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लैपटॉप के लिए सड़क पर उतरी छात्राएं
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 03 Sep 2015 09:55 PM IST
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कन्या विद्याधन और लैपटॉप की मांग को लेकर सड़क पर उतरी छात्राओं ने गांधी पार्क स्थित पालीवाल हॉल के बाहर जाम लगा दिया। दो छात्राओं की तबीयत खराब होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। छात्राओं की समस्या सुनने के साथ निस्तारण का आश्वासन देकर जाम खुलवाया गया। इस दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री के नाम नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा।
कन्या विद्याधन और लैपटॉप की मांग को लेकर आक्रोशित छात्राओं ने गुरुवार शाम को गांधी पार्क स्थित पालीवाल हॉल के बाहर जाम लगा दिया। जाम की खबर पर कोतवाली उत्तर पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने छात्राओं को समझाते हुए जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं पुलिस की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थी। छात्राओं का आरोप था कि वह पिछले चार माह से लैपटॉप और छात्रवृत्ति के लिए डीएम आफिस के चक्कर काट रही है। नगर मजिस्ट्रेट से लेकर डीएम तक को कई बार ज्ञापन भी दिए जा चुके है, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा। ठोस जवाब नहीं मिलने तक जाम नहीं खोला जाएगा। छात्राओं की मांग पर अधिकारी बैकफुट पर आ गए और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और छात्राओं की समस्याओं का हल कराने का आश्वासन देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन ले लिया। इसके बाद छात्राओं ने जाम खोला।
इसलिए आक्रोशित हुई थी छात्राएं
छात्राओं का आरोप था कि वर्ष 2013-14 में हाईस्कूल और इंटर की छात्र छात्राओं को 88 प्रतिशत अंक वालों को योजना में शामिल किया गया था। जबकि वर्ष 2014-15 में 72 प्रतिशत वाली छात्रा छात्राओं को योजना में शामिल किया गया है। ऐसे में वे सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित रह गई। 494 लैपटॉप वितरण के लिए जो सूची तैयार की गई है, उनमें भी उनका नाम नहीं है।
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बिगड़ी तबीयत तो छूटे पसीने
दो घंटे से जाम लगाकर रोड पर खड़ी छात्रा नाजिस और इला शर्मा की तबीयत बिगड़ने के साथ ही पुलिस के माथे पर पसीना झलकने लगा। मामला बढ़ता देख पुलिस ने आनन फानन में आलाधिकारियों के फोन घनघनाना शुरू कर दिए। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और छात्राओं की बात सुनी।
पुलिस पर भारी पड़ी 15 छात्राएं
जाम लगाए खड़ी छात्राओं की संख्या महज 15 थी, जबकि पुलिसकर्मियों की संख्या 20 थी। 20 पुलिसकर्मी 15 छात्राओं से जाम नहीं खुलवा सके और न ही उनको किसी तरह का आश्वासन दे सके।
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कन्या विद्याधन और लैपटॉप की मांग को लेकर आक्रोशित छात्राओं ने गुरुवार शाम को गांधी पार्क स्थित पालीवाल हॉल के बाहर जाम लगा दिया। जाम की खबर पर कोतवाली उत्तर पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने छात्राओं को समझाते हुए जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं पुलिस की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थी। छात्राओं का आरोप था कि वह पिछले चार माह से लैपटॉप और छात्रवृत्ति के लिए डीएम आफिस के चक्कर काट रही है। नगर मजिस्ट्रेट से लेकर डीएम तक को कई बार ज्ञापन भी दिए जा चुके है, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा। ठोस जवाब नहीं मिलने तक जाम नहीं खोला जाएगा। छात्राओं की मांग पर अधिकारी बैकफुट पर आ गए और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और छात्राओं की समस्याओं का हल कराने का आश्वासन देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन ले लिया। इसके बाद छात्राओं ने जाम खोला।
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इसलिए आक्रोशित हुई थी छात्राएं
छात्राओं का आरोप था कि वर्ष 2013-14 में हाईस्कूल और इंटर की छात्र छात्राओं को 88 प्रतिशत अंक वालों को योजना में शामिल किया गया था। जबकि वर्ष 2014-15 में 72 प्रतिशत वाली छात्रा छात्राओं को योजना में शामिल किया गया है। ऐसे में वे सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित रह गई। 494 लैपटॉप वितरण के लिए जो सूची तैयार की गई है, उनमें भी उनका नाम नहीं है।
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बिगड़ी तबीयत तो छूटे पसीने
दो घंटे से जाम लगाकर रोड पर खड़ी छात्रा नाजिस और इला शर्मा की तबीयत बिगड़ने के साथ ही पुलिस के माथे पर पसीना झलकने लगा। मामला बढ़ता देख पुलिस ने आनन फानन में आलाधिकारियों के फोन घनघनाना शुरू कर दिए। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और छात्राओं की बात सुनी।
पुलिस पर भारी पड़ी 15 छात्राएं
जाम लगाए खड़ी छात्राओं की संख्या महज 15 थी, जबकि पुलिसकर्मियों की संख्या 20 थी। 20 पुलिसकर्मी 15 छात्राओं से जाम नहीं खुलवा सके और न ही उनको किसी तरह का आश्वासन दे सके।