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Firozabad News: नहीं तोड़ी जाएंगी जलकल परिसर की पुरानी पेयजल टंकियां
Mon, 19 Jan 2026 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:57 PM IST
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जलकर परिसर स्थित पांच दशक पुरानी उपरिगामी पेयजल टंकी। संवाद
- फोटो : जलकर परिसर स्थित पांच दशक पुरानी उपरिगामी पेयजल टंकी। संवाद
फिरोजाबाद। नगर निगम के जलकल परिसर स्थित वर्षों पुरानी दो पेयजल टंकियों को फिलहाल ध्वस्त नहीं किया जाएगा। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तकनीकी कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में इन टंकियों को अगले 15 से 20 वर्षों तक पूरी तरह सुरक्षित बताया है। मरम्मत कर इस्तेमाल किए जाने का सुझाव दिया है।
जलकल परिसर में 1250 किलोलीटर (1970 में निर्मित) और 450 किलोलीटर (1980-85 में निर्मित) क्षमता वाली दो उपरिगामी टंकियां हैं। नगर निगम ने 1250 किलोलीटर वाली पुरानी टंकी को तोड़कर नई टंकी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने निर्माण से पहले पुरानी टंकियों की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। जलकल विभाग द्वारा कराई गई एएमयू से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट अब प्राप्त हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ही टंकियां तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं। इनका उपयोग और जल भंडारण क्षमता पूरी तरह मानक के अनुरूप है। अगले 15-20 साल तक इन टंकियों के नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं है। इनको मरम्मत के आधार पर उपयोग में लाया जा सकता है।
अलीगढ़ मुस्लिम विवि से दोनों पेयजल टंकियों की तकनीकी जांच कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार टंकियों का इस्तेमाल और भंडारण क्षमता पूरी तरह सुरक्षित है।
- रंजीत सिंह, सहायक अभियंता (जलकल, नगर निगम)
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जलकल परिसर में 1250 किलोलीटर (1970 में निर्मित) और 450 किलोलीटर (1980-85 में निर्मित) क्षमता वाली दो उपरिगामी टंकियां हैं। नगर निगम ने 1250 किलोलीटर वाली पुरानी टंकी को तोड़कर नई टंकी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने निर्माण से पहले पुरानी टंकियों की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। जलकल विभाग द्वारा कराई गई एएमयू से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट अब प्राप्त हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ही टंकियां तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं। इनका उपयोग और जल भंडारण क्षमता पूरी तरह मानक के अनुरूप है। अगले 15-20 साल तक इन टंकियों के नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं है। इनको मरम्मत के आधार पर उपयोग में लाया जा सकता है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विवि से दोनों पेयजल टंकियों की तकनीकी जांच कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार टंकियों का इस्तेमाल और भंडारण क्षमता पूरी तरह सुरक्षित है।
- रंजीत सिंह, सहायक अभियंता (जलकल, नगर निगम)