फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Sanil Kumar stepped down as chairman on education mafia appeared harsh

चेयरमैन पद से हटे सनिल कुमार शिक्षा माफिया पर दिखे तल्ख

Mon, 05 Oct 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Mon, 05 Oct 2015 11:09 PM IST
विज्ञापन
Sanil Kumar stepped down as chairman on education mafia appeared harsh
फीरोजाबाद। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के चेयरमैन पद से बर्खास्त किए गए डा. सनिल कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल महज विरोधियों की साजिश है। उनके रहते शिक्षा माफियाओं के हित पूरे नहीं हो पा रहे थे। किसी का नाम लिए बिना डा. सनिल ने कहा कि उन्होंने पूर्व की कुछ नियुक्तियों की जांच कराई तो ओएमआर और कार्बन कापी में कई गड़बड़ियां निकलीं। शिक्षण संस्थानों के ठेकेदार बेपर्दा हो रहे थे। अब दस हजार नियुक्तियों की तैयारी थी इसमें कुछ लोग हेरफेर करना चाहते थे। इस कारण कई विरोधी भी पीछे पड़ गए। इस मामले में सनिल कुमार का रुख बेहद तल्ख दिखा। अमर उजाला से बातचीत में हालांकि उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश सर्वोपरि है, हम उसका सम्मान करते हैं।
विज्ञापन

मूल रूप से जिला कांशीरामनगर निवासी सनिल 27 वर्षों से लोक राष्ट्रीय महाविद्यालय जसराना में अंग्रेजी के प्रवक्ता हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 जुलाई को उन्हें माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का अध्यक्ष मनोनीत किया था। इससे पूर्व डा. सनिल कुमार को कमेटी ने 2012 में प्राचार्य पद की जिम्मेदारी दी तो उनका विरोध किया गया। विरोध के बाद भी सनिल कुमार प्राचार्य पद पर बने रहे। महाविद्यालय में प्राचार्य पद को लेकर काफी लंबे समय से ब्रह्म अवतार शर्मा लड़ाई लड़ रहे हैं। इससे पहले केवी वर्मा के साथ कोर्ट में मामला चलता रहा। वरिष्ठता में कम होने के बाद भी चार्ज डा. सनिल कुमार को सौंपा गया। इससे पूर्व हाईकोर्ट ने सात सितंबर को उच्चतर शिक्षा आयोग के रामवीर, रुदल सिंह और अनिल कुमार को अयोग्य मानते हुए उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया था।
विज्ञापन


गबन के भी खुलासे किए
सनिल ने बताया कि आरपी वर्मा ने 15 जुलाई 2011 से 24 अगस्त 2012 के बीच अध्यक्ष रहते हुए परीक्षा मद में मिली राशि में गड़बड़ी की। वह बिना काम कराए ही पैसा लेकर चले गए। सनिल ने कार्यवाहक अध्यक्ष रहीं अनीता यादव पर भी आपत्ति के बावजूद बोलेरो गाड़ी खरीदने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ लेखा अधिकारी संजय सिंह तथा लेखाकार संजय श्रीवास्तव के विरोध के बावजूद उन्होंने 17 लाख रुपये में वाहन खरीदा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed