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चू ी कारखानों में कामकाज पटरी लाने को एक कदम और आगे बढी कवायद
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फिरोजाबाद। लगभग तीन माह से बंद कांच चूड़ी उद्योग जगत उत्पादन शुरू करने की कवायद में एक कदम और आगे बढ़ गया है। शनिवार को चूड़ी कारखानों में उत्पादन का पहिया पटरी पर लाने के लिए दो महत्वपूर्ण गतिविधियां हुईं। दी इंडस्ट्रियल ग्लास सिडिंकेट ने जलेसर रोड स्थित शिक्षण संस्था में चूड़ी निर्माण करने वाले कारखानेदारों के साथ बैठक की। वहीं दूसरी ओर औद्योगिक आस्थान स्थित कुछ चूड़ी निर्माता इकाइयों के संचालकों ने उत्पादन शुरू कराने के लिए जरूरी अनुमति हेतु आवेदन किए हैं। इन सब के बीच चूड़ी उद्योग जगत में कामकाज सुचारु कराने के लिए उद्योग विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।
कांच चूड़ी कारखानों में जल्द से जल्द कामकाज शुरू कराने की कवायद दिनोंदिन तेजी पकड़ रही हैं। कांच चूड़ी बनाने वाले कारखानों को शुरू कराने के लिए श्रमिक संगठन एवं चूड़ी उद्योग के माध्यम से आजीविका कमाने वाले लोग सक्रिय हैं। वहीं कारखानेदारों का एक गुट भी चूड़ी कारखानों को चालू कराने की कोशिश में है। शनिवार को चूड़ी निर्माण कराने वाले कारखानेदारों के संगठन द ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडिकेट ने जलेसर रोड स्थित एक शिक्षण संस्थान में बैठक की। बैठक में करीब 30-40 कारखानेदार मौजूद रहे। बैठक में चूड़ी कारखानों में उत्पादन शुरू करने को लेकर मंत्रणा हुई।
हालांकि कामकाज के दौरान कोविड-19 के तहत जारी शासन की गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने, श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग एवं निरंतर सैनिटाइजेशन जैसे विषयों पर बैठक में मौजूद कारखानेदार अंतिम निर्णय नहीं ले सके। सिंडिकेट अध्यक्ष हनुमान प्रसाद गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान वरिष्ठ उद्योगपतियों राजेद्र प्रसाद,जानकी प्रसाद, राकेश अग्रवाल,प्रमोद जैन,संतोष जैन एवं अनिल जैन आदि की मौजूदगी में सर्व सम्मति से आगामी चार दिन बाद दोबारा बैठक कर अंतिम निर्णय लिए जाने पर सहमति बनी।
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दो चूड़ी इकाइयों ने मांगी उत्पादन शुरू कराने की अनुमति
दी ग्लास सिंडिकेट द्वारा आयोजित बैठक के इतर चूड़ी निर्माता कुछ कारखानेदारों का प्रतिनिधि मंडल जिला उद्योग केंद्र पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडे से वार्ता कर चूड़ी कारखानों को जल्द से जल्द चालू कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। इस दौरान औद्योगिक आस्थान स्थित नीलम ग्लास इंडस्ट्रीज एवं आरएस ग्लास इंडस्ट्रीज ने उत्पादन शुरू करने हेतु जरूरी अनुमति के लिए आवेदन दाखिल किए।
दी ग्लास सिंडिकेट का कथन-
चूड़ी कारखानों में उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन के अतिरिक्त कुल क्षमता के सापेक्ष 50 प्रतिशत काम चलाने जैसे बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। बैठक में मौजूद कारखानेदारों के सुझाव लिए गए हैं। उन पर मंथन करेंगे। अगली बैठक चार दिन बाद होने पर सहमति बनी है। तभी अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
हनुमान प्रसाद गर्ग अध्यक्ष दी ग्लास इंड्रस्ट्रीयल सिंडिकेट
चूड़ी कारखानेदारों का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को कार्यालय आया था। दो सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से चूड़ी उद्योग को पटरी लाने के बाबत वार्ता हुई है। कोशिश की जा रही है। कि तय मानकों के साथ कामकाज पटरी पर लौटे। दो चूड़ी इकाइयों ने भी उत्पादन शुरू करने हेतु अनुमति मांगी है।
अमरेश पांडे उपायुक्त उद्योग
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कांच चूड़ी कारखानों में जल्द से जल्द कामकाज शुरू कराने की कवायद दिनोंदिन तेजी पकड़ रही हैं। कांच चूड़ी बनाने वाले कारखानों को शुरू कराने के लिए श्रमिक संगठन एवं चूड़ी उद्योग के माध्यम से आजीविका कमाने वाले लोग सक्रिय हैं। वहीं कारखानेदारों का एक गुट भी चूड़ी कारखानों को चालू कराने की कोशिश में है। शनिवार को चूड़ी निर्माण कराने वाले कारखानेदारों के संगठन द ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडिकेट ने जलेसर रोड स्थित एक शिक्षण संस्थान में बैठक की। बैठक में करीब 30-40 कारखानेदार मौजूद रहे। बैठक में चूड़ी कारखानों में उत्पादन शुरू करने को लेकर मंत्रणा हुई।
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हालांकि कामकाज के दौरान कोविड-19 के तहत जारी शासन की गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने, श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग एवं निरंतर सैनिटाइजेशन जैसे विषयों पर बैठक में मौजूद कारखानेदार अंतिम निर्णय नहीं ले सके। सिंडिकेट अध्यक्ष हनुमान प्रसाद गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान वरिष्ठ उद्योगपतियों राजेद्र प्रसाद,जानकी प्रसाद, राकेश अग्रवाल,प्रमोद जैन,संतोष जैन एवं अनिल जैन आदि की मौजूदगी में सर्व सम्मति से आगामी चार दिन बाद दोबारा बैठक कर अंतिम निर्णय लिए जाने पर सहमति बनी।
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दो चूड़ी इकाइयों ने मांगी उत्पादन शुरू कराने की अनुमति
दी ग्लास सिंडिकेट द्वारा आयोजित बैठक के इतर चूड़ी निर्माता कुछ कारखानेदारों का प्रतिनिधि मंडल जिला उद्योग केंद्र पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडे से वार्ता कर चूड़ी कारखानों को जल्द से जल्द चालू कराने हेतु आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। इस दौरान औद्योगिक आस्थान स्थित नीलम ग्लास इंडस्ट्रीज एवं आरएस ग्लास इंडस्ट्रीज ने उत्पादन शुरू करने हेतु जरूरी अनुमति के लिए आवेदन दाखिल किए।
दी ग्लास सिंडिकेट का कथन-
चूड़ी कारखानों में उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन के अतिरिक्त कुल क्षमता के सापेक्ष 50 प्रतिशत काम चलाने जैसे बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। बैठक में मौजूद कारखानेदारों के सुझाव लिए गए हैं। उन पर मंथन करेंगे। अगली बैठक चार दिन बाद होने पर सहमति बनी है। तभी अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
हनुमान प्रसाद गर्ग अध्यक्ष दी ग्लास इंड्रस्ट्रीयल सिंडिकेट
चूड़ी कारखानेदारों का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को कार्यालय आया था। दो सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से चूड़ी उद्योग को पटरी लाने के बाबत वार्ता हुई है। कोशिश की जा रही है। कि तय मानकों के साथ कामकाज पटरी पर लौटे। दो चूड़ी इकाइयों ने भी उत्पादन शुरू करने हेतु अनुमति मांगी है।
अमरेश पांडे उपायुक्त उद्योग