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कही खुशी का सूरज, कहीं गम की शाम
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 02 Nov 2015 11:36 PM IST
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पंचायत चुनाव में जनता ने वोट की चोट से कई दिग्गजों को धराशायी कर दिया तो अपने चहेतों को प्रतिनिधित्व का मौका दिया। महीनों से पंचायत चुनाव के शोर के बाद जब परिणाम आया तो जिले के सभी मतगणना स्थल पर हालात दीगर थे। कहीं पर सुबह सूरज खुशी की उमंग लेकर आया तो कही सूर्योदय के बाद गम की शाम नजर आई। चुनावी बिसात पर विधायकों के शेर धराशायी हो गए तो सैफई परिवार के रिश्तेदार जनता की ना के आगे खामोश ही रह गए।
रविवार की लंबी जद्दोजहद के बाद सोमवार की पहली किरन जिला पंचायत का परिणाम लेकर आई। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर क्षेत्रों तक मतगणना की हलचलें दिखीं। कई माननीयों, सैफई परिवार के रिश्तेदार और दिग्गजों को अपने ही क्षेत्रों में मुंह की खानी पड़ी है। करीब आधा दर्जन दिग्गजों ने अपने परिजनों को चुनाव मैदान में उतारा था। विधायकों के परिवारों को जिला पंचायत में विरोधियों से कड़ी टक्कर मिली। सिरसागंज विधायक हरिओम यादव के पुत्र विजय प्रताप सिंह छोटू चुनाव जीत गए लेकिन उनकी मां महज 15 वोटों से हार गईं। वहीं दूसरी ओर सांसद तेज प्रताप के मामा प्रवेंद्र लला को उनके प्रतिद्वंदी डीपी यादव ने चारों खाने चित कर दिया। सांसद धर्मेंद्र यादव के जीजा राजीव यादव अपने क्षेत्र में बुरी तरह हारे तो वहीं सपा सुप्रीमो के दामाद सपा समर्थित प्रत्याशी अनुजेश प्रताप सिंह ने सर्वाधिक मतों से रिकार्ड जीत दर्ज की। जसराना विधायक अपनी साख बचाने में कामयाब दिखे। उनकी पत्नी और पुत्र दोनों ही चुुनाव जीते। मदनपुर ब्लाक प्रमुख नारायनदेवी सोमेश, हाथवंत ब्लाक प्रमुख के बेटे हरेंद्र यादव, सपा के कद्दावर नेता विजेंद्र पाल ठेकेदार को हार का मुंह देखना पड़ा। टूंडला क्षेत्र से सपा के पूर्व विधायक मोहनदेव शंखवार का बेटे एवं बसपा विधायक राकेश बाबू एडवोकेट के भाई की पत्नी पप्पी देवी को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के पूर्व विधायक शिव सिंह चक के छोटे भाई की पत्नी भी बुरी तरह से चुनाव हारी। जिला निर्वाचन अधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार चुनाव परिणाम आयोग की वेबसाइट पर लगातार अपलोड किए जा रहे हैं। साथ ही विजयी प्रत्याशियों के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर भी जानकारी दी जा रही है।
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रविवार की लंबी जद्दोजहद के बाद सोमवार की पहली किरन जिला पंचायत का परिणाम लेकर आई। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर क्षेत्रों तक मतगणना की हलचलें दिखीं। कई माननीयों, सैफई परिवार के रिश्तेदार और दिग्गजों को अपने ही क्षेत्रों में मुंह की खानी पड़ी है। करीब आधा दर्जन दिग्गजों ने अपने परिजनों को चुनाव मैदान में उतारा था। विधायकों के परिवारों को जिला पंचायत में विरोधियों से कड़ी टक्कर मिली। सिरसागंज विधायक हरिओम यादव के पुत्र विजय प्रताप सिंह छोटू चुनाव जीत गए लेकिन उनकी मां महज 15 वोटों से हार गईं। वहीं दूसरी ओर सांसद तेज प्रताप के मामा प्रवेंद्र लला को उनके प्रतिद्वंदी डीपी यादव ने चारों खाने चित कर दिया। सांसद धर्मेंद्र यादव के जीजा राजीव यादव अपने क्षेत्र में बुरी तरह हारे तो वहीं सपा सुप्रीमो के दामाद सपा समर्थित प्रत्याशी अनुजेश प्रताप सिंह ने सर्वाधिक मतों से रिकार्ड जीत दर्ज की। जसराना विधायक अपनी साख बचाने में कामयाब दिखे। उनकी पत्नी और पुत्र दोनों ही चुुनाव जीते। मदनपुर ब्लाक प्रमुख नारायनदेवी सोमेश, हाथवंत ब्लाक प्रमुख के बेटे हरेंद्र यादव, सपा के कद्दावर नेता विजेंद्र पाल ठेकेदार को हार का मुंह देखना पड़ा। टूंडला क्षेत्र से सपा के पूर्व विधायक मोहनदेव शंखवार का बेटे एवं बसपा विधायक राकेश बाबू एडवोकेट के भाई की पत्नी पप्पी देवी को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के पूर्व विधायक शिव सिंह चक के छोटे भाई की पत्नी भी बुरी तरह से चुनाव हारी। जिला निर्वाचन अधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार चुनाव परिणाम आयोग की वेबसाइट पर लगातार अपलोड किए जा रहे हैं। साथ ही विजयी प्रत्याशियों के मोबाइल पर एसएमएस भेजकर भी जानकारी दी जा रही है।
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