{"_id":"6ac7e5c9dca323c36806f617","slug":"no-consensus-reached-on-holding-the-jain-fair-at-shikharashram-bagichi-community-disappointed-firozabad-news-c-169-1-sagr1026-187340-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: शिखराश्रम बगीची में जैन मेले पर नहीं बनी सहमति, समाज में मायूसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: शिखराश्रम बगीची में जैन मेले पर नहीं बनी सहमति, समाज में मायूसी
Fri, 09 Oct 2026 12:19 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
टूंडला। शिखराश्रम बगीची में लगने वाले लगभग 105 वर्ष पुराने ऐतिहासिक जैन मेले को लेकर चला आ रहा विवाद प्रशासनिक मध्यस्थता के बाद भी नहीं सुलझ सका है। तहसील परिसर में एसडीएम दिव्या सिंह, सीओ अरुण कुमार चौरसिया और थाना प्रभारी बैजनाथ सिंह की उपस्थिति में जैन समाज के प्रतिनिधियों और शिखराश्रम बगीची प्रबंधन के बीच हुई वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।
बैठक के दौरान जैन समाज के सुनील जैन कल्लू ने मेले की ऐतिहासिक परंपरा का हवाला दिया, जबकि बगीची प्रबंधक आदित्य जैन ने इसे निजी संपत्ति व पारिवारिक बंटवारा बताते हुए वहां पार्किंग चलाने और निर्माण कार्य के कारण मेले के लिए जगह न होने का पक्ष रखा। प्रशासन ने निजी भूमि होने का हवाला देते हुए दोनों पक्षों से आपसी सहमति बनाने को कहा है। एसडीएम दिव्या सिंह ने स्पष्ट किया है कि एक ही समाज के दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद ही मेले की अनुमति दी जाएगी। इस बैठक में अरविंद जैन, शशांक जैन, विशाल जैन, अवनीश जैन और मोनू जैन आदि उपस्थित रहे, जिससे फिलहाल जैन समाज में मायूसी है। संवाद
विज्ञापन
बैठक के दौरान जैन समाज के सुनील जैन कल्लू ने मेले की ऐतिहासिक परंपरा का हवाला दिया, जबकि बगीची प्रबंधक आदित्य जैन ने इसे निजी संपत्ति व पारिवारिक बंटवारा बताते हुए वहां पार्किंग चलाने और निर्माण कार्य के कारण मेले के लिए जगह न होने का पक्ष रखा। प्रशासन ने निजी भूमि होने का हवाला देते हुए दोनों पक्षों से आपसी सहमति बनाने को कहा है। एसडीएम दिव्या सिंह ने स्पष्ट किया है कि एक ही समाज के दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद ही मेले की अनुमति दी जाएगी। इस बैठक में अरविंद जैन, शशांक जैन, विशाल जैन, अवनीश जैन और मोनू जैन आदि उपस्थित रहे, जिससे फिलहाल जैन समाज में मायूसी है। संवाद
विज्ञापन