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38 हजार बैंक खातों में अटकी स्वेटर, यूनिफार्म की धनराशि

Mon, 29 Nov 2021 11:12 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 29 Nov 2021 11:12 PM IST
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Sweater, uniform amount stuck in 38 thousand bank accounts
फिरोजाबाद। सरकार के नए प्रयोग के कारण बेसिक शिक्षा विभाग के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म और स्वेटर के लिए डीबीटी प्रक्रिया के तहत भेजी गई धनराशि 38 हजार बैंक खातों में अटक गई है। इसका प्रमुख कारण अभिभावकों के खातों का आधार से लिंक न होना अथवा लंबे समय से सक्रिय न होना है। इसका खामियाजा ठंड में बच्चों को ठिठुरकर भुगतना पड़ रहा है।
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प्रतिवर्ष जूते, मौजे और बैग शासन की ओर से भेजे जाते थे और शिक्षकों द्वारा निशुल्क ड्रेस, स्वेटर का वितरण किया जाता था। हालांकि सामान की गुणवत्ता पर सवाल उठते थे। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, जूते, मौजे और बैग की धनराशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अभिभावकों के खाते में भेजी जाने के आदेश दिए गए।
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जिले में एक लाख 80 हजार विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलना है। इनमें से पहले चरण में एक लाख दो हजार बच्चों के अभिभावकों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। हालांकि 38 हजार बैंक खाते नॉन सीडेड पाए गए। ऐसे में अभिभावकों के खातों में धनराशि नहीं पहुंच सकी। इसका मुख्य कारण खातों का आधार लिंक न होना अथवा खाते में लंबे समय से लेनदेन न करना है।
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शिक्षकों के लिए बना सिर दर्द
अभिभावकों के लिए डीबीटी सिरदर्द बन गई है। पहले डीबीटी में डाटा फीड किया जा रहा था। पोर्टल अधिकांश समय तक नहीं चलने की समस्या आ रही थी। अब कई अभिभावकों के खातों में धनराशि नहीं आई है। ऐसे में अभिभावक प्रतिदिन शिक्षकों के पास पहुंच रहे हैं। इधर, बीएसए ने भी अभिभावकों के खाते सक्रिय कराने के आदेश दिए हैं। ऐसे में अभिभावक बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।

करीब एक लाख 80 हजार बच्चों के माता-पिता के खातों में धनराशि भेजी जानी है। इसमें से एक लाख दो हजार के खाते में धनराशि शासन से भेजी गई है लेकिन 38 हजार खाते नॉन सीडेड हैं। यह समस्या तो हैं मगर समाधान के लिए शिक्षकों से कहा गया है।
अंजली अग्रवाल, बीएसए
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