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जियारत के लिए उमड़े जायरीन
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 15 Jan 2015 11:20 PM IST
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यमुना किनारे स्थित हजरत शाह सूफी रहमत उल्ला अलैह का 795वां उर्स कुलशरीफ के साथ गुरुवार को संपन्न हुआ। अंतिम दिन दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने को जायरीन का सैलाब उमड़ा। सर्दी के मौसम में इस बार फोर्स ने छोटी घटिया पर वाहनों को नहीं रोका। ऐसे में जायरीन को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा।
दरगाह शरीफ पर बुधवार को कव्वाली समां का आयोजन किया गया। कव्वालों के कलामों को सुनकर दरगाह पर मौजूद श्रोता झूमने को मजबूर हो गए। गुरुवार सुबह दस बजे मेला प्रशासक एवं आरईएस के एई मोहम्मद शमीम के निर्देशन में शहर के सूफियों ने कुलशरीफ की रस्म अदायगी की। कुल शरीफ की रस्म के साथ ही सरकारी चादरपोशी कराई गई। चादरपोशी के दौरान बाबा के यहां हाजिरी लगाने वाले जायरीन भी शामिल हुए। मेले में सुबह से ही भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। कोई तबर्रुक (प्रसाद) लेकर पहुंच रहा था तो कोई चादर को ही थामकर पहुंचा। दरगाह शरीफ के मुख्य गेट से लेकर मेला प्रांगण में पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवान मुस्तैद थे। वहीं एसडीएम सदर विजय सिंह के निर्देशन में चार लेखपालों और सरकारी लिपिकों की टीम मौजूद थी। सुबह से प्रारंभ हुआ लंगर दोपहर तक चलता रहा।
आसफाबाद फाटक, चंद्रवार गेट पर रहा जाम
हजरत शाह सूफी की दरगाह पर हाजिरी लगाने के लिए उमड़ी जायरीनों की भीड़ के कारण चंद्रवार गेट पुल और आसफाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर जाम जैसे हालात रहे। ऑटो और टाटा मैजिक के फंस जाने के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी। आसफाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर बाहर से आने वाली बसें फंस रहीं थी। हालांकि चौराहे पर पुलिस के जवान मुस्तैद थे।
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खाकसारों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
दरगाह शरीफ की सुरक्षा व्यवस्था को खाकसारों ने संभाले रखा। खाकसार तहरीक अलहिंदी के हनीफ खाकसार और जहीर खाकसार के नेतृत्व में टीम सक्रिय थी।
खस्ताहाल मार्ग के कारण दिक्कत
यमुना किनारे स्थित हजरह शाह सूफी रहमत उल्ला अलैह की दरगाह पर जाने वाले जायरीनों को मार्ग के खस्ताहाल होने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ा। पुल के नीचे गंदा पानी भरा था, वहीं राम नगर से दरगाह शरीफ की ओर जाने वाले मार्ग पर गड्ढा होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही टेंपो, ऑटो एवं मैजिक चालकों को भी दिक्कत हुई। राम नगर के समीप आधी पुलिया टूटी होने के कारण भी दिक्कत हुई। कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे होने के कारण बच्चे गिर गए।
ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला
दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने के लिए दूरदराज से आने वाले जायरीनों से टेंपो एवं ऑटो के चालकों ने मनमाना किराया वसूला। सुबह पांच रुपये तो शाम के समय ऑटो चालकों ने दस रुपये तक वसूले। ऑटो चालकों का कहना था कि एक ओर से खाली आना पड़ता है।
युवाओं ने खूब उठाया लुफ्त
दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने के साथ ही युवाओं ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। कोई ऊंट की सवारी कर रहा था तो कोई पहाड़ियों पर चढ़कर मेले का आनंद ले रहा था। कई युवकों की टोली आपस में फोटोग्राफी कर रही थी।
खोया-पाया कैंप लगा
दरगाह शरीफ पर भीड़ को ध्यान में रखकर कई संस्थाओं ने खोया-पाया कैंप लगाया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मेडिकल कैंप का आयोजन किया।
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दरगाह शरीफ पर बुधवार को कव्वाली समां का आयोजन किया गया। कव्वालों के कलामों को सुनकर दरगाह पर मौजूद श्रोता झूमने को मजबूर हो गए। गुरुवार सुबह दस बजे मेला प्रशासक एवं आरईएस के एई मोहम्मद शमीम के निर्देशन में शहर के सूफियों ने कुलशरीफ की रस्म अदायगी की। कुल शरीफ की रस्म के साथ ही सरकारी चादरपोशी कराई गई। चादरपोशी के दौरान बाबा के यहां हाजिरी लगाने वाले जायरीन भी शामिल हुए। मेले में सुबह से ही भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। कोई तबर्रुक (प्रसाद) लेकर पहुंच रहा था तो कोई चादर को ही थामकर पहुंचा। दरगाह शरीफ के मुख्य गेट से लेकर मेला प्रांगण में पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवान मुस्तैद थे। वहीं एसडीएम सदर विजय सिंह के निर्देशन में चार लेखपालों और सरकारी लिपिकों की टीम मौजूद थी। सुबह से प्रारंभ हुआ लंगर दोपहर तक चलता रहा।
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आसफाबाद फाटक, चंद्रवार गेट पर रहा जाम
हजरत शाह सूफी की दरगाह पर हाजिरी लगाने के लिए उमड़ी जायरीनों की भीड़ के कारण चंद्रवार गेट पुल और आसफाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर जाम जैसे हालात रहे। ऑटो और टाटा मैजिक के फंस जाने के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ी। आसफाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर बाहर से आने वाली बसें फंस रहीं थी। हालांकि चौराहे पर पुलिस के जवान मुस्तैद थे।
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खाकसारों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
दरगाह शरीफ की सुरक्षा व्यवस्था को खाकसारों ने संभाले रखा। खाकसार तहरीक अलहिंदी के हनीफ खाकसार और जहीर खाकसार के नेतृत्व में टीम सक्रिय थी।
खस्ताहाल मार्ग के कारण दिक्कत
यमुना किनारे स्थित हजरह शाह सूफी रहमत उल्ला अलैह की दरगाह पर जाने वाले जायरीनों को मार्ग के खस्ताहाल होने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ा। पुल के नीचे गंदा पानी भरा था, वहीं राम नगर से दरगाह शरीफ की ओर जाने वाले मार्ग पर गड्ढा होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही टेंपो, ऑटो एवं मैजिक चालकों को भी दिक्कत हुई। राम नगर के समीप आधी पुलिया टूटी होने के कारण भी दिक्कत हुई। कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे होने के कारण बच्चे गिर गए।
ऑटो चालकों ने मनमाना किराया वसूला
दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने के लिए दूरदराज से आने वाले जायरीनों से टेंपो एवं ऑटो के चालकों ने मनमाना किराया वसूला। सुबह पांच रुपये तो शाम के समय ऑटो चालकों ने दस रुपये तक वसूले। ऑटो चालकों का कहना था कि एक ओर से खाली आना पड़ता है।
युवाओं ने खूब उठाया लुफ्त
दरगाह शरीफ पर हाजिरी लगाने के साथ ही युवाओं ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। कोई ऊंट की सवारी कर रहा था तो कोई पहाड़ियों पर चढ़कर मेले का आनंद ले रहा था। कई युवकों की टोली आपस में फोटोग्राफी कर रही थी।
खोया-पाया कैंप लगा
दरगाह शरीफ पर भीड़ को ध्यान में रखकर कई संस्थाओं ने खोया-पाया कैंप लगाया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मेडिकल कैंप का आयोजन किया।