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लखनऊ से आई टीम ने जांची मार्ग की गुणवता
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:12 PM IST
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कासिमाबाद- गाजीपुर। शासन के निर्देश पर जिले के तीन महत्वपूर्ण मार्गो की जांच करने पहुंची लखनऊ की तकनीकी टीम ने मंगलवार को पारा-कासिमाबाद मार्ग की जांच की। जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने मार्ग में जगह-जगह खुदाई कराकर गिट्टी और पिच सहित तारकोल के मानकों को भी देखा। इसकी जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारियों सहित ठेकदारों में हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानी जाए तो जांच में इस मार्ग के निर्माण में प्रयोग हुई तारकोल और पिच की गुणवत्ता मानक विहीन पता चली है। फिलहाल जांच टीम के सदस्यों ने जांच के संबंध में जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया। वित्तीय वर्ष 2013-14 में पारा-कासिमाबाद 18 किमी मार्ग का निर्माण 37 करोड़ में कराया गया था। निर्माण होने के कुछ ही दिन बाद से मार्ग बीच से फटना शुरू कर दिया। यह देख क्षेत्रीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाते हुए जांच की मांग की थी लेकिन प्रदेश की पूर्व सरकार द्वारा इसकी जांच नहीं कराई गई। प्रदेश में शासन सत्ता बदलने के बाद एक बार फिर क्षेत्रीय लोगों ने इसकी जांच की मांग उठाई। इस पर एमएलसी विशाल सिंह चंचल के प्रयास से शासन की ओर से जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश टीएसी को दिया गया। शासन के निर्देश पर लखनऊ से आई तकनीकी टीम ने पारा-कासिमाबाद, गाजीपुर- चोचकपुर एवं गाजीपुर-बहरियाबाद मार्ग के निर्माण की गुणवत्ता की जांच की। जांच की जानकारी मिलते ही अधिकारियों सहित ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। इस संबंध में टीम के नेतृत्वकर्ता प्राविधिक परीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि इन तीनों मार्गों की जांच रिपोर्ट शासन स्तर पर दी जाएगी। इस जांच टीम में सहायक अभियंता बाबर अली, जूनियर इंजीनियर महेंद्र मौर्या, सुरेंद्र यादव सहित अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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