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Firozabad News: बाजार में श्रीसन फार्मा कंपनी का कफ सिरप बेचने पर रोक, बढ़ी निगरानी

Tue, 07 Oct 2025 07:16 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 07 Oct 2025 07:16 PM IST
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Srisan Pharma company's cough syrup banned from sale in the market, increased surveillance
सांकेतिक 
- मेडिकल स्टोर से दवा लेने के बाद चिकित्सक से दिखाने के बाद करें सेवन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड व अन्य राज्यों में कफ सिरप के सेवन से मासूमों की हो रही मौत पर शासन के निर्देश पर सिरप बिक्री पर अंकुश लगा है। औषधी प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को श्रीसन फार्मा के कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।

मेडिकल कॉलेज सहित सीएचससी पीएचसी पर कई महीनों से कफ सिरप की आपूर्ति नहीं हुई। मेडिकल कॉरपोरेशन से ही दवा आपूर्ति होती है। कुछ दवाएं लोकल परचेज होती हैं, लेकिन उनमें भी कफ सिरप शामिल नहीं है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य डॉक्टरों को बीमार बच्चों के परिजन के अनुरोध पर कफ सिरप का परामर्श न देने के लिए कहा गया है। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता के मुताबिक छह माह तक के बच्चों को सिरप देना जरूरी नहीं। इसके बजाय उन्हें स्टीम (भाप) और सलाइन देना चाहिए। ताकि बंद नाक खुले और भरपूर सांस मिले। डॉ. विवेक अग्रवाल ने बताया कि सिरप का उपयोग फेफड़े का संक्रमण, बंद नाक यानी जुकाम और एलर्जी ठीक करने के लिए दिया जाता है। हालांकि, गुणवत्तापूर्ण यानी मानक के अनुसार साल्ट की सांद्रता होने पर साइड इफेक्ट की आशंका नहीं होती। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की ओर से जो भी दवाएं लिखी जाएं, उसे खरीदने के बाद एक बार फिर दिखा लें। उनकी ओर से चेक कर लिया जाए और जो मात्रा बताई जाए, इसके बाद ही सेवन करें। मेडिकल स्टोर से अपने मन से लेकर लेकर खाना शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।
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पर्ची को दरकिनार कर सस्ती दवाइयों की करते मांग
एक मेडिकल संचालक ने बताया कि जिले में दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को दिए जाने वाले सिरप का कारोबार करीब दस लाख रुपये से अधिक का है। ज्यादातर डॉक्टर सिरप नहीं लिखते। सिरप की मांग दिसंबर, जनवरी, फरवरी माह में होती है। इस बार बरसात के कारण संक्रमण बढ़ने से सर्दी जुकाम के अलावा खांसी की समस्या बढ़ गई है। मरीज डॉक्टर के लिखे पर्चे को दर किनार कर सस्ते दर पर किसी भी कंपनी की दवा की मांग करते हैं। पहले दवा दुकानों पर उचित दर पर अच्छी दवा का स्लोगन दिखता था। अब दवा खरीदने पर 10 से 15 प्रतिशत की छूट का बोर्ड दिखता है।
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शासन के निर्देश पर सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को प्रतिबंधित सिरप की बिक्री पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया है। जिले में उक्त सिरप की सप्लाई नहीं होती है। एतिहातन निगरानी की जा रही है।
देशबंधु, ड्रग इंस्पेक्टर
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