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सुहागनगरी में कौन से वैरिएंट की लहर, अभी तक स्वास्थ्य विभाग भी है बेखबर
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फिरोजाबाद। जिले में कोरोना के 100 से अधिक एक्टिव केस हो गए हैं। मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मगर, प्रशासन को अब तक यह नहीं पता है कि कौन सा वैरिएंट लोगों को संक्रमित कर रहा है। किसी भी मरीज की जीनोम सीक्वेंस की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट ने तबाही मचाई थी। इस बार ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर सभी तैयारी की जा रही है। ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। ओमिक्रोन का पता करने के लिए मरीज के सैंपल को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाता है। जिले में आठ लोगों के सैंपल ओमिक्रॉन जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें यूएस से आए युवक और उसकी दो बेटियां शामिल हैं। अन्य लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। उम्मीद जताई जा रही थी कि उसकी जीनोम सीक्वेंस की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर आ आएगी। मगर, रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिले भी करीब एक सप्ताह हो चुका है। उसके अलावा कुछ और मरीजों की जीनोम सीक्वेंस की रिपोर्ट भेजी गई। लेकिन उनकी रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है। इसके कारण अब तक किसी को यह नहीं पता है कि कौन से वैरिएंट से लोग संक्रमित हो रहे हैं।
वैरिएंट की रिपोर्ट लखनऊ से ही मिलती है। मेडिकल कॉलेज से जीनोम सीक्वेंस जांच के लिए विदेश से आने वालों के ही सैंपल भेजे गए हैं। अब तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। कोई भी वैरिएंट हो वह खतरनाक हो सकता है। हम मरीजों के लक्षण के आधार पर इलाज करा रहे हैं। अभी तक कोई गंभीरावस्था में मरीज नहीं पहुंचा है।
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डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
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जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट ने तबाही मचाई थी। इस बार ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर सभी तैयारी की जा रही है। ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। ओमिक्रोन का पता करने के लिए मरीज के सैंपल को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाता है। जिले में आठ लोगों के सैंपल ओमिक्रॉन जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें यूएस से आए युवक और उसकी दो बेटियां शामिल हैं। अन्य लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। उम्मीद जताई जा रही थी कि उसकी जीनोम सीक्वेंस की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर आ आएगी। मगर, रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिले भी करीब एक सप्ताह हो चुका है। उसके अलावा कुछ और मरीजों की जीनोम सीक्वेंस की रिपोर्ट भेजी गई। लेकिन उनकी रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है। इसके कारण अब तक किसी को यह नहीं पता है कि कौन से वैरिएंट से लोग संक्रमित हो रहे हैं।
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वैरिएंट की रिपोर्ट लखनऊ से ही मिलती है। मेडिकल कॉलेज से जीनोम सीक्वेंस जांच के लिए विदेश से आने वालों के ही सैंपल भेजे गए हैं। अब तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। कोई भी वैरिएंट हो वह खतरनाक हो सकता है। हम मरीजों के लक्षण के आधार पर इलाज करा रहे हैं। अभी तक कोई गंभीरावस्था में मरीज नहीं पहुंचा है।
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डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ