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मौत के आंकड़े कम करने को रेफर का चल रहा खेल
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फिरोजाबाद। डेंगू व वायरल बुखार से मृत बच्चों के आंकड़े छिपाने के लिये सरकारी ट्रामा सेंटर में अब रेफर करने का खेल चल रहा है। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ पर दम तोड़ रहे बच्चों के परिजनों व तीमारदारों की गुहार भी बेअसर है। मौत का आंकड़ा न बढ़े और खुद की जिम्मेदारी से बचा जा सके, इसके लिए रात के अंधेरे में गंभीर मरीजों को जबरन आगरा व दूसरी जगह रेफर किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक रेफर के खेल में पांच दिन के भीतर सात माता-पिता अपने बच्चों की जान गंवा चुके हैं।
बुधवार को रश्मि पुत्री उदयवीर सिंह निवासी आसफाबाद, कामना पुत्री धर्मेद्र यादव निवासी नगला अमान को उनके परिजन बेहद गंभीर स्थिति में उपचार के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर आए। बच्चियों की हालत को देख उनके परिजनों के जान हलक में अटकी थी। वे सरकारी डॉक्टरों से उपचार की गुहार लगा रहे थे। लेकिन डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ का कलेजा नहीं पसीजा।
परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने दोनों बच्चियों को भर्ती करना तो दूर प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया और सीधे एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया। सबसे दर्दनाक पहलु यह रहा कि समय से उपचार नहीं मिलने के कारण कामना यादव ने आगरा पहुंचने से पूर्व रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद रश्मि की सांसे भी मेडिकल कॉलेज आगरा पहुंचते-पहुंचते थम गईं।
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अति गंभीर स्थिति वाले मरीजों को जबरदस्ती आगरा व दूसरी जगह रेफर किये जाने की जानकारी मिली थी। लेकिन किसी ने भी मुझे लिखित शिकायत नहीं दी है। फिर भी पता करेंगे।
डॉ हंसराज, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल
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बुधवार को रश्मि पुत्री उदयवीर सिंह निवासी आसफाबाद, कामना पुत्री धर्मेद्र यादव निवासी नगला अमान को उनके परिजन बेहद गंभीर स्थिति में उपचार के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर आए। बच्चियों की हालत को देख उनके परिजनों के जान हलक में अटकी थी। वे सरकारी डॉक्टरों से उपचार की गुहार लगा रहे थे। लेकिन डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ का कलेजा नहीं पसीजा।
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परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने दोनों बच्चियों को भर्ती करना तो दूर प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया और सीधे एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया। सबसे दर्दनाक पहलु यह रहा कि समय से उपचार नहीं मिलने के कारण कामना यादव ने आगरा पहुंचने से पूर्व रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद रश्मि की सांसे भी मेडिकल कॉलेज आगरा पहुंचते-पहुंचते थम गईं।
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अति गंभीर स्थिति वाले मरीजों को जबरदस्ती आगरा व दूसरी जगह रेफर किये जाने की जानकारी मिली थी। लेकिन किसी ने भी मुझे लिखित शिकायत नहीं दी है। फिर भी पता करेंगे।
डॉ हंसराज, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल