{"_id":"115e4d2fcb867eda2f7ae258efc93939","slug":"most-of-the-village-was-spending-millions-suffering-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों खर्च पर गांव का हाल मिला बेहाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों खर्च पर गांव का हाल मिला बेहाल
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 21 Jan 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
डीपीआरओ इंद्रपाल यादव को ब्लाक मदनपुर के गांव रुरिया स्वरूपपुर और रुचिन मानिकपुर का हाल खराब मिला। लाखों रुपया आवंटित होने के बाद भी कच्ची गलियां थीं। ग्रामीण सचिव के रवैये से काफी नाराज थे। सचिव से तीन दिन में अभिलेख मांगे। नहीं देने पर पंचायत का खाता सीज करने की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ ने गांव का निरीक्षण करने की सूचना सचिव नरवीश मिश्रा को पहले दे दी थी, लेकिन वह निरीक्षण के समय नहीं पहुंचा। मोबाइल बंद कर लिया। डीपीआरओ ने बताया रुरिया स्वरूपपुर गांव को 20.92 लाख राज्य और 12.78 लाख 13वें वित्त से मिले। गांव की गलियां कच्ची हैं। ग्रामीणों ने बताया कोई विकास कार्य ही नहीं कराया गया। प्रधान इस्लाम खां नहीं मिले। रुचिन मानिकपुर की प्रधान राजरानी कसबा सिरसागंज जाना बताया। सचिव नरवीश मिश्रा नहीं थे। गांव को 13.80 लाख राज्यवित्त,8.43 लाख 13 वें वित्त से विकास कार्य को मिले। विकास कार्य गांव में कोई नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत समितियों की बैठक तक नही हुई।
श्यारमऊरामलाल के प्रधान रामनिवास यादव, सचिव मधु सागर मौजूद मिले। कार्य की गुणवत्ता खराब थी। स्कूल शौचालयों के दरवाजा टूटे थे। स्कूल की बाउंड्री ठीक नहीं होने के कारण आवारा जानवर भ्रमण ही करते मिले। श्यारमऊ हरगनपुर में कार्य ठीक मिले। लेकिन यहां के अभिलेख सचिव मधु सागर नहीं दिखाए। डीपीआरओ ने अभिलेखों को दिखाने के आदेश दिए। नहीं देने पर पंचायत का खाता सीज करने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीपीआरओ ने गांव का निरीक्षण करने की सूचना सचिव नरवीश मिश्रा को पहले दे दी थी, लेकिन वह निरीक्षण के समय नहीं पहुंचा। मोबाइल बंद कर लिया। डीपीआरओ ने बताया रुरिया स्वरूपपुर गांव को 20.92 लाख राज्य और 12.78 लाख 13वें वित्त से मिले। गांव की गलियां कच्ची हैं। ग्रामीणों ने बताया कोई विकास कार्य ही नहीं कराया गया। प्रधान इस्लाम खां नहीं मिले। रुचिन मानिकपुर की प्रधान राजरानी कसबा सिरसागंज जाना बताया। सचिव नरवीश मिश्रा नहीं थे। गांव को 13.80 लाख राज्यवित्त,8.43 लाख 13 वें वित्त से विकास कार्य को मिले। विकास कार्य गांव में कोई नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत समितियों की बैठक तक नही हुई।
विज्ञापन
श्यारमऊरामलाल के प्रधान रामनिवास यादव, सचिव मधु सागर मौजूद मिले। कार्य की गुणवत्ता खराब थी। स्कूल शौचालयों के दरवाजा टूटे थे। स्कूल की बाउंड्री ठीक नहीं होने के कारण आवारा जानवर भ्रमण ही करते मिले। श्यारमऊ हरगनपुर में कार्य ठीक मिले। लेकिन यहां के अभिलेख सचिव मधु सागर नहीं दिखाए। डीपीआरओ ने अभिलेखों को दिखाने के आदेश दिए। नहीं देने पर पंचायत का खाता सीज करने को कहा।
विज्ञापन