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खराबी: सोलह घंटा तक गुल रही सैकड़ों गांव की बती
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:24 AM IST
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नंदगंज (गाजीपुर)। पियरी गांव के पास रविवार की देर रात 33 हजार की लाइन में खराबी आने से दो विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित करीब 100 गांव अंधेरे में डूब गए। बिजली के अभाव में उपभोक्ताओं की परेशान बढ़ गई। इसके अभाव में जहां लोग गर्मी की वजह से पूरी रात चैन की नींद सो नहीं सके। वहीं सुबह पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भाग-दौड़ करते परिश्रम करना पड़ा। दूसरे दिन 16 घंटे बाद बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
जौहरगंज विद्युत उपकेंद्र से नंदगंज और रायपुर विद्युत उपकेंद्र पर 33 हजार की लाइन आई है। इस लाइन में रात में करीब 10 बजे पियरी गांव के समीप खराबी आ गई। इससे दोनों विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित कुसुम्ही, धरवां, श्रीगंज, मैनपुर, बाघी, नारी पचदेवरा, सहेड़ी, सिरगिथा, सम्मनपुर, दवोपुर, नंदगंज बाजार, बरहपुर, पथरा, सिहोरी, रामपुर बंतरा, डिहिया, पिपरही, देवसिहा, बेलासी सहित सैकड़ों गांव की बत्ती गुल हो गई। बिजली गायब होते ही लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों ने सोचा कि लगता है कि कहीं छोटी खराबी हुई है। उसे दुरुस्त कर अब-तब आपूर्ति शुरू हो जाएगी। गर्मी में उलझन के बीच लोग बिजली आने का इंतजार करने लगे। जब घंटों बाद भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ तो लोग परेशान हो गए। जिनके पास इन्वर्टर था, वह इस आस में उसका इस्तेमाल करते रहे कि अब-तब बत्ती आ जाएगी, घंटों बाद भी न आने पर निर्धारित समय पर उनके इन्वर्टर बंद हो गए। भीषण गर्मी में करवटें बदलते-बदलते पूरी रात बीत गई, लेकिन बिजली का दर्शन नहीं हुआ। रात में एक तरफ जहां लोग चैन की नींद सो नहीं सके। वहीं सुबह पानी को लेकर लोगों की दिक्कत बढ़ गई। घरों के आसपास लगे हैंडपंपों और कुएं से लोगों ने थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर काम चलाया। दूसरे दिन सोमवार की दोपहर दो बजे आपूर्ति सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इस संबंध में जेई रमेश कुमार ने बताया कि 33 हजार की मेन लाइन में पियरी गांव के समीप रात में 10 बजे खराबी आ गई थी। विद्युत कर्मियों द्वारा खराबी को खोजकर दोपहर दो बजे ठीक किया गया। इसके बाद दोनों विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल की गई।
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जौहरगंज विद्युत उपकेंद्र से नंदगंज और रायपुर विद्युत उपकेंद्र पर 33 हजार की लाइन आई है। इस लाइन में रात में करीब 10 बजे पियरी गांव के समीप खराबी आ गई। इससे दोनों विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित कुसुम्ही, धरवां, श्रीगंज, मैनपुर, बाघी, नारी पचदेवरा, सहेड़ी, सिरगिथा, सम्मनपुर, दवोपुर, नंदगंज बाजार, बरहपुर, पथरा, सिहोरी, रामपुर बंतरा, डिहिया, पिपरही, देवसिहा, बेलासी सहित सैकड़ों गांव की बत्ती गुल हो गई। बिजली गायब होते ही लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों ने सोचा कि लगता है कि कहीं छोटी खराबी हुई है। उसे दुरुस्त कर अब-तब आपूर्ति शुरू हो जाएगी। गर्मी में उलझन के बीच लोग बिजली आने का इंतजार करने लगे। जब घंटों बाद भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ तो लोग परेशान हो गए। जिनके पास इन्वर्टर था, वह इस आस में उसका इस्तेमाल करते रहे कि अब-तब बत्ती आ जाएगी, घंटों बाद भी न आने पर निर्धारित समय पर उनके इन्वर्टर बंद हो गए। भीषण गर्मी में करवटें बदलते-बदलते पूरी रात बीत गई, लेकिन बिजली का दर्शन नहीं हुआ। रात में एक तरफ जहां लोग चैन की नींद सो नहीं सके। वहीं सुबह पानी को लेकर लोगों की दिक्कत बढ़ गई। घरों के आसपास लगे हैंडपंपों और कुएं से लोगों ने थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर काम चलाया। दूसरे दिन सोमवार की दोपहर दो बजे आपूर्ति सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इस संबंध में जेई रमेश कुमार ने बताया कि 33 हजार की मेन लाइन में पियरी गांव के समीप रात में 10 बजे खराबी आ गई थी। विद्युत कर्मियों द्वारा खराबी को खोजकर दोपहर दो बजे ठीक किया गया। इसके बाद दोनों विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल की गई।
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