एक-दूसरे से जानकारी प्राप्त करने में लगा रहा। दवा विक्रेता संध मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष मु. तन्हाई खां ने डा. निरंजन के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि उनके निधन से मुहम्मदाबाद के चिकित्सा जगत को भारी क्षति पहुंची है। बताया कि डा. निरंजन प्रसाद का अंमित संस्कार सोमवार को वाराणसी में होगा। इसी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में आयोजित शोकसभा में उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और उसके बाद हास्पिटल से जुड़े लोग एवं दवा विक्रेता उनके अंमित संस्कार में भाग लेने के लिए वाराणसी जाएंगे।
विज्ञापन
मुहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले 12 वर्ष से तैनात डा. निरंजन प्रसाद गुरुवार को वाराणसी से अपने किसी परिचित की इनोवा कार लेकर परिवार सहित लखनऊ अपने नवनिर्मित आवास पर गए थे। रविवार की भोर में जैसे ही उनकी इनोवा कार गोमती नगर में हाई-वे पर आई, गोसाईगंज थाने के समीप स्थित स्टेडियम के सामने कंटेनर के चालक ने इनोवा को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना में डा. निरंजन प्रसाद (42) और उनके चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी स्वेता प्रसाद (40) उनके बड़े पुत्र आर्यन (16) एवं छोटा पुत्र अरनो (12) घायल हो गए। घायलों को लोगों ने डा. राम मनोहर लोहिया हास्पिटल लखनऊ में भर्ती कराया है। छोटे पुत्र अरनो का दोनों पैर फ्रैक्चर हो गया है। जंघे की हड्डी टूट गई है। पत्नी और बड़े बेटे आर्यन को हल्की चोटें आई हैं। डा. निरंजन के मौत की खबर आते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। डा. निरंजन के मृदुभाषी एवं मिलनसार स्वभाव के चलते क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। प्रतिदिन सैकड़ों मरीज हास्पिटल से लेकर आवास तक उन्हें घेरे रहते थे। शोक में दवा की दुकानें, प्राइवेट हास्पिटल एवं निजी चिकित्सकों के चेंबर बंद रहे। हालांकि मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
लखनऊ के लिए रवाना हुए चिकित्सक
मुहम्मदाबाद। लखनऊ में सड़क दुर्घटना में डा. निरंजन प्रसाद की मौत की खबर मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद के अधीक्षक डा. उमेश कुमार हास्पिटल के अपने अन्य सहयोगी डाक्टरों एवं कर्मियों के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बताया गया है कि लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद शव को वाराणसी लाया जाएगा। डा. निरंजन प्रसाद मूल रूप से बक्सर (बिहार) जिले के हरपुर गांव के निवासी थे। उनके परिजन पटना में मकान बनाकर रहते हैं। 1988 बैच के एमबीबीएस डा. निरंजन प्रसाद वर्ष 2007 से मुहम्मदाबाद सीएचसी पर तैनात थे। अपने दोनों बेटो को भी वह डाक्टर बनाना चाहते थे। इसलिए बड़े बेटे आर्यन के हाईस्कूल पास कर लेने के बाद ही उसेे इंटरमीडिएट की पढाई के साथ ही फाउंडेशन कोर्स करने के लिए कोटा भेज दिये थे। डा. निरंजन प्रसाद 12 वर्ष तक मुहम्मदाबाद में सेवारत्त रहने एवं अपने अच्छे व्यवहार एवं स्वभाव के चलते मरीजो के साथ-साथ अपने सहकर्मियो में भी लोकप्रिय थे।
विज्ञापन
सीएचसी पर पसरा रहा सन्नाटा
मुहम्मदाबाद। डा. निरंजन प्रसाद के निधन का समाचार मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में सन्नाटा पसर गया। हर कोई दुर्घटना के बारे में एक-दूसरे से जानकारी प्राप्त करने में लगा रहा। दवा विक्रेता संध मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष मु. तन्हाई खां ने डा. निरंजन के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि उनके निधन से मुहम्मदाबाद के चिकित्सा जगत को भारी क्षति पहुंची है। बताया कि डा. निरंजन प्रसाद का अंमित संस्कार सोमवार को वाराणसी में होगा। इसी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में आयोजित शोकसभा में उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और उसके बाद हास्पिटल से जुड़े लोग एवं दवा विक्रेता उनके अंमित संस्कार में भाग लेने के लिए वाराणसी जाएंगे।