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नहीं थमा बेबस मजदूरों का कारवां, जिले की सीमा पर रोके कदम

Sun, 17 May 2020 05:54 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 05:54 PM IST
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सिरसागंज मैनपुरी बार्डर पर रेहडी से परिवार को ले जाते प्रवासी मजदूर - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। दूसरे प्रांतों और शहरों से प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला नहीं थम रहा है। हालांकि औरैय की घटना के बाद जिले में प्रवेश करने वाले स्थानों पर चैकपोस्ट बनाकर अनाधिकृत वाहनों से आने-जाने वाले मजदूरों को रोकने की कोशिश शनिवार रात से ही शुरू कर दी गई। रविवार को जिले की सीमा टूंडला और सिरसागंज पर गुजर रहे मजदूरों को रोक लिया गया। परिवहन विभाग ने दोनों स्थानों पर मजदूरों को छोड़ने के लिए बसों की व्यवस्था की। प्रशासन की सख्ती के बाद तपती धूप के साथ गृहस्थी का बोझ लेकर घर के लिए निकले मजदूर हाईवे छोड़ कर संपर्क रास्तों को भी तलाशते नजर आए।
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आठ और नौ माह के बच्चों के साथ तपती धूप में रेहडी से विधूना जा रहे लोग
सिरसागंज। पांच साल से दिल्ली में रहकर सब्जी बेचने वाले विधूना कानपुर के चार परिवार दिल्ली में खाने पीने को मोहताज हो गए तो रेहड़ी पर ही गृहस्थी का सामान रखकर अपने गांव की ओर निकल पडे़। सोना उसकी पत्नी आसमा और चार साल की बेटी श्रद्धा, पंचम उसकी पत्नी रीता चार साल का बेटा पचन, तीन साल की बेटी रिया और गोद में आठ माह की छुटकी। यही हाल उसके गांव के कुमार बाबू का था। इसकी रेहड़ी पर उसकी पत्नी खुशबू और नौ माह का बेटा ऋषि बैठा था। कुमार बाबू ने बताया कि लॉकडाउन के बाद कुछ दिन तक तो उनकी कॉलोनी में खाना आया लेकिन फिर धीरे-धीरे खाने की समस्या आने लगी। प्रशासन सब्जी की ठेल नही लगाने दे रहा था। ऐसे में धीरे-धीरे जमा पूंजी भी खत्म हो गई। इसके बाद सभी ने घर जाने की ठान ली। पंचम ने बताया कि छह दिन पहले वे लोग दिल्ली से निकले हैं और अभी दो दिन घर पहुंचने में और लगेंगे।
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सिरसागंज में फंस गए पश्चिम बंगाल के 11 लोग
सिरसागंज। सिरसागंज पब्लिक स्कूल में बने क्वारंटाइन सेंटर में रुके पश्चिम बंगाल के 11 लोग अभी भी बस के इंतजार में दो दिन से बैठे हैं। पंश्चिम बंगाल के तन्मय चक्रवर्ती ने बताया कि वे बंगाल से पानीपत में मछली का व्यापार करने गए थे लेकिन लॉकडाउन में फंस गए। किसी तरह पानीपत से निकले तो दिल्ली पहुंचे। पैदल दिल्ली पार करने के बाद उन्हें एक ट्रक वाला मिला, जिसने 2500 रुपये प्रति सवारी लेकर बंगाल तक छोड़ने की बात कही लेकिन औरैया में हादसे के बाद पुलिस ने उन्हे ट्रक में बैठकर जाने से मना कर दिया। इसके बाद उन्हें सिरसागंज में रोक लिया गया।
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गुड़गांव से साइकिल से बलिया जा रहे सूरज और गुड्डू
फिरोजाबाद। लॉकडाउन में रोजगार छिन जाने के बाद सूरज और गुड्डू साइकिल से गुड़गांव से अपने गांव बलिया के लिए निकल पडे़। दोनों शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे गुड़गांव से चले थे। रविवार सुबह आठ बजे फिरोजाबाद पहुंचे थे। साइकिल चलाने से थकान मिटाने के लिए दोनों को हाईवे किनारे फुटपाथ पर आराम कर रहे थे।
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