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Firozabad News: चंद्रप्रभु मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान, भावविभोर हुए श्रद्धालु
Sun, 02 Nov 2025 07:20 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 02 Nov 2025 07:20 PM IST
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चंद्रप्रभु मंदिर में आयोजित विधान में पूजा अर्चना करती महिलाएं। संवाद।
- फोटो : चंद्रप्रभु मंदिर में आयोजित विधान में पूजा अर्चना करती महिलाएं। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बालयोगी अमित सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन चल रहा है। श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया।
विधान के शुभारंभ पर ब्रह्मचारी राकेश भैया द्वारा मंत्रोच्चारण किया गया, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक 128 अर्घ्य चढ़ाए। जिनभक्तों ने मंगलाचरण और भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु आराधना की। वहीं, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैन नगर में भी विधिविधान के साथ पूजा अर्चना की गई। प्रतिष्ठाचार्य रमेश जैन ने कहा कि सिद्धचक्र विधान आत्मा की शुद्धि कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। नियमित रूप से इस विधान का पूजन करने से पापों का प्रायश्चित होता है और साधक की आत्मिक उन्नति होती है। विधानाचार्य कैलाश चंद्र जैन एवं प्रतिष्ठाचार्य रमेश जैन के मंत्रोच्चारण के साथ सिद्धचक्र विधान की विधिवत स्थापना की गई। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार जैन, सुनीता जैन, मुकेश जैन, कामिनी जैन, महक जैन, इशिका जैन, राजेश जैन, अक्षत जैन, शशांक जैन आदि शामिल रहे।
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फिरोजाबाद। अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में बालयोगी अमित सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन चल रहा है। श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया।
विधान के शुभारंभ पर ब्रह्मचारी राकेश भैया द्वारा मंत्रोच्चारण किया गया, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक 128 अर्घ्य चढ़ाए। जिनभक्तों ने मंगलाचरण और भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु आराधना की। वहीं, पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैन नगर में भी विधिविधान के साथ पूजा अर्चना की गई। प्रतिष्ठाचार्य रमेश जैन ने कहा कि सिद्धचक्र विधान आत्मा की शुद्धि कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। नियमित रूप से इस विधान का पूजन करने से पापों का प्रायश्चित होता है और साधक की आत्मिक उन्नति होती है। विधानाचार्य कैलाश चंद्र जैन एवं प्रतिष्ठाचार्य रमेश जैन के मंत्रोच्चारण के साथ सिद्धचक्र विधान की विधिवत स्थापना की गई। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार जैन, सुनीता जैन, मुकेश जैन, कामिनी जैन, महक जैन, इशिका जैन, राजेश जैन, अक्षत जैन, शशांक जैन आदि शामिल रहे।
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