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चार घंटा प्रति सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही गंगा
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:12 PM IST
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गाजीपुर। पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। पानी बढ़ने की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है। गुरुवार को चार घंटा प्रतिसेंटी मीटर की रफ्तार से गंगा में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अनुमान है कि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार और बढ़ेगी। धीरे-धीरे रौद्र रूप लेती जा रही गंगा की लहरों को देख तटवर्ती इलाकों के लोग बाढ़ की आशंका से सहम गए है।
करीब दस दिन से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने और रुकने का क्रम जारी है। बीेते 30 जुलाई को पांच सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने का क्रम जारी हुआ था। बुधवार को पानी ठहर गया था। गुरुवार की सुबह से पुन: जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला शुरु हो गया। केंद्रीय जल आयोग के प्रभारी हसनैन ने बताया कि सुबह से चार घंटा प्रति सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा में बढ़ोत्तरी शुरु हो गई। शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 59.410 दर्ज किया गया। वैसे तो अभी गंगा खतरा से निशान से चार मीटर नीचे बह रही है। फिर भी जलस्तर में वृद्धि की वजह तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर इस बीत से चिंता की लकीरे खींच गई कि यदि बाढ़ आई तो काफी तबाही होगी। उन्हें घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ेगा।
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करीब दस दिन से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने और रुकने का क्रम जारी है। बीेते 30 जुलाई को पांच सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने का क्रम जारी हुआ था। बुधवार को पानी ठहर गया था। गुरुवार की सुबह से पुन: जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला शुरु हो गया। केंद्रीय जल आयोग के प्रभारी हसनैन ने बताया कि सुबह से चार घंटा प्रति सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा में बढ़ोत्तरी शुरु हो गई। शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 59.410 दर्ज किया गया। वैसे तो अभी गंगा खतरा से निशान से चार मीटर नीचे बह रही है। फिर भी जलस्तर में वृद्धि की वजह तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर इस बीत से चिंता की लकीरे खींच गई कि यदि बाढ़ आई तो काफी तबाही होगी। उन्हें घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ेगा।
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