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सरोज जैन हुईं क्षुल्लिका विकुलश्री माताजी
अमर उजाला
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:36 AM IST
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जैन मुनि विनम्र सागर महाराज ने दिए दीक्षा संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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श्री छदामीलाल जैन मंदिर में मंगलवार को विनम्र सागर महाराज के सानिध्य में सुबह से जैनाचार्य विराग सागर की दीक्षा जयंती महोत्सव आयोजित हुआ। गांधी नगर निवासी सरोज जैन ने गृहस्थ जीवन का त्याग कर जैनेश्वरी दीक्षा गृहण की। वैराग्य के इस दृश्य को देखने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु आए। जैन मुनि ने उन्हे दीक्षा संस्कार दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत आगरा की प्राची जैन ने मंगलाचरण गाकर की। चित्रानावरण हीरालाल जैन एवं दीप प्रज्ज्वलन विनय कुमार जैन ने किया। मुनिश्री का पाद प्रक्षालन विजय जैन देवता और अरुण जैन पीली कोठी ने किया। आर्यिका विमलश्री माताजी ने दीक्षा क्रियाएं शुरू की। मंत्रोच्चारण के साथ गांधी नगर निवासी सरोज जैन को क्षुल्लिका पद की दीक्षा दी। जैन मुनि विनम्र सागर ने उन्हें विकुलश्री माताजी का नाम दिया। दीक्षा ग्रहण करने बाद केशलोचन की प्रक्रिया कराई गई।
दीक्षा ग्रहण करने वाली विकुलश्री माताजी को पिच्छिका भेंट की गई। यह सौभाग्य जीतू जैन महावीर नगर को मिला। स्नेह कुमार जैन पूती परिवार की ओर से माताजी को कमंडल भेंट किया गया। महिला जैन मिलन की ओर से माताजी को वस्त्र भेंट किए गए। वर्धमान महिला मंडल, गांधी नगर की सदस्याओं ने शास्त्र भेंट किया। आहार के लिए पात्र विजय जैन अरुण कुमार जैन ने दिया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गई।
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कार्यक्रम की शुरुआत आगरा की प्राची जैन ने मंगलाचरण गाकर की। चित्रानावरण हीरालाल जैन एवं दीप प्रज्ज्वलन विनय कुमार जैन ने किया। मुनिश्री का पाद प्रक्षालन विजय जैन देवता और अरुण जैन पीली कोठी ने किया। आर्यिका विमलश्री माताजी ने दीक्षा क्रियाएं शुरू की। मंत्रोच्चारण के साथ गांधी नगर निवासी सरोज जैन को क्षुल्लिका पद की दीक्षा दी। जैन मुनि विनम्र सागर ने उन्हें विकुलश्री माताजी का नाम दिया। दीक्षा ग्रहण करने बाद केशलोचन की प्रक्रिया कराई गई।
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दीक्षा ग्रहण करने वाली विकुलश्री माताजी को पिच्छिका भेंट की गई। यह सौभाग्य जीतू जैन महावीर नगर को मिला। स्नेह कुमार जैन पूती परिवार की ओर से माताजी को कमंडल भेंट किया गया। महिला जैन मिलन की ओर से माताजी को वस्त्र भेंट किए गए। वर्धमान महिला मंडल, गांधी नगर की सदस्याओं ने शास्त्र भेंट किया। आहार के लिए पात्र विजय जैन अरुण कुमार जैन ने दिया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गई।
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