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सर्वे से ही कर लिया सब्र, सड़कें बनीं कब्र
Amar Ujala
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:47 AM IST
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सर्वे से ही कर लिया सब्र, सड़कें बनीं कब्र
- फोटो : Amar Ujala
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जर्जर सड़कों पर खूब हो रहे हादसे, जनवरी 15 से जून 16 845 हादसे, 430 मरे
जिले की 784 सड़कों के सुधार को डेढ़ अरब रुपये मांगे, मिली एक पाई भी नहीं
एक जनवरी 15 से जून 16 तक हुए 845 हादसे, 430 लोगों की हो चुकी है मौत
रुकिए! घर से बाहर जाने से पहले अपनी कमर कस लीजिए, नहीं तो सड़कें दर्द दे जाएंगी। अपने जिले एक भी सड़क ऐसी नहीं है जिससे कोई भी वाहन आराम से गुजर जाए। आप जहां भी जाएंगे, वाहन हिचकोले खाएंगे। कीचड़ में फंसेंगे। गिट्टियों में धंसेंगे। बिना पंचर हुए आपका वाहन घर आ गया तो समझ लीजिए आप कोई किला फतह कर लौटे हैं। यह हाल उस जिले का है जहां मुख्यमंत्री के भाई सांसद हैं। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वीवीआईपी जिले में सफर कितना जानलेवा है यह इसी से पता चलता है कि जनवरी 2015 से जून 16 तक करीब 845 बड़े हादसे हो चुके हैं। इनमें 430 लोगों की जान जा चुकी है। जिला मुख्यालय से लेकर जिले को जोड़ने वाले प्रमुख और संपर्क मार्ग गड्ढे में तब्दील हो गए हैं। पीडब्लूडी, मंडी परिषद, जिला पंचायत और सिंचाई विभाग की करीब 784 सड़कें जो 1567 किमी की हैं, सब मरम्मत मरम्मत मांग रही हैं। विभागों ने सर्वे कराने के बाद 144.35 करोड़ रुपये की डिमांड भी की है लेकिन मिला कुछ नहीं है। आसफाबाद चौराहे के समीप फतेहाबाद रोड, मटसेना रोड, आसफाबाद - उसायनी बंबा बाईपास मार्ग, मटसेना रोड से पहाड़पुर मार्ग हो या बसई मोहम्मदपुर की ओर जाने वाला मार्ग गड्ढों से कोई नहीं बचा सका। जलेसर रोड पर तो डिवाइडर ने हालात और भी खराब कर दिए हैं।
अब तो सड़कों के गड्ढों से भी गिट्टी उखड़ रही
नारखी क्षेत्र की सड़क ों के गड्ढों से भी गिट्टी की उखड़ रही है। नारखी से ओखरा मार्ग और नारखी से पचोखरा जाने वाले मार्ग पर तो सड़क ही नजर नहीं आती। गौंछ से गढ़ी अफोह मार्ग व असन से गढ़ी श्रीराम को जाने वाले मार्ग की हालत देखने के बाद आप कहेंगे कि यहां सड़क तो सालों से नहीं बनी। मुस्तफाबाद - एका मार्ग जर्जर है। कसबा एका का तो मुख्य चौराहा ही गड्ढों में तब्दील है। जसराना से मुस्तफाबाद-शिकोहाबाद मार्ग की हालत मत पूछिए। एटा-शिकोहाबाद मार्ग से कसबा पाढ़म को जाने वाले मार्ग की हालत काफी खराब है।
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रास्ता बदल दिया पर सड़क नहीं सही हुई
खैरगढ़ - लालई मार्ग चार किलोमीटर का है। मार्ग पर गड्ढे इतने हैं के लोग कलूपुरा एवं सांती होकर जाते हैं। खैरगढ़ से सांखिनी मार्ग, जरौली - जखारा मार्ग एवं प्रतापपुर से नगला किरार मार्ग, केशपुरा से काली मंदिर जाने वाला मार्ग पर एक-एक फुट के गड्ढे हैं। हाथवंत- नंदपुर मार्ग, कुबेरपुर नगला सदिया, कनवारा से बुधरई मार्ग, खरगपुर से लालई मार्ग की हालत भी जर्जर है। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू ने इस मार्ग को सुधारने का आश्वासन दिया था लेकिन काम कुछ नहीं हुआ।
खस्ताहाल सड़क और मरम्मत के लिए बजट की डिमांड विभागवार
पीडब्ल्यूडी-561 सड़कें, 1323 किलोमीटर, 129 करोड़।
मंडी परिषद-140 सड़कें, 190 किलोमीटर, 11 करोड़।
जिला पंचायत-80 सड़कें, 36 किलोमीटर, 2.75 करोड़
सिंचाई विभाग-03 सड़कें, 18 किलोमीटर, 1.6 करोड़।
बोली जनता...
-खैरगढ़- लालई मार्ग पर बारिश से गड्ढे हो गए हैं। हजारों लोगों को घूमकर कलूपुरा-सांती से होकर जाना पड़ता है।
दीवान सिंह लालई
- गड़्ढे वाली सड़कों के कारण जनता परेशान है। शासन - प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो लेाग सरकार के विरोध में उतर आएंगे।
हनी सिंह, नारखी।
-कसबा पाढ़म आने में परेशानी होती है, क्योंकि मार्ग में गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन ठीक से चल नहीं पाते।
सुभाष निवासी पहाड़पुर
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जिले की 784 सड़कों के सुधार को डेढ़ अरब रुपये मांगे, मिली एक पाई भी नहीं
एक जनवरी 15 से जून 16 तक हुए 845 हादसे, 430 लोगों की हो चुकी है मौत
रुकिए! घर से बाहर जाने से पहले अपनी कमर कस लीजिए, नहीं तो सड़कें दर्द दे जाएंगी। अपने जिले एक भी सड़क ऐसी नहीं है जिससे कोई भी वाहन आराम से गुजर जाए। आप जहां भी जाएंगे, वाहन हिचकोले खाएंगे। कीचड़ में फंसेंगे। गिट्टियों में धंसेंगे। बिना पंचर हुए आपका वाहन घर आ गया तो समझ लीजिए आप कोई किला फतह कर लौटे हैं। यह हाल उस जिले का है जहां मुख्यमंत्री के भाई सांसद हैं। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वीवीआईपी जिले में सफर कितना जानलेवा है यह इसी से पता चलता है कि जनवरी 2015 से जून 16 तक करीब 845 बड़े हादसे हो चुके हैं। इनमें 430 लोगों की जान जा चुकी है। जिला मुख्यालय से लेकर जिले को जोड़ने वाले प्रमुख और संपर्क मार्ग गड्ढे में तब्दील हो गए हैं। पीडब्लूडी, मंडी परिषद, जिला पंचायत और सिंचाई विभाग की करीब 784 सड़कें जो 1567 किमी की हैं, सब मरम्मत मरम्मत मांग रही हैं। विभागों ने सर्वे कराने के बाद 144.35 करोड़ रुपये की डिमांड भी की है लेकिन मिला कुछ नहीं है। आसफाबाद चौराहे के समीप फतेहाबाद रोड, मटसेना रोड, आसफाबाद - उसायनी बंबा बाईपास मार्ग, मटसेना रोड से पहाड़पुर मार्ग हो या बसई मोहम्मदपुर की ओर जाने वाला मार्ग गड्ढों से कोई नहीं बचा सका। जलेसर रोड पर तो डिवाइडर ने हालात और भी खराब कर दिए हैं।
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अब तो सड़कों के गड्ढों से भी गिट्टी उखड़ रही
नारखी क्षेत्र की सड़क ों के गड्ढों से भी गिट्टी की उखड़ रही है। नारखी से ओखरा मार्ग और नारखी से पचोखरा जाने वाले मार्ग पर तो सड़क ही नजर नहीं आती। गौंछ से गढ़ी अफोह मार्ग व असन से गढ़ी श्रीराम को जाने वाले मार्ग की हालत देखने के बाद आप कहेंगे कि यहां सड़क तो सालों से नहीं बनी। मुस्तफाबाद - एका मार्ग जर्जर है। कसबा एका का तो मुख्य चौराहा ही गड्ढों में तब्दील है। जसराना से मुस्तफाबाद-शिकोहाबाद मार्ग की हालत मत पूछिए। एटा-शिकोहाबाद मार्ग से कसबा पाढ़म को जाने वाले मार्ग की हालत काफी खराब है।
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रास्ता बदल दिया पर सड़क नहीं सही हुई
खैरगढ़ - लालई मार्ग चार किलोमीटर का है। मार्ग पर गड्ढे इतने हैं के लोग कलूपुरा एवं सांती होकर जाते हैं। खैरगढ़ से सांखिनी मार्ग, जरौली - जखारा मार्ग एवं प्रतापपुर से नगला किरार मार्ग, केशपुरा से काली मंदिर जाने वाला मार्ग पर एक-एक फुट के गड्ढे हैं। हाथवंत- नंदपुर मार्ग, कुबेरपुर नगला सदिया, कनवारा से बुधरई मार्ग, खरगपुर से लालई मार्ग की हालत भी जर्जर है। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू ने इस मार्ग को सुधारने का आश्वासन दिया था लेकिन काम कुछ नहीं हुआ।
खस्ताहाल सड़क और मरम्मत के लिए बजट की डिमांड विभागवार
पीडब्ल्यूडी-561 सड़कें, 1323 किलोमीटर, 129 करोड़।
मंडी परिषद-140 सड़कें, 190 किलोमीटर, 11 करोड़।
जिला पंचायत-80 सड़कें, 36 किलोमीटर, 2.75 करोड़
सिंचाई विभाग-03 सड़कें, 18 किलोमीटर, 1.6 करोड़।
बोली जनता...
-खैरगढ़- लालई मार्ग पर बारिश से गड्ढे हो गए हैं। हजारों लोगों को घूमकर कलूपुरा-सांती से होकर जाना पड़ता है।
दीवान सिंह लालई
- गड़्ढे वाली सड़कों के कारण जनता परेशान है। शासन - प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो लेाग सरकार के विरोध में उतर आएंगे।
हनी सिंह, नारखी।
-कसबा पाढ़म आने में परेशानी होती है, क्योंकि मार्ग में गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन ठीक से चल नहीं पाते।
सुभाष निवासी पहाड़पुर