{"_id":"5fe61b338ebc3e40f95c0cfb","slug":"panchyat-bhawan-firozabad-news-agr4735186120","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव की सरकार का कार्यकाल पूरा, सचिव-एडीओ के हवाले ग्राम पंचायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव की सरकार का कार्यकाल पूरा, सचिव-एडीओ के हवाले ग्राम पंचायतें
विज्ञापन
शिकोहाबाद की अंगदपुर पंचायत घर में किसानो के साथ मीटिंग करते प्रधान
- फोटो : FIROZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। गांव की सरकार शुक्रवार रात्रि 12 बजे से समाप्त हो गए। अंतिम दिन प्रधान एवं सचिव पंचायत के विकास को खाते में पड़ी धनराशि का भुगतान करने में जुटे रहे। कई प्रधान कार्यालय (पंचायत घर) में खर्च हुई धनराशि का हिसाब-किताब लगाते दिखाई दिए। इस तरह का आलम कई ग्राम पंचायतों में देखने को मिला। सचिवों की मानें तो जिले के ज्यादातर प्रधानों ने 20 दिसंबर से पूर्व ही अपना काम खत्म कर लिया था। उन्हें पता था कि कार्यकाल खत्म होने का समय आ गया है।
छह लाख पंचायत खाते में बचा शेष-रवींद्र सिंह
मोढ़ा ग्राम पंचायत के प्रधान रवींद्र सिंह पप्पू अपने कार्यकाल के अंतिम दिन पंचायत घर में बने कार्यालय में फाइल उलटते दिखाई दिए। उनके साथ पूर्व प्रधान मिथिलेश यादव के पति प्रधान संघ के महामंत्री रहे राम निवास यादव व कुछ ग्रामीण थे। प्रधान ने बताया कि बीते पांच वर्ष में एक करोड़ रुपया करीब गांव के विकास को मिला। 28 लाख रुपया से गांव के स्कूल, प्राथमिक, जूनियर, आंगनबाड़ी केंद्र में इंटरलाकिंग, पत्थर लगवाने में खर्च किए। मुख्य सड़क बनवाई। सिर्फ छह लाख रुपया बचा है वह शौचालय पर खर्च होगा।
ग्रामीणों के साथ सचिवालय पर मंथन
शिकोहाबाद ब्लाक की अंगदपुर ग्राम पंचायत के प्रधान नीलेश कुमार अंतिम दिन पंचायत घर पर ग्रामीणों के साथ मंथन करते दिखे। गांव के विकास का हिसाब लगाते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के साथ ही अन्य योजनाओं का अधिकांश बजट खत्म हो गया था। इसके कारण कोई बजट नहीं बचा।
विज्ञापन
शौचालय निर्माण को शेष बची चार लाख धनराशि-इला देवी
-रसीदपुर कनैटा ग्राम पंचायत की प्रधान इला देवी घरेलू कामकाज में व्यस्त थीं। उन्होंने बताया कि गांव को पिछले पांच वर्षों में करीब 35 से 40 लाख रुपया मिला है। तीन स्कूलों की बाउंड्रीवाल व टाइल्स लगवाए हैं, दिव्यांग शौचालय बनवाए गए। गांव में पात्रों के करीब 315 शौचालयों का निर्माण कराया है। सात मिनी टीटीएसपी स्थापित की गई हैं। करीब चार लाख रुपया शौचालय निर्माण का शेष बचा है।
दो वर्ष में जो बजट मिला, उससे कराए विकास-नीलेश कुमारी
इंदुमई की प्रधान नीलेश कुमारी ने कहा कि करीब दो वर्ष में करीब दस लाख रुपया विकास कार्यों को मिला था। क्योंकि वह ग्राम पंचायत की सदस्य थीं। जब प्रधान पवन कुमार दुष्कर्म के मामले में सजा हो जाने के कारण जेल चले गए थे। इसके बाद जनवरी 2019 में पंचायत में प्रधान का कार्यभार मिला था।
सचिव से मिलकर तैयार कराएंगे ब्योरा-धर्मेंद्र
-किशनपुर अरमराजट के प्रधान धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया पंचायत में कोई ग्रांट शेष नहीं बची है। अधिकांश विकास कार्य में बजट को खर्च कर लिया है। अंतिम दिन कोई खास काम नहीं रहा था। सचिव से मिलकर पूरा ब्योरा तैयार कराएंगे। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितनी धनराशि मेरे कार्यकाल में खर्च हुई और कितनी सचिव एवं एडीओ पंचायत द्वारा खर्च की जाएगी।
साइट रही बंद, भुगतान को ब्लाक तक दौड़े प्रधान
फिरोजाबाद। पंचायतों के भुगतान करने वाली साइट शुक्रवार को सुबह से नहीं चल सकी। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों की मानें तो कई प्रधानों के फोन भी आते रहे लेकिन साइट बंद होने के कारण कुछ प्रधानों ने ब्लाक तक के चक्कर लगाए। ऐसे हालात जिले की 564 ग्राम पंचायतों में से एक दो के ही बनें। वैसे तो अधिकांश ने 20 दिसंबर से पहले ही धनराशि को खर्च कर लिया था।
विज्ञापन
छह लाख पंचायत खाते में बचा शेष-रवींद्र सिंह
मोढ़ा ग्राम पंचायत के प्रधान रवींद्र सिंह पप्पू अपने कार्यकाल के अंतिम दिन पंचायत घर में बने कार्यालय में फाइल उलटते दिखाई दिए। उनके साथ पूर्व प्रधान मिथिलेश यादव के पति प्रधान संघ के महामंत्री रहे राम निवास यादव व कुछ ग्रामीण थे। प्रधान ने बताया कि बीते पांच वर्ष में एक करोड़ रुपया करीब गांव के विकास को मिला। 28 लाख रुपया से गांव के स्कूल, प्राथमिक, जूनियर, आंगनबाड़ी केंद्र में इंटरलाकिंग, पत्थर लगवाने में खर्च किए। मुख्य सड़क बनवाई। सिर्फ छह लाख रुपया बचा है वह शौचालय पर खर्च होगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों के साथ सचिवालय पर मंथन
शिकोहाबाद ब्लाक की अंगदपुर ग्राम पंचायत के प्रधान नीलेश कुमार अंतिम दिन पंचायत घर पर ग्रामीणों के साथ मंथन करते दिखे। गांव के विकास का हिसाब लगाते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के साथ ही अन्य योजनाओं का अधिकांश बजट खत्म हो गया था। इसके कारण कोई बजट नहीं बचा।
विज्ञापन
शौचालय निर्माण को शेष बची चार लाख धनराशि-इला देवी
-रसीदपुर कनैटा ग्राम पंचायत की प्रधान इला देवी घरेलू कामकाज में व्यस्त थीं। उन्होंने बताया कि गांव को पिछले पांच वर्षों में करीब 35 से 40 लाख रुपया मिला है। तीन स्कूलों की बाउंड्रीवाल व टाइल्स लगवाए हैं, दिव्यांग शौचालय बनवाए गए। गांव में पात्रों के करीब 315 शौचालयों का निर्माण कराया है। सात मिनी टीटीएसपी स्थापित की गई हैं। करीब चार लाख रुपया शौचालय निर्माण का शेष बचा है।
दो वर्ष में जो बजट मिला, उससे कराए विकास-नीलेश कुमारी
इंदुमई की प्रधान नीलेश कुमारी ने कहा कि करीब दो वर्ष में करीब दस लाख रुपया विकास कार्यों को मिला था। क्योंकि वह ग्राम पंचायत की सदस्य थीं। जब प्रधान पवन कुमार दुष्कर्म के मामले में सजा हो जाने के कारण जेल चले गए थे। इसके बाद जनवरी 2019 में पंचायत में प्रधान का कार्यभार मिला था।
सचिव से मिलकर तैयार कराएंगे ब्योरा-धर्मेंद्र
-किशनपुर अरमराजट के प्रधान धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया पंचायत में कोई ग्रांट शेष नहीं बची है। अधिकांश विकास कार्य में बजट को खर्च कर लिया है। अंतिम दिन कोई खास काम नहीं रहा था। सचिव से मिलकर पूरा ब्योरा तैयार कराएंगे। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितनी धनराशि मेरे कार्यकाल में खर्च हुई और कितनी सचिव एवं एडीओ पंचायत द्वारा खर्च की जाएगी।
साइट रही बंद, भुगतान को ब्लाक तक दौड़े प्रधान
फिरोजाबाद। पंचायतों के भुगतान करने वाली साइट शुक्रवार को सुबह से नहीं चल सकी। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों की मानें तो कई प्रधानों के फोन भी आते रहे लेकिन साइट बंद होने के कारण कुछ प्रधानों ने ब्लाक तक के चक्कर लगाए। ऐसे हालात जिले की 564 ग्राम पंचायतों में से एक दो के ही बनें। वैसे तो अधिकांश ने 20 दिसंबर से पहले ही धनराशि को खर्च कर लिया था।