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मौसम का बदला मिजाज, डायरिया ने दी दस्तक
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 19 Apr 2015 11:48 PM IST
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मौसम बदलने के साथ ही डायरिया ने दस्तक दे दी है। इसके बाद भी न तो
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स्वास्थ्य विभाग जागा और न ही नगर निगम। शनिवार रात से मरीजों के अस्पताल
पहुंचने का क्रम रविवार देर शाम तक जारी रहा। स्थिति यह रही कि मरीजों को
भर्ती करने के लिए पलंग भी कम पड़ गए। ऐसे में कुछ मरीज तो ड्रिप लगवा कर
घर जाने के लिए विवश हुए। है।
शनिवार दोपहर से मौसम में परिवर्तन आ गया था। तेज धूप के चलते लोग घरों में कैद रहे तो बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। नई आबादियों से लेकर मलिन बस्तियों में लगे गंदगी के अंबार बीमारी का कारण बन गए। इसके चलते अस्पताल में शनिवार रात करीब 12 बजे से रविवार दोपहर तीन बजे तक डायरिया से पीड़ित 30 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज
सुनीता, प्रभू दयाल, मीना देवी, शशी, फातिमा, संजना, विवेक, मलखान, शिवम, भोला, सोनम, राजकुमार के साथ अन्य लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
एक बेड पर भर्ती दो मरीज
स्वास्थ्य कर्मचारियों की माने तो शनिवार रात से डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होने के कारण वार्ड में बेडों की कमी हो गई है। ऐसे में एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इस कारण उनको उपचार देने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
डी हाइड्रेशन के मरीज को होना चाहिए तीन दिन भर्ती
डा. आलोक की माने तो डायरिया से पीड़ित मरीज को करीब तीन दिन तक भर्ती रहना चाहिए।
इन चीजोें का नहीं करें प्रयोग
गन्ने का जूस, बाजार की बर्फ, ठेल पर रखे हुए कटे फल, रखा हुआ भोजन।
इन चीजों का करें प्रयोग
खाने में नीबू और खीरे का अधिक प्रयोग करें, चावल का अधिक प्रयोग करें, घर के आसपास गंदा पानी एकत्रित नहीं होने दें। धूप में निकलने से बचाव करें, साफ सफाई के बाद घर में फिनाइल डाल दें।
पूरे शहर में गंदगी का अंबार
डायरिया फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी है। पूरे शहर में गंदगी का अंबार है। नालियां साफ नहीं हो रही हैं। मलिन बस्तियों में कूडे़ के ढेर लगे हैं। नगर निगम कागजों पर फागिंग कर रहा
शनिवार दोपहर से मौसम में परिवर्तन आ गया था। तेज धूप के चलते लोग घरों में कैद रहे तो बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। नई आबादियों से लेकर मलिन बस्तियों में लगे गंदगी के अंबार बीमारी का कारण बन गए। इसके चलते अस्पताल में शनिवार रात करीब 12 बजे से रविवार दोपहर तीन बजे तक डायरिया से पीड़ित 30 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज
सुनीता, प्रभू दयाल, मीना देवी, शशी, फातिमा, संजना, विवेक, मलखान, शिवम, भोला, सोनम, राजकुमार के साथ अन्य लोगों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
एक बेड पर भर्ती दो मरीज
स्वास्थ्य कर्मचारियों की माने तो शनिवार रात से डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होने के कारण वार्ड में बेडों की कमी हो गई है। ऐसे में एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इस कारण उनको उपचार देने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
डी हाइड्रेशन के मरीज को होना चाहिए तीन दिन भर्ती
डा. आलोक की माने तो डायरिया से पीड़ित मरीज को करीब तीन दिन तक भर्ती रहना चाहिए।
इन चीजोें का नहीं करें प्रयोग
गन्ने का जूस, बाजार की बर्फ, ठेल पर रखे हुए कटे फल, रखा हुआ भोजन।
इन चीजों का करें प्रयोग
खाने में नीबू और खीरे का अधिक प्रयोग करें, चावल का अधिक प्रयोग करें, घर के आसपास गंदा पानी एकत्रित नहीं होने दें। धूप में निकलने से बचाव करें, साफ सफाई के बाद घर में फिनाइल डाल दें।
पूरे शहर में गंदगी का अंबार
डायरिया फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी है। पूरे शहर में गंदगी का अंबार है। नालियां साफ नहीं हो रही हैं। मलिन बस्तियों में कूडे़ के ढेर लगे हैं। नगर निगम कागजों पर फागिंग कर रहा