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वायु एवं जल प्रदूषण के लिहाज से खतरनाक पायदान पर फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। वायु और जल प्रदूषण के लिहाज से फिरोजाबाद की स्थिति काफी खराब है। सीईपीआई (कम्प्रेहेसिव इन्वायरमेंटल पॉल्यूशन इंडेक्स) के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्रों में शुमार फिरोजाबाद के वायु मंडल में क्रिटिकल पॉल्यूटेड आर्सेनिक (एएस) के तत्व घुले हैं। वहीं सीपी रिपोर्ट के मद्देनजर जिले के क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले में संचालित 36 कांच इकाइयों को नोटिस जारी किया है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देश पर टीटीजेएड अथॉरिटी में नीरी के माध्यम से वर्ष 2016-17 और हाल ही के दिनों में सीपी द्वारा तैयार रिपोर्ट के मुताबिक औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रदेश के 13 जिलों में वायु एवं जल प्रदूषण की स्थिति काफी खराब है। खास तौर पर फिरोजाबाद में वायु में 76 प्रतिशत एवं जल में 72 प्रतिशत एएस यानि क्रिटिकल पॉल्यूटेड आर्सेनिक श्रेणी के अवयव घुले हैं।
सीपी रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने जिले में संचालित ओरेंज श्रेणी के कांच उद्योग में होने वाली कांच की सफाई जैसे कार्यों में प्रयुक्त होने वाले खतरनाक आर्सेनिक ऑक्साइड (एएस-2ओ-3) नामक रसायन के स्थान पर किसी ओर रसायन से कांच सफाई कराने की सलाह दी है।
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जिले में 36 इकाइयों को जारी की गई एडवाइजरी
सीपी रिपोर्ट एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारी मनोज कुमार ने फिरोजाबाद में संचालित प्रमुख 36 कांच इकाइयों को एडवाइजरी जारी की है। मनोज कुमार द्वारा जारी पत्र में सभी संबंधित इकाइयों को एक माह में एएस का विकल्प तलाशने और कांच सफाई में एएस का प्रयोग नहीं करने की हिदायत दी है।
यमुना तक पहुंचता है रसायन युक्त गंदा पानी
रेलवे स्टेशन अथवा आसपास के स्थान पर संचालित कांच इकाइयों का पानी छोटे-बडे़ नालों से होता हुआ यमुना के पानी में घुल रहा है। यही नहीं कई इकाइयों में बने भूमिगत जल स्रोतों में भी रसायन युक्त पानी को डाला जा रहा है।
अधिकारी की बात-
उच्चाधिकारियों के निर्देश और सीपी इंडेक्स के अनुसार 36 इकाइयों को आर्सेनिक ऑक्साइड का प्रयोग नहीं कराने की हिदायत दी। अनुपालन नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी
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राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देश पर टीटीजेएड अथॉरिटी में नीरी के माध्यम से वर्ष 2016-17 और हाल ही के दिनों में सीपी द्वारा तैयार रिपोर्ट के मुताबिक औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रदेश के 13 जिलों में वायु एवं जल प्रदूषण की स्थिति काफी खराब है। खास तौर पर फिरोजाबाद में वायु में 76 प्रतिशत एवं जल में 72 प्रतिशत एएस यानि क्रिटिकल पॉल्यूटेड आर्सेनिक श्रेणी के अवयव घुले हैं।
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सीपी रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने जिले में संचालित ओरेंज श्रेणी के कांच उद्योग में होने वाली कांच की सफाई जैसे कार्यों में प्रयुक्त होने वाले खतरनाक आर्सेनिक ऑक्साइड (एएस-2ओ-3) नामक रसायन के स्थान पर किसी ओर रसायन से कांच सफाई कराने की सलाह दी है।
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जिले में 36 इकाइयों को जारी की गई एडवाइजरी
सीपी रिपोर्ट एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारी मनोज कुमार ने फिरोजाबाद में संचालित प्रमुख 36 कांच इकाइयों को एडवाइजरी जारी की है। मनोज कुमार द्वारा जारी पत्र में सभी संबंधित इकाइयों को एक माह में एएस का विकल्प तलाशने और कांच सफाई में एएस का प्रयोग नहीं करने की हिदायत दी है।
यमुना तक पहुंचता है रसायन युक्त गंदा पानी
रेलवे स्टेशन अथवा आसपास के स्थान पर संचालित कांच इकाइयों का पानी छोटे-बडे़ नालों से होता हुआ यमुना के पानी में घुल रहा है। यही नहीं कई इकाइयों में बने भूमिगत जल स्रोतों में भी रसायन युक्त पानी को डाला जा रहा है।
अधिकारी की बात-
उच्चाधिकारियों के निर्देश और सीपी इंडेक्स के अनुसार 36 इकाइयों को आर्सेनिक ऑक्साइड का प्रयोग नहीं कराने की हिदायत दी। अनुपालन नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी