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Firozabad News: यह सामान्य मौत नहीं, जेल प्रशासन सही तथ्यों को छिपा रहा

Sat, 10 Oct 2026 12:45 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sat, 10 Oct 2026 12:45 AM IST
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This is not a natural death; the prison administration is concealing the true facts.
फिरोजाबाद। जिला कारागार में निरुद्ध आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी हाजी वसीउद्दीन की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजन ने जेल प्रशासन पर वास्तविक तथ्यों को छिपाने और हत्या के मामले को प्राकृतिक मौत का रूप देने का संगीन आरोप लगाया है। इस संबंध में मृतक के भाई मोहम्मद आसिफ ने मजिस्ट्रेट जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष हलफनामा (शपथ पत्र) प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।
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रामगढ़ के मोहल्ला करीमगंज निवासी मोहम्मद आसिफ ने शपथ पत्र में बताया कि उनके भाई हाजी वसीउद्दीन को जिला न्यायालय से 16 जुलाई 2026 को शिकोहाबाद थाने में वर्ष 2014 में दर्ज फैजान की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी और वे जिला जेल में बंद थे। 5 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 8 बजे जेल में उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतक के भाई आसिफ का आरोप है कि जेल प्रशासन का यह कहना कि वसीउद्दीन की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया और सुबह 9:40 बजे इलाज के दौरान मौत हुई, यह झूठ है। सुबह 8 बजे ही जेल के अंदर वसीउद्दीन की मृत्यु हो चुकी थी। उस समय जेल में कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। शपथ पत्र में कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के सिर में चोट थी जो मौत से पूर्व आई थी और कोमा में जाने के कारण मृत्यु हुई है। जेल प्रशासन डायबिटीज और तंबाकू सेवन की कहानी बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
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मांग - सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सीज किया जाए
मृतक के भाई ने मांग रखी है कि 5 सितंबर को जेल के अंदर की सीसीटीवी फुटेज, बैरक संख्या 10ए व 10बी के सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सीज किया जाए। घटना के समय मौके पर मौजूद जेल अधिकारियों, कर्मचारियों, बंदियों के बयान दर्ज किए जाएं। जेल के मेडिकल रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, घटना रिपोर्ट और अस्पताल ले जाने के सटीक समय की गहन जांच की जाए।
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प्रकरण की जांच डीएम के आदेश पर की जा रही है। जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उनके आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी।
- विनोद कुमार पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट
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