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दर्द: तीन माह से होमगार्डो को नहीं मिला मानदेय
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:34 AM IST
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सुहवल। सुरक्षा के मद्देनजर होमगार्ड भी पुलिस कर्मियों के साथ पूरी निष्ठा के साथ ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन उन्हें उनकी परिश्रम का मेहनताना तक नहीं मिल रहा है। जनपद के होमगार्डों को तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। उनके सामने तरह-तरह की मुसीबतें मुंह बाए खड़ी हैं। कर्ज पर पैसा लेकर अपना और अपने परिवार का पेट किसी तरह भर रहे हैं। उपेक्षा के शिकार होमगार्ड भुखमरी के कगार पर पहुंच सरकार को कोस रहे हैं।
जिले में लगभग 16 सौ होमगार्ड के जवान हैं। उन्हें पांच सौ रुपया प्रति दिन के हिसाब से दैनिक भत्ता मिलता है, लेकिन पुलिस के साथ हर परिस्थितियों में कदम से कदम मिला कर चलने वाले होमगार्ड के जवानों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे इनके परिवार के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पैसे के अभाव में उन्हें तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ बच्चों को पढ़ाने में दिक्कतें आ रही है, वहीं परिवार का पेट भरने का भी संकट खड़ा हो गया है। वह उधार राशन या उधार किसी से पैसा लेकर अपने काम चलाने को विवश हैं। जवान इस भयवश खुल कर मानदेय न मिलने का विरोध नहीं कर रहे हैं कि विभागीय अधिकारियों की उनके प्रति त्योरी न चढ़ जाए और वे किसी कार्रवाई के शिकार न हो जाए। होमगार्डों का कहना है कि हम लोग भी पुलिस कर्मियों के साथ हर परिस्थिति में अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी पूर्वक करते हैं। पुलिस कर्मियों को तो समय से मानदेय मिल जाता है, लेकिन विभागीय लापरवाही की वजह से हम लोगों को तीन माह से मानदेय के लिए तरसना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला होमगार्ड कमांडेंट हंसराज प्रसाद ने कहा कि सभी का मानदेय भेज दिया गया है। कुछ तकनीकी समस्या के चलते वेतन रुका है। कहा कि जवानों को मानदेय वेब पोर्टल के माध्यम से दी जानी है। इस कारण से कुछ तकनीकी समस्या उत्पन्न है। इसके दूर होने के साथ ही होमगार्ड के जवानों का वेतन उन्हें एक-दो दिनों में दे दिया जाएगा।
सुहवल। जिले में इस समय कुल लगभग 16 सौ होमगार्ड के जवान तैनात हैं। इनमें से लगभग सभी जवान पुलिस में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। होमगार्ड के ये जवान थाना-चौकियों में तैनात किए गए हैं। कभी-कभी वीआईपी ड्यूटी, चुनाव, बैंक में भी तैनात किए जाते हैं। कभी-कभार तो इन्हें रात्रि ड्यूटी देने के साथ-साथ समन तामील कराना, डाक-बही ले जाना लाना और अन्य अहम सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
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जिले में लगभग 16 सौ होमगार्ड के जवान हैं। उन्हें पांच सौ रुपया प्रति दिन के हिसाब से दैनिक भत्ता मिलता है, लेकिन पुलिस के साथ हर परिस्थितियों में कदम से कदम मिला कर चलने वाले होमगार्ड के जवानों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे इनके परिवार के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पैसे के अभाव में उन्हें तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ बच्चों को पढ़ाने में दिक्कतें आ रही है, वहीं परिवार का पेट भरने का भी संकट खड़ा हो गया है। वह उधार राशन या उधार किसी से पैसा लेकर अपने काम चलाने को विवश हैं। जवान इस भयवश खुल कर मानदेय न मिलने का विरोध नहीं कर रहे हैं कि विभागीय अधिकारियों की उनके प्रति त्योरी न चढ़ जाए और वे किसी कार्रवाई के शिकार न हो जाए। होमगार्डों का कहना है कि हम लोग भी पुलिस कर्मियों के साथ हर परिस्थिति में अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी पूर्वक करते हैं। पुलिस कर्मियों को तो समय से मानदेय मिल जाता है, लेकिन विभागीय लापरवाही की वजह से हम लोगों को तीन माह से मानदेय के लिए तरसना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला होमगार्ड कमांडेंट हंसराज प्रसाद ने कहा कि सभी का मानदेय भेज दिया गया है। कुछ तकनीकी समस्या के चलते वेतन रुका है। कहा कि जवानों को मानदेय वेब पोर्टल के माध्यम से दी जानी है। इस कारण से कुछ तकनीकी समस्या उत्पन्न है। इसके दूर होने के साथ ही होमगार्ड के जवानों का वेतन उन्हें एक-दो दिनों में दे दिया जाएगा।
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सुहवल। जिले में इस समय कुल लगभग 16 सौ होमगार्ड के जवान तैनात हैं। इनमें से लगभग सभी जवान पुलिस में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। होमगार्ड के ये जवान थाना-चौकियों में तैनात किए गए हैं। कभी-कभी वीआईपी ड्यूटी, चुनाव, बैंक में भी तैनात किए जाते हैं। कभी-कभार तो इन्हें रात्रि ड्यूटी देने के साथ-साथ समन तामील कराना, डाक-बही ले जाना लाना और अन्य अहम सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
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