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Firozabad News: समय के साथ बदल गया टीवी, एंटीना के बजाय वाईफाई का जमाना

Tue, 21 Nov 2023 01:03 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 21 Nov 2023 01:03 AM IST
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TV changed with time, era of WiFi instead of antenna
फिरोजाबाद। एक समय वह भी था जब चुनिंदा घरों में टीवी हुआ करते थे। लोग उसे ढककर रखते थे। शाम को जब लोग जुट जाते, तब यह चलता था। लेकिन समय का चक्र ऐसा घूमा कि टीवी आधुनिक होता चला गया। घर के कोने में टेबल पर रखी रहने वाली ब्लैक एंड व्हाइट टीवी अब स्मार्ट होकर दीवार की शोभा बढ़ाती है। एंटीना के बजाय वाईफाई से टीवी चल रहा है।
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शाम को रामायण या महाभारत जैसे सीरियर आने पर आसपास के लोग भी एक ही स्थान पर जुट जाते थे। एंटीना हिलाकर चैनल आने का जमाना भी याद है। लेकिन अब टीवी भी स्मार्ट हो गई। जो सीधे मोबाइल से ही जुड़ जाती है। पिछले एक दशक में टीवी का संसार पूरी तरह से बदल गया। हर छह माह में नई तकनीकी आ जाती है। सुहागनगरी के कई परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने बदलाव के इस दौर को करीब से देखा है। इन लोगों को वह दौर भी याद है, जब घर में टीवी नहीं हुआ करता था और सीरियल देखने के लिए दूसरों के यहां जाते थे। देर से पहुंचने पर जगह नहीं मिलती थी।
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अब घरों में ही मिनी थिएटर

मौजूदा समय में 85 इंच तक के एलईडी बाजार में मिल रहे हैं। ऐसे में कई घरों में इन एलईडी का उपयोग मिनी थिएटर में किया जा रहा है। बाहर फिल्म देने के बजाय जन्मदिन या फिर किसी अन्य विशेष अवसर पर घर के सभी लोग एक साथ बैठकर मिनी थिएटर का आनंद उठाते हैं।
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वर्ष 1986 में आया था पहला टीवी
मेरे घर पर पहला टीवी वर्ष 1986 आया था। 1994 में कलर टीवी लेकर आए थे। उस समय घर में उत्सव जैसा माहौल था। आसपास के लोग और रिश्तेदार सीरियल देखने आते थे। भीड़ लग जाती थी। कई बार तो मुझे कमरे में जगह नहीं मिलती थी। जब रामायण और महाभारत का प्रसारण हुआ, वो समय सबसे यादगार था।एबी चौबे, प्रोफेसर



दर्शकों से खचाखच भर जाता था हॉल
मेरे घर पहली बार वर्ष 1975 में टीवी आया। उस समय यह टीवी 3500 रुपये में आया था। लगभग तीन दशक तक वो टीवी मेरे घर का हिस्सा रहा। कार्यक्रम खत्म होने के बाद उसे ढककर रख देते थे। जब भी कोई कार्यक्रम आता तो मोहल्ले के लोग टीवी देखने आते थे। जिस हॉल में टीवी चलता था, वह दर्शकों से खचाखच भर जाता था।





एक साथ देखते थे सीरियल

वर्ष 1988 में चाचा की शादी में टीवी मिला था। उस वक्त गांव में कोई भी टीवी नहीं था। दूरदर्शन पर कई सीरियल साथ देखे। जिनमें प्रमुख उड़ान, हम लोग, रामायण धारावाहिक बहुत पसंद थे। आसपास के गांव के लोग भी हमारे यहां टीबी देखने आते थे। आज के नए दौर में कई नई टेक्नोलॉजी आ गई हैं, लेकिन इस की बात अलग थी।

अशोक कुमार बघेल, नगला मिर्जा

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