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गिरफ्तारी तो दूर अपराधियों का सुराग भी नहीं मिला
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:14 PM IST
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मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता से क्षेत्र में अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। मारपीट, बवाल, आधा दर्जन से अधिक घरों में चोरी की घटनाएं र्हुइं। इसमें शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी तो दूर उनका सुराग तक नहीं मिला। चोरी का खुलासा करने में पुलिस पूरी तरह विफल रही है।
शासन व अफसरों की तरफ से अपराधियों के विरुद्ध सख्ती का फरमान मुहम्मदाबाद में बेमतलब साबित हो रहा है। अपराध नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के अलावा तीन और इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। इनकी तैनाती के बाद भी इसका कोई सार्थक परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है। कोतवाली क्षेत्र के हरिबल्लमपुर उर्फ अलावलपुर गांव में बीते 22 अगस्त को सहायक प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार पांडेय के घर में घुसकर चोर दस बक्सों में रखा दस लाख रुपये से अधिक के जेवर एवं कपडे़ चुरा ले गए। एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरों तक पहुंचने में विफल रही। इसके अलावा 15 सितंबर को सुरतापुर गांव के कोसा यादव के घर में घुस कर चोर 40 हजार रुपये नगद एवं लाखों के जेवर चुरा ले गए। 17 सितंबर को नगर के तिवारी टोला स्थित संकट मोचन मनोकामना देव हनुमान मंदिर की चहारदीवारी के अंदर घुसकर चोर सोलर लाइट की बैट्री सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। पुलिस ने चोरी का पता लगाना तो दूर रहा घटना स्थल का निरीक्षण करना भी जरूरी नहीं समझा। इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा सीओ कासिमाबाद से गुहार लगाने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं गई। इसके अलावा आठ सितंबर की रात शाहनिंदा में मनबढ़ युवकों ने मरीज को लेकर पटना जा रहे एंबुलेंस चालक को मारपीट कर घायल कर दिया तथा एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की। पिछले सप्ताह यूसुफपुर बाजार में दो वर्ग के युवकों में जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें एक वर्ग के युवकों ने एक बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस बाइक को कोतवाली भी ले गई, लेकिन मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बाइक भी वापस दे दी गई।
मुहर्रम के दिन अदिलाबाद, यूसुफपुर, सलेमपुर, दाउदपुर की ताजिया दफन के लिए भीड़ वाले रास्ते यूसुफपुर बाजार से होकर गई लेकिन कोई भी पुलिस का अधिकारी मौके पर नजर नहीं आया। पुलिस की निष्क्रियता एवं सड़क गश्त न करने से अपराधियों के हौसला दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। मुहम्मदाबाद में क्षेत्राधिकारी का पद काफी दिनों से रिक्त चल रहा है। यहां की जिम्मेदारी सीओ कासिमाबाद को दी गई है।
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शासन व अफसरों की तरफ से अपराधियों के विरुद्ध सख्ती का फरमान मुहम्मदाबाद में बेमतलब साबित हो रहा है। अपराध नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के अलावा तीन और इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। इनकी तैनाती के बाद भी इसका कोई सार्थक परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है। कोतवाली क्षेत्र के हरिबल्लमपुर उर्फ अलावलपुर गांव में बीते 22 अगस्त को सहायक प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार पांडेय के घर में घुसकर चोर दस बक्सों में रखा दस लाख रुपये से अधिक के जेवर एवं कपडे़ चुरा ले गए। एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरों तक पहुंचने में विफल रही। इसके अलावा 15 सितंबर को सुरतापुर गांव के कोसा यादव के घर में घुस कर चोर 40 हजार रुपये नगद एवं लाखों के जेवर चुरा ले गए। 17 सितंबर को नगर के तिवारी टोला स्थित संकट मोचन मनोकामना देव हनुमान मंदिर की चहारदीवारी के अंदर घुसकर चोर सोलर लाइट की बैट्री सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। पुलिस ने चोरी का पता लगाना तो दूर रहा घटना स्थल का निरीक्षण करना भी जरूरी नहीं समझा। इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा सीओ कासिमाबाद से गुहार लगाने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं गई। इसके अलावा आठ सितंबर की रात शाहनिंदा में मनबढ़ युवकों ने मरीज को लेकर पटना जा रहे एंबुलेंस चालक को मारपीट कर घायल कर दिया तथा एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की। पिछले सप्ताह यूसुफपुर बाजार में दो वर्ग के युवकों में जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें एक वर्ग के युवकों ने एक बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। पुलिस बाइक को कोतवाली भी ले गई, लेकिन मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बाइक भी वापस दे दी गई।
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मुहर्रम के दिन अदिलाबाद, यूसुफपुर, सलेमपुर, दाउदपुर की ताजिया दफन के लिए भीड़ वाले रास्ते यूसुफपुर बाजार से होकर गई लेकिन कोई भी पुलिस का अधिकारी मौके पर नजर नहीं आया। पुलिस की निष्क्रियता एवं सड़क गश्त न करने से अपराधियों के हौसला दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। मुहम्मदाबाद में क्षेत्राधिकारी का पद काफी दिनों से रिक्त चल रहा है। यहां की जिम्मेदारी सीओ कासिमाबाद को दी गई है।
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