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पांचवें दिन माता स्कंदमाता की हुई आराधना
Updated Sun, 14 Oct 2018 10:56 PM IST
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गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की आराधना की गई। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर मंगल की कामना की।
गहमर स्थित मां कामाख्या के दरबार में पांचवें दिन सैकड़ों भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाया। जिले सहित आसपास के अन्य जिलों से पहुंचकर भक्तों ने मत्था टेककर देवी मां से मंगल की कामना की। पूरे दिन हवनकुंड में आहुति डालने का सिलसिला बना रहा। करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी मंदिर में भक्तों का रेला उमड़ा। श्रद्धालुओं ने शक्ति स्वरूपा की आराधना कर उनसे मन्नतें मांगी। मुहम्मदाबाद के जमलापुर स्थित महाकाली और तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी के मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। इस दौरान भक्तों ने मां की पूजा-आराधना कर मंगल कामना की। नगर के मिश्रबाजार स्थित काली मंदिर, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, कचहरी स्थित मां दुर्गा मंदिर हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, रेवतीपुर स्थित मां भवानी, दिलदारनगर स्टेशन स्थित सायर माता, देवकली स्थित चकेरी धाम, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी, सैदपुर स्थित मां काली, बहादुरगंज स्थित मां चंडी, भगीरथपुर स्थित मां दुर्गा, सैदपुर तहसील स्थित मां काली मंदिर सहित जिले के अन्य देवी मंदिरों पर सुबह से लेकर देर शाम तक पूजन-अर्चन का क्रम चलता रहा। कई मंदिरों पर कीर्तन-भजन का आयोजन किया गया।
संतान देती हैं मां टढ़वा भवानी
बहरियाबाद। गांव हुसैनपुर मुर्थान स्थित मां टड़वा भवानी का मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक बना हुआ है। नवरात्र में यहां दूरदराज से भक्त आते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। इस धाम की ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से पूज-अर्चना करने पर कई प्रकार के रोगों का निदान हो जाता है। मां का दर्शन -पूजा करने से नि:संतान लोगों को संतान प्राप्त होती है। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु मां को विशेष किस्म का चढ़ावा चढ़ाते हैं। शारदीय और वासंतिक नवरात्र में मंदिर में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है।
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