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वायरल-चिकनगुनिया से 100 से अधिक बीमार
Amar Ujala
Updated Sat, 17 Sep 2016 01:20 AM IST
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वायरल-चिकनगुनिया से 100 से अधिक बीमार
- फोटो : Amar Ujala
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नगला गोकुल, बिहारीपुर मोहम्मदपुर में घर-घर बिछी चारपाई
अजीबो बुखार के कारण ग्रामीण परेशान, उपचार को लगा रहे दौड़
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नहीं ली सुध, उपचार में लाखों रुपये फुंके
नगला गोकुल एवं मोहम्मदपुर बिहारीपुर के बाशिंदों की बुखार ने कमर तोड़ दी है। चिकित्सक इसे वायरल फीवर और चिकिन गुनिया बता रहे हैं। घर-घर चारपाइयां बिछीं हैं। दोनों गांव में सौ से अधिक लोग बीमार हैं। उपचार कराने के लिए ग्रामीण फीरोजाबाद दौड़ लगाने को विवश हैं। घरों में चूूल्हे तक ठंडे पड़े हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नहीं किसी की सुधि नहीं ली है। उपचार कराने में ग्रामीण कर्जदार हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बुखार आने के बाद शरीर में लाल चकत्ते पड़ रहे हैं और इसके बाद फलक और जोड़ों में दर्द होता है। उपचार किसी भी चिकित्सक से कराएं पांच दिन के बाद राहत मिलती है।
जीवन में ऐसा अजीबोगरीब बुखार नहीं देखा
- साठ वर्षीय मुन्नालाल कहते हैं कि जीवन में पहली बार ऐसा बुखार देखा है। बुखार आने के बाद शरीर में लाल चकत्ते, फलक और फिर जोड़ों में दर्द होता है। चारपाई से पाच दिन पहले उठने नहीं देता।
- बुजुर्ग भूरी सिंंह कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए लेकिन यहां तो कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। कहने को लोहिया गांव हैं जबकि नगला गोकुल जनेश्वर मिश्र गांव।
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कर्जदार हो गए ग्रामीण
बुखार से बीमार परिजनों का उपचार कराते-कराते कई ग्रामीण कर्जदार हो गए हैं। परिजनों के साथ कोई हादसा नहीं हो जाए। इस लिहाज से एक व्यक्ति के उपचार में कोई 20 हजार से कोई 30 हजार फूंक रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हम तो कर्जदार हो गए।
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अजीबो बुखार के कारण ग्रामीण परेशान, उपचार को लगा रहे दौड़
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नहीं ली सुध, उपचार में लाखों रुपये फुंके
नगला गोकुल एवं मोहम्मदपुर बिहारीपुर के बाशिंदों की बुखार ने कमर तोड़ दी है। चिकित्सक इसे वायरल फीवर और चिकिन गुनिया बता रहे हैं। घर-घर चारपाइयां बिछीं हैं। दोनों गांव में सौ से अधिक लोग बीमार हैं। उपचार कराने के लिए ग्रामीण फीरोजाबाद दौड़ लगाने को विवश हैं। घरों में चूूल्हे तक ठंडे पड़े हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नहीं किसी की सुधि नहीं ली है। उपचार कराने में ग्रामीण कर्जदार हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार बुखार आने के बाद शरीर में लाल चकत्ते पड़ रहे हैं और इसके बाद फलक और जोड़ों में दर्द होता है। उपचार किसी भी चिकित्सक से कराएं पांच दिन के बाद राहत मिलती है।
जीवन में ऐसा अजीबोगरीब बुखार नहीं देखा
- साठ वर्षीय मुन्नालाल कहते हैं कि जीवन में पहली बार ऐसा बुखार देखा है। बुखार आने के बाद शरीर में लाल चकत्ते, फलक और फिर जोड़ों में दर्द होता है। चारपाई से पाच दिन पहले उठने नहीं देता।
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- बुजुर्ग भूरी सिंंह कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए लेकिन यहां तो कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। कहने को लोहिया गांव हैं जबकि नगला गोकुल जनेश्वर मिश्र गांव।
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कर्जदार हो गए ग्रामीण
बुखार से बीमार परिजनों का उपचार कराते-कराते कई ग्रामीण कर्जदार हो गए हैं। परिजनों के साथ कोई हादसा नहीं हो जाए। इस लिहाज से एक व्यक्ति के उपचार में कोई 20 हजार से कोई 30 हजार फूंक रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हम तो कर्जदार हो गए।