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सुबह शाम बस पानी का इंतजाम
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 11 Jun 2015 11:07 PM IST
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फीरोजाबाद। लाखों की आबादी के बीच संसाधनों की कमी। भीषण गर्मी में जल संकट। मूलभूत जरूरत के लिए दिन रात जूझती शहर की जनता। रात के दो बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक पानी का इंतजार। पानी के टैंकर की आहट आते ही आंखें खुलती हैं तो कभी पानी के इंतजार में नींद ही नहीं आती। शाम को चिंता सताती है कि सुबह पानी न आया तो क्या होगा। यह आलम है सुहागनगरी का, जहां के कुछ क्षेत्रों में सुबह के साथ ही पानी के लिए जद्दोजहद शुरू होती है। शहर में तिलक नगर, श्याम नगर, करौला, हिमायूंपुर, खेड़ा मोहल्ला, दखल, महादेव नगर, छोटी छपेटी, गढै़या, कटरा सुनारान समेत आसपास की अन्य कालोनियों में पानी की परेशानी है। शहर की संकरी गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक पानी का संकट कायम है।
फीरोजाबाद। सुहागनगरी में शहर से लेकर गांव तक पानी का संकट बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो हैंडपंप खराब हो गए, टंकियों से घरों को आपूर्ति नहीं होती। शहर में टंकियां बिजली के अभाव में भर नहीं पातीं। लोग पानी की तलाश में पूरी रात भटकने को विवश हैं। पशुओं को पानी पिलाने का भी संकट है, तालाबों में पानी नहीं रहा। इनको भरवाया भी नहीं गया। रजबहा एवं माइनरों में भी पानी नहीं आ रहा। जहां आता है वहां दबंग आगे पानी नहीं जाने देते। नायकपुर के ग्रामीण इसी समस्या को लेकर बुधवार को मुख्यालय आए थे। शहर में पानी रसातल में चला गया है। 350 फीट पर भी पानी मिल जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। पाइप लाइन और अन्य साधनों से पेयजल संकट दूर किया जा रहा है।
तो कैसे भरें पेयजल टंकियां
गर्मी की शुरूआत के साथ ही बिजली का संकट खड़ा हो गया। बिजली के अभाव का ही परिणाम है कि गढ़ैया एवं आगरा गेट की पानी की टंकियां नहीं भर पाती हैं। कभी सदर बाजार के व्यापारी और दुकानदार पानी नहीं आने की समस्या लेकर टंकी चालू नहीं होने देते तो कभी गढ़ैया एवं कटरा क्षेत्र के बाशिंदों के पहुंचने के कारण ऑपरेटर को दिक्कत होती है। बिजली के अभाव में बिना मोटरों के पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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पशुओं के पानी का संकट
तालाब सूख गए, हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया। गांव में पशुओं को पानी पिलाने तक का संकट खड़ा हो गया। आखिर पशुओं को पानी कहां से पिलाएं। कुंआ हैं नहीं। ग्रामीण ट्यूबवेल चलाकर पशुओं के पानी की व्यवस्था करने को विवश हैं।
इन मोहल्लों का हाल बेहाल
पेयजल की आपूर्ति नहीं मिलने के कारण ही सदर बाजार स्थित सराय, कटरा पठानान, कटरा सुनारान व गढ़ैया मोहल्ला, कोटला मोहल्ला, श्यामनगर गड्ढा, करबला व खेड़ा मोहल्ला, दखल, महादेव नगर, नगला भाऊ, हिमायूं पुर, टीला मोहल्ला, चंद्रवार गेट आदि क्षेत्रों में पानी का संकट है।
7500 हैंडपंप रीबोर को धनराशि 450 की मिली
जिले में रीबोर युक्त हैंडपंपों की संख्या 7500 से अधिक हो गई है। लेकिन शासन की ओर से मात्र 450 हैंडपंपों को रीबोर करने को धनराशि दी गई। इनमें लोहिया गांव के हैंडपंपों को ठीक कराने के बाद अन्य गांव के हैंडपंप रीबोर हो सकेगा।
जलनिगम के पास संसाधन
कुल हैंडपंप - 35000
रीबोरयुक्त हैंडपंप - 7500
कुल पाइप पेयजल योजनाएं - 154
ग्राम पंचायत के हवाले योजनाएं - 124
बंद पड़ी पाइप पेयजल योजनाएं - 40
नगर निगम के पास संसाधन
शहर में स्थापित नलकूप - 155
बाहरी क्षेत्रों में स्थापित डीपबोर - 35
कुल पेयजल टंकियां - 25
सीडब्लूआर - 14
कुल टैंकर - 32
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फीरोजाबाद। सुहागनगरी में शहर से लेकर गांव तक पानी का संकट बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो हैंडपंप खराब हो गए, टंकियों से घरों को आपूर्ति नहीं होती। शहर में टंकियां बिजली के अभाव में भर नहीं पातीं। लोग पानी की तलाश में पूरी रात भटकने को विवश हैं। पशुओं को पानी पिलाने का भी संकट है, तालाबों में पानी नहीं रहा। इनको भरवाया भी नहीं गया। रजबहा एवं माइनरों में भी पानी नहीं आ रहा। जहां आता है वहां दबंग आगे पानी नहीं जाने देते। नायकपुर के ग्रामीण इसी समस्या को लेकर बुधवार को मुख्यालय आए थे। शहर में पानी रसातल में चला गया है। 350 फीट पर भी पानी मिल जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। पाइप लाइन और अन्य साधनों से पेयजल संकट दूर किया जा रहा है।
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तो कैसे भरें पेयजल टंकियां
गर्मी की शुरूआत के साथ ही बिजली का संकट खड़ा हो गया। बिजली के अभाव का ही परिणाम है कि गढ़ैया एवं आगरा गेट की पानी की टंकियां नहीं भर पाती हैं। कभी सदर बाजार के व्यापारी और दुकानदार पानी नहीं आने की समस्या लेकर टंकी चालू नहीं होने देते तो कभी गढ़ैया एवं कटरा क्षेत्र के बाशिंदों के पहुंचने के कारण ऑपरेटर को दिक्कत होती है। बिजली के अभाव में बिना मोटरों के पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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पशुओं के पानी का संकट
तालाब सूख गए, हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया। गांव में पशुओं को पानी पिलाने तक का संकट खड़ा हो गया। आखिर पशुओं को पानी कहां से पिलाएं। कुंआ हैं नहीं। ग्रामीण ट्यूबवेल चलाकर पशुओं के पानी की व्यवस्था करने को विवश हैं।
इन मोहल्लों का हाल बेहाल
पेयजल की आपूर्ति नहीं मिलने के कारण ही सदर बाजार स्थित सराय, कटरा पठानान, कटरा सुनारान व गढ़ैया मोहल्ला, कोटला मोहल्ला, श्यामनगर गड्ढा, करबला व खेड़ा मोहल्ला, दखल, महादेव नगर, नगला भाऊ, हिमायूं पुर, टीला मोहल्ला, चंद्रवार गेट आदि क्षेत्रों में पानी का संकट है।
7500 हैंडपंप रीबोर को धनराशि 450 की मिली
जिले में रीबोर युक्त हैंडपंपों की संख्या 7500 से अधिक हो गई है। लेकिन शासन की ओर से मात्र 450 हैंडपंपों को रीबोर करने को धनराशि दी गई। इनमें लोहिया गांव के हैंडपंपों को ठीक कराने के बाद अन्य गांव के हैंडपंप रीबोर हो सकेगा।
जलनिगम के पास संसाधन
कुल हैंडपंप - 35000
रीबोरयुक्त हैंडपंप - 7500
कुल पाइप पेयजल योजनाएं - 154
ग्राम पंचायत के हवाले योजनाएं - 124
बंद पड़ी पाइप पेयजल योजनाएं - 40
नगर निगम के पास संसाधन
शहर में स्थापित नलकूप - 155
बाहरी क्षेत्रों में स्थापित डीपबोर - 35
कुल पेयजल टंकियां - 25
सीडब्लूआर - 14
कुल टैंकर - 32