{"_id":"5bb512b2867a557f24049803","slug":"131538593458-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सराफा कारोबारी हत्याकांड का नहीं मिला क्लू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सराफा कारोबारी हत्याकांड का नहीं मिला क्लू
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। नगर के सराफा कारोबारी सुशील की हत्या व लूट कांड का अभी तक क्लू नहीं मिला है। कातिलों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें जगह-जगह दबिश देने के साथ ही संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। लेकिन 13 दिन बीतने के बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। देखा जाए तो अब तक कारोबारी की हत्या और लूट करने वाले आपराधिक गैंग का पता लगाने में पुलिस नाकाम है। ऐसे में जहां कारोबारियों में आक्रोश गहराता जा रहा है, वहीं मृतक के परिजनों में भी निराशा बढ़ जा रही है। लोगों में इस बात की चर्चा हो रही है कि नगर के बीचोबीच इस वारदात को अंजाम देने वाले गैँग तक पुलिस अभी तक पहुंच नहीं पाई है।
नगर के सनबाजार (किलोकोहना) निवासी सुरेश वर्मा के पुत्र सुशील वर्मा (32) की नगर के स्टेशन रोड में सराफा की दुकान है। रोज की तरह वह बीते 21 सितंबर की मुहर्रम के दिन दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहा था। इसी बीच रात करीब नौ बजे टैक्सी स्टैंड स्थित भाजपा कार्यालय के पास स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर खड़ा होकर शराब लेते समय अज्ञात हदमाशों ने पीछे से उसके सिर में गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद जहां नगरवासियों में सनसनी फैली हुई है, वहीं पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। घटना के कुछ देर बाद ही आला-अफसर मौके पर पहुंच गए थे। मृतक के पिता ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के दूसरे दिन बदमाशों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर मुहल्लेवासियों ने नखास के साथ ही श्मशान घाट पर घंटों चक्काजाम किया था। मौके पर पहुंची सदर विधायक संगीता बलवंत ने जहां मुआवजे का भरोसा दिलाते हुए जल्द से जल्द बदमाशों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, वहीं पुलिस अधिकारियों ने 24 घंटे के अंदर कातिलों की गिरफ्तारी के लिए लोगों को आश्वस्त किया था। इसके बाद किसी तरह लोगों ने जाम समाप्त किया था और शव का अंतिम संस्कार भी व्यापारियों को किसी तरह समझा-बुझा कर कराया गया था, लेकिन घटना के 13 दिन गुजरने के बाद भी पुलिस कातिलों तक पहुंचने में नाकाम रही है। इससे मृतक के परिजनों ने जहां निराशा है, वहीं कारोबारियों में पुलिस के प्रति रोष गहराता जा रहा है। लोगों में इस बात की चर्चा हो रही है कि कानून के हाथ कातिलों तक क्यों नहीं पहुंच रहे हैं ? कातिलों को जमीन खा गई या आसमान निगल गया। पुलिस टीमें लगातार अपना काम कर रहीं हैं, लेकिन उनका सुराग अभी तक नहीं मिल सका है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महिपाल पाठक ने बताया कि पुलिस मामले का खुलासा करने के लिए लगातार प्रयासरत है। जल्द ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
पोस्टर चस्पा करने के बाद भी नहीं मिली सफलता
गाजीपुर। सराफा कारोबारी सुशील वर्मा की हत्या का खुलासा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। घटना के बाद से पुलिस कातिलों तक पहुंचने के लिए सारे हथकंडे अपना चुकी है, लेकिन अभी तक सफलता मिलती नहीं दिखाई दे रही है। बीते 24 सितंबर को पुलिस ने नगर क्षेत्र में जगह-जगह पोस्टर तक चस्पा कराया था। पोस्टर में यह अंकित किया गया था कि जो भी अज्ञात हमलावरों के संबंध में सही जानकारी और सूचना देता है अथवा व्यक्तिगत रूप से संर्पक करता है, उसे 50 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। जनता से इस गुहार के बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिल रही है, जो लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
गाजीपुर। सुशील वर्मा की हत्या के बाद उसके कुछ करीबी भी मुसीबत में फंसे हुए हैं। इसके कॉल डिटेल की जानकारी ली जा रही है। अलग-अलग पहलुओं पर जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस कातिलों की तलाश में जुटी है। सुशील की हत्या के आधे घंटे पहले और आधे घंटे बाद उसके मोबाइल पर आए फोन का काल डिटेल निकाल कर संबंधित व्यक्ति से कोतवाली बुला कर पूछताछ की जा रही है। उससे घटना के संबंध में पूछा जा रहा है। इस लिस्ट में ज्यादातर मृतक के साथी ही शामिल हैं। पुलिस की जब इच्छा हो रही है, उन्हें फोन कर कोतवाली बुला लिया जा रहा है। अधिकारी के न होने पर ऐसे लोग घंटों कोतवाली में बैठ कर उनका इंतजार कर रहे हैं। ऐसे लोगों से पुलिस तरह-तरह का सवाल कर रही है, जिससे सुशील की हत्या उसके मित्रों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। वह भी ऊपर वाले से बार-बार यही प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उसके कातिलों का पता चले, ताकि उन्हें कोतवाली में हाजिरी न लगानी पड़ेे। ऐसे में कई परिवार परेशानी में फंसा है।
विज्ञापन
नगर के सनबाजार (किलोकोहना) निवासी सुरेश वर्मा के पुत्र सुशील वर्मा (32) की नगर के स्टेशन रोड में सराफा की दुकान है। रोज की तरह वह बीते 21 सितंबर की मुहर्रम के दिन दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहा था। इसी बीच रात करीब नौ बजे टैक्सी स्टैंड स्थित भाजपा कार्यालय के पास स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर खड़ा होकर शराब लेते समय अज्ञात हदमाशों ने पीछे से उसके सिर में गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद जहां नगरवासियों में सनसनी फैली हुई है, वहीं पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। घटना के कुछ देर बाद ही आला-अफसर मौके पर पहुंच गए थे। मृतक के पिता ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के दूसरे दिन बदमाशों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर मुहल्लेवासियों ने नखास के साथ ही श्मशान घाट पर घंटों चक्काजाम किया था। मौके पर पहुंची सदर विधायक संगीता बलवंत ने जहां मुआवजे का भरोसा दिलाते हुए जल्द से जल्द बदमाशों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, वहीं पुलिस अधिकारियों ने 24 घंटे के अंदर कातिलों की गिरफ्तारी के लिए लोगों को आश्वस्त किया था। इसके बाद किसी तरह लोगों ने जाम समाप्त किया था और शव का अंतिम संस्कार भी व्यापारियों को किसी तरह समझा-बुझा कर कराया गया था, लेकिन घटना के 13 दिन गुजरने के बाद भी पुलिस कातिलों तक पहुंचने में नाकाम रही है। इससे मृतक के परिजनों ने जहां निराशा है, वहीं कारोबारियों में पुलिस के प्रति रोष गहराता जा रहा है। लोगों में इस बात की चर्चा हो रही है कि कानून के हाथ कातिलों तक क्यों नहीं पहुंच रहे हैं ? कातिलों को जमीन खा गई या आसमान निगल गया। पुलिस टीमें लगातार अपना काम कर रहीं हैं, लेकिन उनका सुराग अभी तक नहीं मिल सका है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महिपाल पाठक ने बताया कि पुलिस मामले का खुलासा करने के लिए लगातार प्रयासरत है। जल्द ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
पोस्टर चस्पा करने के बाद भी नहीं मिली सफलता
गाजीपुर। सराफा कारोबारी सुशील वर्मा की हत्या का खुलासा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। घटना के बाद से पुलिस कातिलों तक पहुंचने के लिए सारे हथकंडे अपना चुकी है, लेकिन अभी तक सफलता मिलती नहीं दिखाई दे रही है। बीते 24 सितंबर को पुलिस ने नगर क्षेत्र में जगह-जगह पोस्टर तक चस्पा कराया था। पोस्टर में यह अंकित किया गया था कि जो भी अज्ञात हमलावरों के संबंध में सही जानकारी और सूचना देता है अथवा व्यक्तिगत रूप से संर्पक करता है, उसे 50 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। जनता से इस गुहार के बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिल रही है, जो लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
गाजीपुर। सुशील वर्मा की हत्या के बाद उसके कुछ करीबी भी मुसीबत में फंसे हुए हैं। इसके कॉल डिटेल की जानकारी ली जा रही है। अलग-अलग पहलुओं पर जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस कातिलों की तलाश में जुटी है। सुशील की हत्या के आधे घंटे पहले और आधे घंटे बाद उसके मोबाइल पर आए फोन का काल डिटेल निकाल कर संबंधित व्यक्ति से कोतवाली बुला कर पूछताछ की जा रही है। उससे घटना के संबंध में पूछा जा रहा है। इस लिस्ट में ज्यादातर मृतक के साथी ही शामिल हैं। पुलिस की जब इच्छा हो रही है, उन्हें फोन कर कोतवाली बुला लिया जा रहा है। अधिकारी के न होने पर ऐसे लोग घंटों कोतवाली में बैठ कर उनका इंतजार कर रहे हैं। ऐसे लोगों से पुलिस तरह-तरह का सवाल कर रही है, जिससे सुशील की हत्या उसके मित्रों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। वह भी ऊपर वाले से बार-बार यही प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उसके कातिलों का पता चले, ताकि उन्हें कोतवाली में हाजिरी न लगानी पड़ेे। ऐसे में कई परिवार परेशानी में फंसा है।