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आंवला वृक्ष का पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2015 01:14 AM IST
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घाटमपुर को शुक्रवार को इच्छा नवमी पर्व के मौके पर लोगों ने परिवार के साथ आंवले के वृक्ष का पूजन किया और उसके नीचे बैठकर भोजन किया। मान्यता है कि इससे शरीर निरोग रहता है साथ ही सुख-समृद्धि भी प्राप्त होती है।
शुक्रवार को सुबह से ही महिलाओं और में बच्चों ने आंवले के पेड़ों के नीचे सफाई करने के बाद वहीं भोजन पकाया। जबकि, तमाम लोग घरों से भी भोजन पकाकर ले गए थे।
महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा करने के साथ ही उसमें कच्चा धागा बांधकर परिवार की सुख-समृद्धि मांगी। इसके बाद पेड़ के नीचे बैठकर सपरिवार भोजन किया।
मान्यता है कि इच्छा नवमी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करने से शरीर निरोग और व्याधि रहित होता है। कसबा स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में स्थित आंवले के वृक्ष का पूजन करने और उसके नीचे भोजन करने वालों का मेला सा लगा रहा।
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नगर पालिका रोड, बाबा मंदिर, रेलवे स्टेशन, हमीरपुर रोड के अलावा भदरस, तेजपुर, पतारा, भीतरगांव, बौहार, उमरी, बीरबल का अकबरपुर, मैधरी, पासीखेड़ा, कुड़नी, बिरहर, नौरंगा, अमौर, रेउना, सांखाहारी, तिलसड़ा, पड़री-लालपुर, बरीपाल और सजेती समेत अन्य गांवों में इच्छा नवमी के मौके पर आंवले के वृक्षों की पूजा की गई।
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शुक्रवार को सुबह से ही महिलाओं और में बच्चों ने आंवले के पेड़ों के नीचे सफाई करने के बाद वहीं भोजन पकाया। जबकि, तमाम लोग घरों से भी भोजन पकाकर ले गए थे।
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महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा करने के साथ ही उसमें कच्चा धागा बांधकर परिवार की सुख-समृद्धि मांगी। इसके बाद पेड़ के नीचे बैठकर सपरिवार भोजन किया।
मान्यता है कि इच्छा नवमी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करने से शरीर निरोग और व्याधि रहित होता है। कसबा स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर परिसर में स्थित आंवले के वृक्ष का पूजन करने और उसके नीचे भोजन करने वालों का मेला सा लगा रहा।
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नगर पालिका रोड, बाबा मंदिर, रेलवे स्टेशन, हमीरपुर रोड के अलावा भदरस, तेजपुर, पतारा, भीतरगांव, बौहार, उमरी, बीरबल का अकबरपुर, मैधरी, पासीखेड़ा, कुड़नी, बिरहर, नौरंगा, अमौर, रेउना, सांखाहारी, तिलसड़ा, पड़री-लालपुर, बरीपाल और सजेती समेत अन्य गांवों में इच्छा नवमी के मौके पर आंवले के वृक्षों की पूजा की गई।