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7,989 विद्यार्थियों ने छोड़ी परीक्षा, एक मुन्ना भाई और दो नकलची पकड़े गए
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7,989 विद्यार्थियों ने छोड़ी परीक्षा, एक मुन्ना भाई और दो नकलची पकड़े गए
यूपी बोर्ड : जिले में बनाए गए हैं 119 केंद्र, डीएम व सचल दलों ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा बृहस्पतिवार से जिले में 119 केंद्रों पर हुई गई। पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में पंजीकृत 42,047 परीक्षार्थियों में 36914 ने परीक्षा दी। सख्ती को देखते हुए 5131 परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ दी।
इंटरमीडिएट में दोपहर की पाली में पंजीकृत 33,708 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 30,850 ने परीक्षा दी। 2858 अनुपस्थित रहे। हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में नकल करते दो विद्यार्थियों को पकड़ा गया। इंटर की परीक्षा में ही एक मुन्ना भाई भी पकड़ा गया। वह अपने चचेरे भाई की जगह पेपर देने आया था। वहीं डीएम सूर्यकुमार गंगवार और अन्य सचलदल दलों ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। पहली पाली में आयोजित हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में एसबीएल इंटर कॉलेज मुस्ताफाबाद में एक छात्र को नकल की पर्ची के साथ पकड़ लिया गया। शिकोहाबाद के एके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यप्रकाश शर्मा ने कमरा नंबर पांच में छात्रों की तलाशी ली तो एक छात्र के पास कई नकल की पर्चियां मिलीं। डीआईओएस बालमुकुंद प्रसाद, बीएसए अंजली अग्रवाल, डायट प्राचार्य विमलेश विजयश्री ने परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं।
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उधर, बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे से दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की हिंदी विषय की परीक्षा हुई। इस दौरान पंडित रामकिशन इंटर कालेज इटौरा में केंद्र व्यवस्थापक ने आनंदीपुर करकौली निवासी मनोज कुमार को अपने चचेरे भाई के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक ने मटसेना थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी अंजेश कुमार ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि उम्र पर शक होने के बाद सख्ती से पूछताछ में मामला पकड़ में आया।
कंट्रोल रूम से की गई निगरानी
डीआईओएस कार्यालय में बनें कंट्रोल रूम से 119 परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई। सभी कॉलेजों की वेबकास्टिंग हुई। कई कॉलेजों में इधर-उधर परीक्षार्थी झांकने का प्रयास करते दिखे।
मोबाइल पूरी तरह रहा प्रतिबंधित
अधिकारियों के लिए मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहा। यहां तक कि जिला विद्यालय निरीक्षक बालमुकुंद प्रसाद जब परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो वह अपने वाहन में ही मोबाइल छोड़ गए। कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक सहित अन्य अधिकारी भी मोबाइल को केंद्र के अंदर नहीं ले जा सके।
कई कॉलेेजों में हुई कक्ष निरीक्षकों की कमीं
कई कॉलेजों में कक्ष निरीक्षकों की कमी नजर आई। वहीं कई कॉलेजों में क्षमता से ज्यादा कक्ष निरीक्षक पहुंच गए। डीआईओएस बालमुकुंद प्रसाद के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने कम पड़े कक्ष निरीक्षक वाले कॉलेज कों में शिक्षकों को भेजा।
आधार कार्ड देखने के बाद मिला प्रवेश
परीक्षा में सख्ती दिखाते हुए प्रत्येक परीक्षार्थी का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया। ऐसे में कई परीक्षार्थी आधार घर भूल गए थे। उन्होंने अपने अभिभावकों से फोन करके आधार कार्ड मंगवाया। इसके बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जा सका।
छात्र को बना दिया छात्रा, सेंटर भी कर दिया स्वकेंद्र
डीएवी इंटर कॉलेज में अध्ययनरत छात्र कांता प्रसाद के प्रवेश पत्र में बोर्ड से फीमेल अंकित आया। उस परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र छात्राओं के मुताबिक स्वकेंद्र बना दिया। परेशान छात्र इधर से उधर कॉलेज के चक्कर लगाता नजर आया। प्रधानाचार्य उपेंद्र नाथ शर्मा के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने अफसरों से बात कर केंद्र पर ही परीक्षा की अनुमति दिलाई।
पहले दिन दो बजे तक आईं उत्तर-पुस्तिकाएं
पहली पाली में सुबह आठ से 11.15 बजे तक परीक्षा का समय था। मगर, संकलन केंद्र बने पीड़ी जैन इंटर कॉलेज में दोपहर दो बजे तक उत्तर-पुस्तिकाएं आतीं रहीं। शाम 5.30 बजे तक ड्यूटी में लगे शिक्षक पहली पाली का हिसाब लगाते रहे।
हिंदी का पेपर देख खिले चेहरे
हाईस्कूल छात्रा अंजली ने बताया कि हिंदी का पेपर था। काफी सरल आया। छात्रा वैष्णवी ने बताया कि कोरोना काल में पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई है। पढ़ने का सही मौका नहीं मिला। ऐसे में आगे की परीक्षा की टेंशन हो रही है। छात्रा ऊषा कुमारी ने बताया कि पेपर तो अच्छा हुआ है। अब रिजल्ट पर निर्भर करेगा। छात्रा साधना ने कहा कि पहला पेपर था तो अच्छी तैयारी थी। पेपर भी सरल आया। अब आगे के पेपर निर्भर करेंगे कि कैसे अंक आएंगे।
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यूपी बोर्ड : जिले में बनाए गए हैं 119 केंद्र, डीएम व सचल दलों ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा बृहस्पतिवार से जिले में 119 केंद्रों पर हुई गई। पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में पंजीकृत 42,047 परीक्षार्थियों में 36914 ने परीक्षा दी। सख्ती को देखते हुए 5131 परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ दी।
इंटरमीडिएट में दोपहर की पाली में पंजीकृत 33,708 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 30,850 ने परीक्षा दी। 2858 अनुपस्थित रहे। हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में नकल करते दो विद्यार्थियों को पकड़ा गया। इंटर की परीक्षा में ही एक मुन्ना भाई भी पकड़ा गया। वह अपने चचेरे भाई की जगह पेपर देने आया था। वहीं डीएम सूर्यकुमार गंगवार और अन्य सचलदल दलों ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
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केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। पहली पाली में आयोजित हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में एसबीएल इंटर कॉलेज मुस्ताफाबाद में एक छात्र को नकल की पर्ची के साथ पकड़ लिया गया। शिकोहाबाद के एके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यप्रकाश शर्मा ने कमरा नंबर पांच में छात्रों की तलाशी ली तो एक छात्र के पास कई नकल की पर्चियां मिलीं। डीआईओएस बालमुकुंद प्रसाद, बीएसए अंजली अग्रवाल, डायट प्राचार्य विमलेश विजयश्री ने परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं।
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उधर, बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे से दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की हिंदी विषय की परीक्षा हुई। इस दौरान पंडित रामकिशन इंटर कालेज इटौरा में केंद्र व्यवस्थापक ने आनंदीपुर करकौली निवासी मनोज कुमार को अपने चचेरे भाई के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक ने मटसेना थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी अंजेश कुमार ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि उम्र पर शक होने के बाद सख्ती से पूछताछ में मामला पकड़ में आया।
कंट्रोल रूम से की गई निगरानी
डीआईओएस कार्यालय में बनें कंट्रोल रूम से 119 परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई। सभी कॉलेजों की वेबकास्टिंग हुई। कई कॉलेजों में इधर-उधर परीक्षार्थी झांकने का प्रयास करते दिखे।
मोबाइल पूरी तरह रहा प्रतिबंधित
अधिकारियों के लिए मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहा। यहां तक कि जिला विद्यालय निरीक्षक बालमुकुंद प्रसाद जब परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो वह अपने वाहन में ही मोबाइल छोड़ गए। कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक सहित अन्य अधिकारी भी मोबाइल को केंद्र के अंदर नहीं ले जा सके।
कई कॉलेेजों में हुई कक्ष निरीक्षकों की कमीं
कई कॉलेजों में कक्ष निरीक्षकों की कमी नजर आई। वहीं कई कॉलेजों में क्षमता से ज्यादा कक्ष निरीक्षक पहुंच गए। डीआईओएस बालमुकुंद प्रसाद के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने कम पड़े कक्ष निरीक्षक वाले कॉलेज कों में शिक्षकों को भेजा।
आधार कार्ड देखने के बाद मिला प्रवेश
परीक्षा में सख्ती दिखाते हुए प्रत्येक परीक्षार्थी का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया। ऐसे में कई परीक्षार्थी आधार घर भूल गए थे। उन्होंने अपने अभिभावकों से फोन करके आधार कार्ड मंगवाया। इसके बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया जा सका।
छात्र को बना दिया छात्रा, सेंटर भी कर दिया स्वकेंद्र
डीएवी इंटर कॉलेज में अध्ययनरत छात्र कांता प्रसाद के प्रवेश पत्र में बोर्ड से फीमेल अंकित आया। उस परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र छात्राओं के मुताबिक स्वकेंद्र बना दिया। परेशान छात्र इधर से उधर कॉलेज के चक्कर लगाता नजर आया। प्रधानाचार्य उपेंद्र नाथ शर्मा के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने अफसरों से बात कर केंद्र पर ही परीक्षा की अनुमति दिलाई।
पहले दिन दो बजे तक आईं उत्तर-पुस्तिकाएं
पहली पाली में सुबह आठ से 11.15 बजे तक परीक्षा का समय था। मगर, संकलन केंद्र बने पीड़ी जैन इंटर कॉलेज में दोपहर दो बजे तक उत्तर-पुस्तिकाएं आतीं रहीं। शाम 5.30 बजे तक ड्यूटी में लगे शिक्षक पहली पाली का हिसाब लगाते रहे।
हिंदी का पेपर देख खिले चेहरे
हाईस्कूल छात्रा अंजली ने बताया कि हिंदी का पेपर था। काफी सरल आया। छात्रा वैष्णवी ने बताया कि कोरोना काल में पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई है। पढ़ने का सही मौका नहीं मिला। ऐसे में आगे की परीक्षा की टेंशन हो रही है। छात्रा ऊषा कुमारी ने बताया कि पेपर तो अच्छा हुआ है। अब रिजल्ट पर निर्भर करेगा। छात्रा साधना ने कहा कि पहला पेपर था तो अच्छी तैयारी थी। पेपर भी सरल आया। अब आगे के पेपर निर्भर करेंगे कि कैसे अंक आएंगे।