{"_id":"627c03c4ea256a33fd23d22d","slug":"when-the-doctor-hesitated-to-touch-the-patient-the-nurse-went-to-the-patients-and-treated-them-firozabad-news-agr533207073","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब डॉक्टर मरीज छूने कतरा रहे तब नर्स ने मरीजों के पास जाकर किया इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब डॉक्टर मरीज छूने कतरा रहे तब नर्स ने मरीजों के पास जाकर किया इलाज
विज्ञापन
फिरोजाबाद। कोरोना काल में जब डॉक्टर भी मरीज के पास जाने से डर रहे थे। तब नर्स मरीज के लिए सहारा बनीं थीं। नर्सों ने मरीजों को इंजेक्शन लगाए। दवाई के साथ भावनात्मक सहयोग भी दिया। 12 मई को मनाए जाने वाले विश्व नर्स दिवस के मौके पर सेवाभाव में जुटी कुछ नर्सों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। यह स्टाफ नर्स के कामकाज की सराहना चिकित्सकों ने भी की है। कोरोना काल में यह नर्स कोविड का शिकार हुईं। ठीक होने पर फिर स्वास्थ्य सेवा में जुट गईं।
राजेश ने घायल के सिर पर बांधा दुपट्टा, ले आईं अस्पताल
जिला महिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स राजेश कुमारी आगरा से यहां आती हैं। एक दिन टूंडला टोल के पास दुर्घटना में घायल मरीज तड़प रहा था। मरीज के सिर फटने के कारण काफी खून बह रहा था। नर्स राजेश कुमारी ने बस से उतरकर खुद अपना दुपट्टा मरीज के सिर बांधा। उस मरीज को टूंडला सीएचसी पर लाकर पट्टी कराई। इसी तरह बस में एक मरीज की सांस तेज फूलने से हालत गंभीर थी। नर्स राजेश ने उसके परिजन को बताया कि इनके मुंह में फूंक दीजिए। मरीज को काफी राहत मिल गई। कोविड काल में गर्भवती महिलाओं की की डिलीवरी कराई।
मरीज की संतुष्टि ही है मेरे लिए बड़ा सम्मान : सुमन
वर्ष 1988 से स्टाफ नर्स की सेवाएं दे रहीं सुमन कुशवाह ने बताया कि कोविड काल में प्राइवेट चिकित्सक गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी नहीं करा रहे थे। उस दौर में डिलीवरी कराई। खुद भी कोरोना संक्रमित हो गईं। ठीक होने के बाद फिर कोविड में ड्यूटी की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग के पेेशे में सेवाभाव लेकर तो सभी आते हैं लेकिन असली सुकून तो तब मिलता है जब वास्तव में किसी की जान बच जाए।
विज्ञापन
सेवा का व्रत तभी होता है जब मेरे प्रयास से किसी की जान बच जाए : दीपिका
मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स दीपिका बतातीं हैं कि आठ नौ वर्ष के सेवाकाल में उन्हें एक मौका ऐसा मिला जब उन्हें बड़ी संतुष्टि का एहसास हुआ। एक प्रसव पीड़ित महिला आई उसकी हालत बड़ी गंभीर थी। लेकिन कोई चिकित्सक उस वक्त नहीं था। मैंने अपने अनुभव के आधार पर डिलीवरी कराई और जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ रहे। जब-जब मैं उस दिन को याद करती हूं तो लगता है कि स्टाफ नर्स बनकर मैंने सेवा को जो व्रत लिया था वो तभी पूरा होता जब मेरे प्रयास से किसी की जान बच जाए।
कोरोना संक्रमित हुईं पर सेवा का संकल्प नहीं पड़ा कमजोर : अंजना
महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अंजना सक्सेना ने बताया कि कोरोना का वक्त ऐसा था जब उनके परिवारीजन भी डर रहे थे और ड्यूटी में खुद का बचाव रखने की सीख दे रहे थे। लेकिन उस दौरान निरंतर ड्यूटी ही नहीं की, बल्कि कोरोना संक्रमित मरीजों को भावनात्मक सपोर्ट भी दिया। हालांकि इस दौरान वह भी कोरोना संक्रमित हुई, लेकिन ठीक होने के बाद फिर से ड्यूटी पर आईं। उन महिलाओं की सफलता पूर्वक डिलीवरी कराई जो कोरोना संक्रमित होकर आईं थीं।
मेडिकल विंग मनाएगा नर्स दिवस
टूंडला। ब्रह्मकुमारीज मेडिकल विंग के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से रामनगर स्थित केंद्र पर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह जानकारी ब्रह्मकुमारीज केंद्र प्रभारी विजय बहन ने दी है।
विज्ञापन
राजेश ने घायल के सिर पर बांधा दुपट्टा, ले आईं अस्पताल
जिला महिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स राजेश कुमारी आगरा से यहां आती हैं। एक दिन टूंडला टोल के पास दुर्घटना में घायल मरीज तड़प रहा था। मरीज के सिर फटने के कारण काफी खून बह रहा था। नर्स राजेश कुमारी ने बस से उतरकर खुद अपना दुपट्टा मरीज के सिर बांधा। उस मरीज को टूंडला सीएचसी पर लाकर पट्टी कराई। इसी तरह बस में एक मरीज की सांस तेज फूलने से हालत गंभीर थी। नर्स राजेश ने उसके परिजन को बताया कि इनके मुंह में फूंक दीजिए। मरीज को काफी राहत मिल गई। कोविड काल में गर्भवती महिलाओं की की डिलीवरी कराई।
विज्ञापन
मरीज की संतुष्टि ही है मेरे लिए बड़ा सम्मान : सुमन
वर्ष 1988 से स्टाफ नर्स की सेवाएं दे रहीं सुमन कुशवाह ने बताया कि कोविड काल में प्राइवेट चिकित्सक गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी नहीं करा रहे थे। उस दौर में डिलीवरी कराई। खुद भी कोरोना संक्रमित हो गईं। ठीक होने के बाद फिर कोविड में ड्यूटी की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग के पेेशे में सेवाभाव लेकर तो सभी आते हैं लेकिन असली सुकून तो तब मिलता है जब वास्तव में किसी की जान बच जाए।
विज्ञापन
सेवा का व्रत तभी होता है जब मेरे प्रयास से किसी की जान बच जाए : दीपिका
मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स दीपिका बतातीं हैं कि आठ नौ वर्ष के सेवाकाल में उन्हें एक मौका ऐसा मिला जब उन्हें बड़ी संतुष्टि का एहसास हुआ। एक प्रसव पीड़ित महिला आई उसकी हालत बड़ी गंभीर थी। लेकिन कोई चिकित्सक उस वक्त नहीं था। मैंने अपने अनुभव के आधार पर डिलीवरी कराई और जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ रहे। जब-जब मैं उस दिन को याद करती हूं तो लगता है कि स्टाफ नर्स बनकर मैंने सेवा को जो व्रत लिया था वो तभी पूरा होता जब मेरे प्रयास से किसी की जान बच जाए।
कोरोना संक्रमित हुईं पर सेवा का संकल्प नहीं पड़ा कमजोर : अंजना
महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अंजना सक्सेना ने बताया कि कोरोना का वक्त ऐसा था जब उनके परिवारीजन भी डर रहे थे और ड्यूटी में खुद का बचाव रखने की सीख दे रहे थे। लेकिन उस दौरान निरंतर ड्यूटी ही नहीं की, बल्कि कोरोना संक्रमित मरीजों को भावनात्मक सपोर्ट भी दिया। हालांकि इस दौरान वह भी कोरोना संक्रमित हुई, लेकिन ठीक होने के बाद फिर से ड्यूटी पर आईं। उन महिलाओं की सफलता पूर्वक डिलीवरी कराई जो कोरोना संक्रमित होकर आईं थीं।
मेडिकल विंग मनाएगा नर्स दिवस
टूंडला। ब्रह्मकुमारीज मेडिकल विंग के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से रामनगर स्थित केंद्र पर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह जानकारी ब्रह्मकुमारीज केंद्र प्रभारी विजय बहन ने दी है।