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प्लेटलेट्स चढ़ाने की नहीं है सदर अस्पताल में व्यवस्था
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:23 PM IST
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गाजीपुर। डेंगू बुखार से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था जिला अस्पताल में नहीं है। इसके चलते गंभीर मरीजों को अन्य जिलों के लिए रेफर कर दिया जाता है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल सहित ब्लाक स्तरीय सीएचसी-पीएचसी पर जांच के लिए कीट और जीवन रक्षक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाती है।
बारिश के चलते जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू के मच्छर पनपते हैं। साथ ही इस मौसम में मलेरिया और कालाजार भी अपना पांव पसारता है। इस खतरनाक रोगों से आम लोगों के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर और ब्लाक स्तरीय सीएचसी और पीएचसी के क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव लगातार एक माह से कराया जा रहा है। जबकि नगर पालिका प्रशासन की ओर से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव अभी तक शुरू नहीं किया गया है। डेंगू बुखार से निपटने के लिए विभाग एक माह से तैयारी भी लगा हुआ है। जनपद के 16 ब्लाक स्तरीय पीएचसी और सीएचसी सहित जिला अस्पताल में जांच कीट उपलब्ध कराए गए है। साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 56 न्यू पीएचसी पर भी 10 की संख्या में जांच कीट उपलब्ध कराने के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई गई है। दूसरी तरफ जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से डेेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए सर्जिकल वार्ड के पास वार्ड बनाया गया है। डेंगू बुखार से गंभीर रुप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था नहीं होने से उनको अन्य जनपदों में रेफर कर दिया जाता है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि प्लेटलेट्स के लिए ब्लड बैंक में मशीन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते प्लेटलेट्स कम होने पर चढ़ाने के लिए अन्य जनपदों के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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बारिश के चलते जगह-जगह पानी जमा होने से डेंगू के मच्छर पनपते हैं। साथ ही इस मौसम में मलेरिया और कालाजार भी अपना पांव पसारता है। इस खतरनाक रोगों से आम लोगों के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर और ब्लाक स्तरीय सीएचसी और पीएचसी के क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव लगातार एक माह से कराया जा रहा है। जबकि नगर पालिका प्रशासन की ओर से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव अभी तक शुरू नहीं किया गया है। डेंगू बुखार से निपटने के लिए विभाग एक माह से तैयारी भी लगा हुआ है। जनपद के 16 ब्लाक स्तरीय पीएचसी और सीएचसी सहित जिला अस्पताल में जांच कीट उपलब्ध कराए गए है। साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 56 न्यू पीएचसी पर भी 10 की संख्या में जांच कीट उपलब्ध कराने के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई गई है। दूसरी तरफ जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से डेेंगू बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए सर्जिकल वार्ड के पास वार्ड बनाया गया है। डेंगू बुखार से गंभीर रुप से पीड़ित मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था नहीं होने से उनको अन्य जनपदों में रेफर कर दिया जाता है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि प्लेटलेट्स के लिए ब्लड बैंक में मशीन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते प्लेटलेट्स कम होने पर चढ़ाने के लिए अन्य जनपदों के लिए रेफर कर दिया जाता है।
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