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पुत्रवधू की हत्या में दोषी सास को आजीवन कारावास की सजा
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फिरोजाबाद। थाना जसराना क्षेत्र के पटीकरा गांव में पांच वर्ष पूर्व पुत्रवधू की हत्या के मामले में सास किताबश्री को दोषी मानते हुए अपर जिला जज प्रथम शाम कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
मामला थाना जसराना क्षेत्र के गांव पटीकरा का है। दिनेश चंद्र ने 21 जुलाई 2016 को थाना पुलिस को तहरीर दी कि उसने अपनी बेटी सुमन की शादी पटीकरा निवासी जगदीश पुत्र आछेलाल के साथ की थी। आरोप लगाया कि तीन जुलाई 2016 को दहेज की खातिर सुमन को केरोसिन डालकर जला दिया गया था। 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति जगदीश, सास किताबश्री, ससुर आछेलाल, जेठानी सुनीता देवी, जेठ आंचीलाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर सास, श्वसुर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो सितंबर 2021 को आछेलाल की मौत हो गई। मामला शेषन को सुपुर्द होकर सुनवाई के लिए अपर जिला जज प्रथम शाम कुमार के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार चौहान ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के उदाहरण पेश कर सास किताबश्री को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा देने की बात कही। फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने सास किताबश्री को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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मामला थाना जसराना क्षेत्र के गांव पटीकरा का है। दिनेश चंद्र ने 21 जुलाई 2016 को थाना पुलिस को तहरीर दी कि उसने अपनी बेटी सुमन की शादी पटीकरा निवासी जगदीश पुत्र आछेलाल के साथ की थी। आरोप लगाया कि तीन जुलाई 2016 को दहेज की खातिर सुमन को केरोसिन डालकर जला दिया गया था। 15 जुलाई को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति जगदीश, सास किताबश्री, ससुर आछेलाल, जेठानी सुनीता देवी, जेठ आंचीलाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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पुलिस ने मामले की विवेचना कर सास, श्वसुर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो सितंबर 2021 को आछेलाल की मौत हो गई। मामला शेषन को सुपुर्द होकर सुनवाई के लिए अपर जिला जज प्रथम शाम कुमार के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार चौहान ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के उदाहरण पेश कर सास किताबश्री को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा देने की बात कही। फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने सास किताबश्री को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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