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गड्ढों से रास्ते छलनी, सड़कों से निकली गिट्टियां
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 04 Jun 2015 11:32 PM IST
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जनपद में मुख्य मार्गों की सड़के खस्ताहाल हैं। गड्ढों में रास्ते समा गए हैं। गिट्टियां बाहर निकल आयी हैं। इन रास्तों पर दिन में चलने में भी तारे नजर आने लगते हैं। खस्ताहाल रास्तों को देख कर कहा जा सकता है कि विकास के दावों में कितना सच है। इनकी बदहाली के लिए कौन सा विभाग जिम्मेदार है इसका जवाब भी किसी के पास नहीं। आज हम आपको शहर की प्रमुख सड़कों के दर्द से रूबरू कराएंगे जहां से सुरक्षित निकलना मुश्किल है।
पिछले तीन महीने में हुई हादसे : 15
एक - कोटला रोड
कोटला रोड़ को शहर के प्रमुख मार्गों में आता है। यहां से सैकड़ों वाहन रोज निकलते हैं। कई नेता और जनप्रतिनिधि समेत अधिकारी भी इसी रोड़ पर रहते हैं। लंबे समय से इस क्षेत्र की सड़कें काफी बदहाल स्थिति में हैं। गाड़ी चलाना तो दूर इस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़कों पर आए दिन दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं। खराब सड़कों की वजह से खासकर बुजुर्गों और बच्चों का चलना मुश्किल हो गया है। सड़कों की मरम्मत के लिए कई बार धरना प्रदर्शन भी किया है, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। करीब तीन किलोमीटर की सड़कें काफी टूटी है।
दो - राजा का ताल
राजा का ताल मार्ग की मरम्मत के लिए कई दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। इससे पहले भी सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विरोध-प्रदर्शन भी किया है। कई बार कैंडल मार्च निकालकर भी अपना रोष जाहिर किया है। इसके बाद भी संबंधित विभाग ने इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। क्षेत्र की टूटी सड़कों की वजह से यहां भी आए दिन कोई न कोई दो पहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होता है। सड़कें तकरीबन पांच साल पहले बनी थीं। लोगों का कहना है कि जब से सड़क बनाई गई हैं, तब से इनकी मेंटीनेंस नहीं की गई है। एक किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं।
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तीन - देवनगर मार्ग
शहर के अंदर भी सड़कों की स्थिति काफी खराब है। यह सड़कें इतनी बदहाल है कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। पिछले तीन महीने के आंकड़ों के मुताबिक इस सड़क पर 15 वाहन चालक गंभीर तरह से घायल हो चुके हैं। आधा किमी सड़क काफी टूटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की सही तरह से मरम्मत न होने के चलते सड़क और क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों का परेशानी हो रही है।
कुछ जगह हुई महज औपचारिकता
शहर की कई माह से खराब पड़ी जलेसर रोड पर नगर निगम ने डामरीकरण कराकर महज औपचारिकता पूरी की है। सड़क बनाने के नाम पर डामर की पतली परत बिछा दी गई जो कुछ ही दिनों में टूटने लगी है। वहीं सड़क पर निर्माण कार्य अभी अधूरा है।
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पिछले तीन महीने में हुई हादसे : 15
एक - कोटला रोड
कोटला रोड़ को शहर के प्रमुख मार्गों में आता है। यहां से सैकड़ों वाहन रोज निकलते हैं। कई नेता और जनप्रतिनिधि समेत अधिकारी भी इसी रोड़ पर रहते हैं। लंबे समय से इस क्षेत्र की सड़कें काफी बदहाल स्थिति में हैं। गाड़ी चलाना तो दूर इस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़कों पर आए दिन दो पहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं। खराब सड़कों की वजह से खासकर बुजुर्गों और बच्चों का चलना मुश्किल हो गया है। सड़कों की मरम्मत के लिए कई बार धरना प्रदर्शन भी किया है, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। करीब तीन किलोमीटर की सड़कें काफी टूटी है।
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दो - राजा का ताल
राजा का ताल मार्ग की मरम्मत के लिए कई दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। इससे पहले भी सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विरोध-प्रदर्शन भी किया है। कई बार कैंडल मार्च निकालकर भी अपना रोष जाहिर किया है। इसके बाद भी संबंधित विभाग ने इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। क्षेत्र की टूटी सड़कों की वजह से यहां भी आए दिन कोई न कोई दो पहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होता है। सड़कें तकरीबन पांच साल पहले बनी थीं। लोगों का कहना है कि जब से सड़क बनाई गई हैं, तब से इनकी मेंटीनेंस नहीं की गई है। एक किलोमीटर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं।
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तीन - देवनगर मार्ग
शहर के अंदर भी सड़कों की स्थिति काफी खराब है। यह सड़कें इतनी बदहाल है कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। पिछले तीन महीने के आंकड़ों के मुताबिक इस सड़क पर 15 वाहन चालक गंभीर तरह से घायल हो चुके हैं। आधा किमी सड़क काफी टूटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की सही तरह से मरम्मत न होने के चलते सड़क और क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों का परेशानी हो रही है।
कुछ जगह हुई महज औपचारिकता
शहर की कई माह से खराब पड़ी जलेसर रोड पर नगर निगम ने डामरीकरण कराकर महज औपचारिकता पूरी की है। सड़क बनाने के नाम पर डामर की पतली परत बिछा दी गई जो कुछ ही दिनों में टूटने लगी है। वहीं सड़क पर निर्माण कार्य अभी अधूरा है।