Ghazipur News: रेयाज अंसारी की बढ़ती जा रही हैं मुश्किलें, 11वां मुकदमा दर्ज, फर्जी वसीयत और धमकी देने का आरोप
जेल में बंद रेयाज अंसारी के खिलाफ पुलिस ने 11वां मुकदमा दर्ज किया है। उस पर फर्जी वसीयत और धमकी देने का आरोप लगा है। रेयाज अंसारी के साथ ही उसकी पत्नी, भतीजे और साले के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
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ये है पूरा मामला
कासिमाबाद थानाक्षेत्र के अब्दुलपुर बहादुरगंज निवासी सुबास सोनकर ने यह मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन अब्दुलपुर में है। वह तीन भाई और तीन बहन हैं लेकिन मुख्तार अंसारी गैंग के सक्रिय सदस्य रेयाज अहमद अंसारी, उसकी पत्नी निकहत, भतीजा शकील और साला कमाल अहमद उनके पिता सरजू को लगातार धमकी दे रहे हैं।
उनका कहना है कि जमीन नहीं दी तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को समाप्त कर दिया जाएगा। तहरीर के मुताबिक शिकायतकर्ता के पिता डर गए और रेयाज अंसारी ने बंदूक के बल पर मुख्तार अंसारी का भय दिखाकर उनसे जबरदस्ती अंगूठे का निशान लेकर जमीन की वसीयत अपने नाम करवा ली।
साथ ही पिता को धमकाया कि यदि बात खुली तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार के सदस्यों को जान से मरवा देंगे। इसी डर से हम लोग चुप हो गए। जब पिता की मृत्यु हो गई तो रेयाज अंसारी ने वर्ष 2015 में जमीन पर अपना नाम चढ़वा लिया।
24 दिसंबर को पीड़ित ने की थी अपनी जमीन लौटाने की मांग
सुबास सोनकर की तहरीर के मुताबिक 27 दिसंबर 2024 को दोपहर 12:30 बजे रेयाज अंसारी के घर की तरफ जा रहा था। रेयाज अंसारी काला चश्मा पहनकर व शॉल ओढ़कर पत्नी निकहत के साथ कुर्सी लगाकर मकसूद अली के घर के सामने अपने फार्म हाउस की गली रोड पर बैठे थे। मैंने जमीन लौटाने की बात कही। इसी बीच उनका भतीजा शकील और साला कमाल अहमद भी आ गए और सभी मेरे साथ बदसलूकी करने लगे। बोले, तुम्हे व तुम्हारे परिवार को इस धरती पर नहीं रहना है क्या।
पीड़ित के मुताबिक घटना के समय रेयाज अंसारी के भतीजे शकील अख्तर और उनके साले कमाल अहमद ने उसे धक्का दिया था। कहा था कि जमीन तो वापस नहीं होगी, जान बचानी है तो यहां से चले जाओ। जैसे अभी तक शांत रहे, शांत रहो। पुलिस-थाना करने की सोचना मत।
पीड़ित ने दावा किया है 27 दिसंबर 2024 की घटना के समय शोर सुनकर मौके पर मेरे दोनों भाई कन्हैया सोनकर व रमेश सोनकर भी आए और आसपास के लोगों ने भी बीचबचाव किय। तब से मैं उन लोगों के डर के मारे छिपकर रह रहा था। जब पुलिस ने रेयाज अहमद अंसारी को जेल भेजा तो मुझे विश्वास हो गया कि मेरे प्रार्थना पत्र पर न्याय मिलेगा। इसी आधार पर थाने में तहरीर दी।