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Firozabad News: अब अभियोजन कार्यालय से ही होगी गवाही, नहीं काटने पड़ेंगे अदालतों के चक्कर
Sat, 03 Jan 2026 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 03 Jan 2026 11:15 PM IST
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ई-गवाही रूम का उद्घाटन करते डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा। संवाद
- फोटो : ई-गवाही रूम का उद्घाटन करते डीजी अभियोजन दीपेश जुनेजा। संवाद
फिरोजाबाद। न्याय प्रणाली को और अधिक आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। डीजी अभियोजन दीपेश जुनैजा ने शनिवार को अभियोजन कार्यालय में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) रूम का उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब सरकारी गवाहों को अदालतों में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की बाध्यता से बड़ी राहत मिलेगी। इसी कार्यालय से वीसी के जरिये गवाही करा सकेंगे।
डीजी दीपेश जुनेजा ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों और अन्य सरकारी गवाहों को अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए दूर-दराज की अदालतों में जाना पड़ता है। इसमें न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि कई बार किन्ही कारणों से मुकदमे की सुनवाई टल जाती थी। अब सरकारी गवाह अभियोजन कार्यालय के वीसी रूम में बैठकर ही जज के सामने अपना बयान दर्ज करा सकेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का जो समय कोर्ट आने-जाने में खर्च होता था, अब वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में इस्तेमाल हो सकेगा।
उद्घाटन के दौरान दीपेश जुनैजा ने बताया कि यह कदम डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, तकनीक के माध्यम से हम न केवल न्याय प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं, बल्कि इसे और अधिक पारदर्शी भी बना रहे हैं। इस सुविधा से मुकदमों के निस्तारण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके बाद जेडी अभियोजन सुनील कुमार पटेल सहित अन्य अभियोजन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीओ लाइन चंचल त्यागी, एडीजीसी अजय यादव सहित विभिन्न अभियोजन अधिकारी मौजूद रहे।
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डीजी दीपेश जुनेजा ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों और अन्य सरकारी गवाहों को अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए दूर-दराज की अदालतों में जाना पड़ता है। इसमें न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि कई बार किन्ही कारणों से मुकदमे की सुनवाई टल जाती थी। अब सरकारी गवाह अभियोजन कार्यालय के वीसी रूम में बैठकर ही जज के सामने अपना बयान दर्ज करा सकेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का जो समय कोर्ट आने-जाने में खर्च होता था, अब वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में इस्तेमाल हो सकेगा।
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उद्घाटन के दौरान दीपेश जुनैजा ने बताया कि यह कदम डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा, तकनीक के माध्यम से हम न केवल न्याय प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं, बल्कि इसे और अधिक पारदर्शी भी बना रहे हैं। इस सुविधा से मुकदमों के निस्तारण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके बाद जेडी अभियोजन सुनील कुमार पटेल सहित अन्य अभियोजन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीओ लाइन चंचल त्यागी, एडीजीसी अजय यादव सहित विभिन्न अभियोजन अधिकारी मौजूद रहे।
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