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Firozabad News: जोखिम में जान, 16802 गर्भवती प्रसव कराने नहीं पहुंची अस्पताल
Wed, 25 Jan 2023 12:33 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 25 Jan 2023 12:33 AM IST
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फिरोजाबाद। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए सरकार एड़ी चोटी का दम लगा रही है। पांच हजार स्वास्थ्यकर्मियों की फौज तैनात की गई है। इसके बाद भी जिले की 16802 हजार गर्भवतियों को सुरक्षित प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल नहीं लाया जा सका।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत प्रसूता को तीन किश्तों में पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह के नौ व 24 तारीख को सभी जांचें निशुल्क कराई जाती हैं। जिले में साल भर में सन् 2022 में 62352 गर्भवती महिलाओं का प्रसव हुआ। इसमें से 45,550 ने जिला महिला अस्पताल व सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रसव कराया। शेष 16802 प्रसूताओं की जान जोखिम में रही।
प्रसव के आंकड़े एक नजर में
- कुल प्रसव - 62352
सरकारी अस्पताल में- 45550
घरों पर प्रसव हुआ- 16802
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने के कारण संस्थागत प्रसव प्रभावित हो रहे हैं। नियमित एएनएम की भी कमी है। संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए अधिक घरेलू प्रसव वाले क्षेत्रों का सर्वे करवाकर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। पिछले वर्ष की आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थागत प्रसव जिले में कम हो रहा है। - डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत प्रसूता को तीन किश्तों में पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह के नौ व 24 तारीख को सभी जांचें निशुल्क कराई जाती हैं। जिले में साल भर में सन् 2022 में 62352 गर्भवती महिलाओं का प्रसव हुआ। इसमें से 45,550 ने जिला महिला अस्पताल व सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रसव कराया। शेष 16802 प्रसूताओं की जान जोखिम में रही।
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प्रसव के आंकड़े एक नजर में
- कुल प्रसव - 62352
सरकारी अस्पताल में- 45550
घरों पर प्रसव हुआ- 16802
-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने के कारण संस्थागत प्रसव प्रभावित हो रहे हैं। नियमित एएनएम की भी कमी है। संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए अधिक घरेलू प्रसव वाले क्षेत्रों का सर्वे करवाकर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। पिछले वर्ष की आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थागत प्रसव जिले में कम हो रहा है। - डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ
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